अमेरिका में बैठकर भारत विरोधी गतिविधियां चला रहे गुरपतवंत सिंह पन्नू की फंडिंग का राज अब खुल गया है। यह खुलासा भारत ही नहीं, बल्कि अमेरिका और कनाडा की खुफिया एजेंसियों के भी कान खड़े कर देने वाला है। अलगाववादी संगठन ‘सिख फॉर जस्टिस’ (SFJ) का मुखिया पन्नू, जो यूएस और कनाडा जैसे देशों से भारत विरोधी एजेंडा चलाता है, अपने इन मंसूबों को पूरा करने के लिए एक बेहद खतरनाक रास्ते का इस्तेमाल कर रहा है।
भारत विरोधी एजेंडे का ‘ड्रग कनेक्शन’ उजागर!
एक चौंकाने वाली रिपोर्ट के अनुसार, दुनिया भर में सिख अलगाववादी गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए पन्नू मादक पदार्थों की तस्करी में लिप्त है। उसने कनाडा और अमेरिका में ट्रक चलाने वाले पंजाबी-सिख ड्राइवरों के साथ मिलकर एक बड़ा ड्रग कार्टेल बना लिया है। इस कार्टेल के जरिए उत्तरी अमेरिका में फेंटेनाइल, हेरोइन और कोकीन जैसे नशीले पदार्थों की डिलीवरी करवाई जा रही है। इस अवैध व्यापार से मिलने वाले करोड़ों रुपयों का इस्तेमाल भारत के खिलाफ अभियान चलाने और खालिस्तानी गतिविधियों को बढ़ावा देने में किया जाता है।
कैसे सामने आया यह काला कारनामा?
रिपोर्ट में बताया गया है कि हाल ही में गुरपतवंत सिंह पन्नू ने कनाडा में ट्रक चालक हरजिंदर सिंह से मुलाकात की, जिसके बाद इस पूरे कार्टेल का भंडाफोड़ हुआ। यह घटना स्पष्ट करती है कि SFJ सहित कई खालिस्तानी समूह अपनी अलगाववादी गतिविधियों की फंडिंग के लिए बड़े पैमाने पर मादक पदार्थों की तस्करी कर रहे हैं। इस काले धंधे से मिले पैसों से भारत विरोधी प्रदर्शनों, जनमत संग्रह और अन्य अभियानों को संचालित किया जा रहा है।
सिख समुदाय पर नकारात्मक प्रभाव
यह रिपोर्ट इस बात पर भी जोर देती है कि भारत, अमेरिका, कनाडा और यूके सहित सभी जगहों पर सिख समुदाय के लोग ईमानदार और रचनात्मक जीवन जीते हैं। हालांकि, खालिस्तानी गतिविधियों के कारण उन पर प्रश्नचिह्न उठ जाते हैं, जिससे विश्वास का ढांचा कमजोर होता है। इस तरह की गतिविधियां सिख समुदाय के बारे में नकारात्मक धारणा को बढ़ावा देती हैं, जिससे समुदाय की छवि धूमिल होती है।
हिंसक संगठनों से दूरी बनाने की अपील
रिपोर्ट में सिख समुदाय से अपील की गई है कि वे उन्हीं संगठनों का समर्थन करें, जो हिंसक या अवैध गतिविधियों से न जुड़े हों। उन्हें ऐसे समूहों को बढ़ावा देना चाहिए जो सिख समुदाय की गरिमा, शांति और कल्याण की भावना को बनाए रखते हों। यह सिखों की एक बड़ी जिम्मेदारी है कि वे सावधानीपूर्वक मूल्यांकन करें कि वे किन लोगों को अपना समर्थन दे रहे हैं। विभाजन को बढ़ावा देने वाले या अवैध तरीके से काम करने वाले व्यक्तियों या समूहों का समर्थन करना, चाहे उनकी विचारधारा कुछ भी हो, समुदाय के लिए हानिकारक है।
