बिहार की राजनीतिक गलियारों में इन दिनों Lalu Family से जुड़ा एक नया विवाद सुर्खियों में है। पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव के बड़े बेटे, Tej Pratap Yadav, अपनी नई पार्टी ‘जनशक्ति जनता दल’ (JJD) के पोस्टरों से माता-पिता की तस्वीर गायब होने को लेकर उठे सवालों पर मुखर हुए हैं। उन्होंने न केवल अपनी स्थिति स्पष्ट की है, बल्कि अपने छोटे भाई और राजद नेता Tejashwi Yadav पर भी तीखा हमला बोला है। यह घटना Bihar Politics में एक नया अध्याय जोड़ रही है।
पोस्टर विवाद पर तेज प्रताप का स्पष्टीकरण
शनिवार को मीडिया से बातचीत में Tej Pratap Yadav ने पलटवार करते हुए पूछा कि राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के पोस्टरों से उनके माता-पिता की तस्वीरें क्यों गायब रहती हैं, फिर उनसे सवाल किया जाए। उन्होंने तर्क दिया कि उनके माता-पिता एक अलग राजनीतिक दल से जुड़े हैं, जबकि उन्होंने स्वतंत्र रूप से एक नई पार्टी का गठन किया है। पार्टी के संविधान और नियमों के अनुसार, पोस्टरों पर केवल पार्टी के प्रमुख नेताओं की ही तस्वीरें शामिल की जाती हैं।
उन्होंने राजनीति और व्यक्तिगत जीवन को अलग रखने की वकालत करते हुए कहा कि वे अपने माता-पिता का पूरा सम्मान करते हैं और वे हमेशा उनके दिल में हैं। तस्वीर का होना या न होना कोई बड़ी बात नहीं है। यह बयान Lalu Family के भीतर की राजनीतिक खींचतान को उजागर करता है।
तेजस्वी पर सीधा निशाना, ‘जयचंद’ का जिक्र
अपने छोटे भाई Tejashwi Yadav पर सीधा निशाना साधते हुए, तेज प्रताप ने कहा कि तेजस्वी की होर्डिंग्स और पोस्टरों में भी लालू-राबड़ी की तस्वीरें नहीं होतीं। उन्होंने तल्ख लहजे में कहा कि ऐसे में सवाल ‘जयचंद’ से जाकर पूछा जाना चाहिए। यह टिप्पणी Bihar Politics में आरोप-प्रत्यारोप के एक नए दौर की शुरुआत मानी जा रही है।
‘जनशक्ति जनता दल’ और आगामी विधानसभा चुनाव
हाल ही में Tej Pratap Yadav ने अपनी नई राजनीतिक इकाई, Jan Shakti Janata Dal (JJD) की घोषणा की है। उन्होंने यह भी ऐलान किया है कि आगामी बिहार विधानसभा चुनाव में वे इसी पार्टी के बैनर तले उतरेंगे। पार्टी का चुनाव चिन्ह ‘ब्लैक बोर्ड’ तय किया गया है। सोशल मीडिया पर जारी किए गए इन पोस्टरों से लालू प्रसाद यादव की तस्वीर नदारद होने के कारण राज्य की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। यह घटना Lalu Family के भीतर के आंतरिक संघर्ष को और गहरा कर रही है।
तेज प्रताप का यह कदम न केवल Bihar Politics में नए समीकरणों को जन्म दे रहा है, बल्कि Lalu Family के राजनीतिक भविष्य को लेकर भी कई सवाल खड़े कर रहा है। आने वाले समय में देखना होगा कि इस नए राजनीतिक घटनाक्रम का राज्य की सियासत पर क्या असर पड़ता है।
