करीब 23 महीने जेल में बिताने के बाद समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता Azam Khan जमानत पर बाहर आ गए हैं। उनकी रिहाई के बाद से ही राजनीतिक गलियारों में उनके अगले कदम को लेकर अटकलें तेज हो गई थीं। क्या वह Samajwadi Party का दामन छोड़ेंगे? क्या वे BSP या किसी अन्य दल में शामिल होंगे? इन सभी सवालों के जवाब उन्होंने बुधवार को रामपुर में मीडिया से मुखातिब होते हुए दिए।
BSP में शामिल होने की अटकलों पर Azam Khan का दो टूक जवाब
रामपुर में कार्यकर्ताओं से मुलाकात के बाद Azam Khan ने मीडिया से बात की और सबसे पहले BSP में शामिल होने की अटकलों पर विराम लगाया। उन्होंने साफ कहा, ‘मैं चरित्र वाला आदमी हूं। मैं इतना बेवकूफ नहीं हूं।’ इस बयान से उन्होंने उन सभी अफवाहों को खारिज कर दिया जिनमें उनके BSP में जाने की बात कही जा रही थी। Azam Khan ने इस दौरान बेहद सधे हुए अंदाज में जवाब दिए, जिससे नई चर्चाओं को जन्म देने से बचा जा सके।
Akhilesh Yadav पर सधे हुए बयान, नाराजगी नहीं आभार
जब पत्रकारों ने Samajwadi Party के राष्ट्रीय अध्यक्ष Akhilesh Yadav को लेकर सवाल किए, तो Azam Khan ने बेहद सधे हुए अंदाज में जवाब दिया। उन्होंने कहा, ‘वो बड़े नेता हैं। बड़ी पार्टी के नेता हैं। मैं उनका शुक्रगुज़ार हूं कि उन्होंने मेरे बारे में बात की।’ उनसे जब पूछा गया कि Samajwadi Party के इतने बड़े नेता जेल से बाहर आए और कोई बड़ा नेता उनसे मिलने या लेने नहीं आया, तो उन्होंने कहा, ‘नहीं नहीं.. मैं बड़ा आदमी नहीं, बड़ा खादिम हूं। मुझे सोचने का वक़्त नहीं मिला कि मैं आया हूं या नहीं। मैं एक छोटा आदमी हूं, ऐसी बड़ी-बड़ी बातें नहीं सोचता।’ उन्होंने यह भी कहा कि जो नेता उनसे मिलने नहीं आए, वे चाहते हैं कि वे खुश और समृद्ध रहें। इन बयानों से यह स्पष्ट होता है कि Azam Khan ने ऊपरी तौर पर कोई सीधी नाराजगी जाहिर नहीं की, लेकिन संकेतों में काफी कुछ कह दिया।
Azam Khan के अन्य अहम बयान
मीडिया से बातचीत के दौरान Azam Khan ने कई अन्य महत्वपूर्ण बातें भी कहीं, जो Uttar Pradesh politics में उनके अगले कदम का संकेत हो सकती हैं:
- ST Hasan के टिकट पर: ‘जब मैं अपने आदमी को टिकट नहीं दिला पाया, तो उसका टिकट कैसे काट सकता हूं?’
- मोबाइल चलाने पर: ‘पांच साल जेल में रहने के बाद मैं मोबाइल चलाना भूल गया हूं। अब मुझे सिर्फ अपनी पत्नी का नंबर याद है।’
- अपनी पहचान पर: ‘पूरे भारत में जो लोग मुझे नहीं जानते थे, वो मुझे अब इन केसों की वजह से जानने लगे हैं।’
- जेल के अनुभव पर: ‘पांच साल मैंने एक छोटे से जेल सेल में गुज़ारे हैं। अब मैं किसी का इंतज़ार नहीं कर सकता।’
- न्याय पर: ‘मेरे खिलाफ दर्ज केस रद्द करने की जरूरत नहीं है, मुझे सुप्रीम कोर्ट से इंसाफ मिलेगा।’
- Akhilesh से संबंध: ‘Akhilesh मेरे उतने ही करीब हैं, जितने नेताजी (मुलायम सिंह यादव) थे।’
कुल मिलाकर, Azam Khan ने फिलहाल किसी भी बड़े सियासी बदलाव का संकेत नहीं दिया है। उन्होंने अपने बयानों से जहां BSP में जाने की अटकलों पर विराम लगाया, वहीं Akhilesh Yadav और Samajwadi Party के प्रति अपने दृष्टिकोण को भी स्पष्ट किया है। आने वाले समय में Uttar Pradesh politics में उनका अगला कदम क्या होगा, यह देखना दिलचस्प होगा।
