समाजवादी पार्टी के प्रमुख Akhilesh Yadav आज रामपुर में पार्टी के कद्दावर नेता आजम खान से उनके आवास पर मुलाकात करने पहुंचे। 23 महीने जेल में रहने के बाद आजम खान की रिहाई के बाद यह दोनों नेताओं की पहली मुलाकात है, जिसने उत्तर प्रदेश की राजनीति में जबरदस्त हलचल मचा दी है। इस मुलाकात को लेकर सियासी गलियारों में कई तरह की चर्चाएं तेज हो गई हैं।
मुलाकात का सियासी महत्व
यह मुलाकात ऐसे समय में हो रही है जब बहुजन समाज पार्टी (BSP) द्वारा कांशीराम की पुण्यतिथि पर एक बड़ी रैली आयोजित की जा रही है। राजनीतिक विश्लेषक इस बैठक को BSP में आजम खान के संभावित प्रवेश की अटकलों पर विराम लगाने के प्रयास के रूप में देख रहे हैं। हालांकि, आजम खान खुद सार्वजनिक रूप से किसी अन्य दल में शामिल होने की बात से इनकार कर चुके हैं। इस मीटिंग का Rampur Politics पर गहरा असर पड़ना तय है।
Akhilesh Yadav का कार्यक्रम
प्राप्त जानकारी के अनुसार, Akhilesh Yadav सुबह करीब 10.30 बजे अमौसी एयरपोर्ट से एक निजी विमान द्वारा बरेली के लिए रवाना हुए। बरेली से वे कार द्वारा रामपुर पहुंचे, जहां दोपहर लगभग 12.30 बजे उनकी आजम खान से मुलाकात निर्धारित है। यह मुलाकात लगभग एक घंटे की प्रस्तावित है। इसके बाद वे 1.30 बजे रामपुर से निकलकर बरेली एयरपोर्ट पहुंचेंगे और वहां से निजी हेलीकॉप्टर से दोपहर 3.30 बजे तक लखनऊ लौटेंगे।
क्यों खास है यह मुलाकात?
आजम खान Samajwadi Party के संस्थापक सदस्यों में से एक रहे हैं और वे दिवंगत मुलायम सिंह यादव के बेहद करीबी माने जाते थे। प्रदेश में मुस्लिम समाज में आजम खान की अच्छी पकड़ है और उनका Muslim Vote Bank पर काफी प्रभाव है। आजम के BSP में जाने की अटकलों के बाद से ही Muslim Vote Bank में सेंधमारी की चर्चाएं जोर पकड़ रही थीं, जिससे सभी राजनीतिक दलों की नजरें इस मुलाकात पर टिकी हैं। यह माना जा रहा है कि Akhilesh Yadav इस मुलाकात के जरिए यह संदेश देना चाहते हैं कि दोनों नेताओं के रिश्तों में कोई खटास नहीं है और Samajwadi Party अभी भी आजम खान के साथ खड़ी है।
आजम खान की प्रतिक्रिया
Akhilesh Yadav के रामपुर आगमन पर आजम खान ने अपनी चिर-परिचित व्यंगात्मक शैली में प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा, "सुना है आ रहे हैं, आप लोगों से ही सुना है…। आ रहे हैं, अच्छी बात है। मेरी सेहत के बारे में हालचाल लेंगे। मुझसे मिलने आ रहे हैं। मुझसे ही मिलेंगे और सिर्फ मुझसे ही। यह उनका बड़प्पन है कि एक बकरी चोर-भैंस चोर से मिलने आ रहे हैं।" उनकी यह टिप्पणी भी राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बनी हुई है।
इस हाई-प्रोफाइल मुलाकात के बाद उत्तर प्रदेश की राजनीति में क्या नए समीकरण बनेंगे, यह देखना दिलचस्प होगा। सभी की निगाहें इस बात पर हैं कि यह बैठक आजम खान के भविष्य की राजनीतिक दिशा और Samajwadi Party की रणनीति को किस तरह प्रभावित करती है।
