प्रयागराज में दिल दहला देने वाली एक घटना सामने आई है, जहाँ पुलिस की कथित लापरवाही ने एक हंसते-खेलते परिवार की खुशियों पर ग्रहण लगा दिया। सराय ममरेज थाना क्षेत्र के बघेड़ी गाँव में एक विवाहिता ने चोरी की रिपोर्ट दर्ज न होने के सदमे में आकर अपनी जीवनलीला समाप्त कर ली। इस घटना ने पूरे इलाके को स्तब्ध कर दिया है और पुलिस प्रशासन पर कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। यह एक गंभीर Prayagraj suicide का मामला है जिसने न्याय व्यवस्था की खामियों को उजागर किया है।
चोरी की वारदात और पुलिस की कथित अनदेखी
जानकारी के अनुसार, बघेड़ी गाँव की रहने वाली आरती के घर में 20 सितंबर की रात अज्ञात बदमाशों ने सेंधमारी की थी। बदमाशों ने आरती के कमरे से लगभग सात लाख रुपये कीमत के सोने-चांदी के जेवरात पर हाथ साफ कर दिया था। परिवार ने तत्काल पुलिस को चोरी की सूचना दी और तहरीर भी दी, लेकिन आरोप है कि पुलिस ने घटना की गंभीरता को समझते हुए भी समय रहते theft case दर्ज नहीं किया।
आरती का मानसिक सदमा और बिगड़ती स्थिति
चोरी की वारदात और पुलिस की कथित अनदेखी ने आरती को गहरे सदमे में डाल दिया। परिजनों के मुताबिक, रिपोर्ट दर्ज न होने के कारण वह लगातार तनाव में रहने लगी थी। वह अक्सर रोती रहती थी और कई बार तो बेहोश भी हो जाती थी। इस Aarti suicide की घटना का मुख्य कारण परिवार द्वारा पुलिस की police negligence बताई जा रही है। मानसिक रूप से टूट चुकी आरती न्याय की उम्मीद में थी, लेकिन जब उसे कोई राह नहीं दिखी तो उसने यह दुखद कदम उठा लिया।
आत्महत्या का दुखद कदम
सोमवार सुबह आरती ने अपने कमरे में खुद को अंदर से बंद कर लिया और फांसी लगाकर अपनी जान दे दी। जब काफी देर तक वह कमरे से बाहर नहीं आई तो उसकी सास ने दरवाजा खटखटाया। अंदर से कोई जवाब न मिलने पर परिजनों और ग्रामीणों ने पुलिस को सूचना दी। पुलिस की मौजूदगी में दरवाजा तोड़ा गया तो अंदर आरती का शव फंदे से लटका हुआ पाया गया। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
परिजनों के आरोप और ग्रामीणों की नाराजगी
परिजनों का आरोप है कि पुलिस ने चोरी की घटना का मुकदमा विवाहिता की मौत के दो घंटे बाद दर्ज किया। ग्रामीणों में इस बात को लेकर भारी नाराजगी है। उनका कहना है कि यदि पुलिस ने समय रहते तहरीर पर theft case दर्ज कर कार्रवाई की होती, तो शायद आरती की जान बच सकती थी। यह घटना UP crime news में एक बड़ी हेडलाइन बन चुकी है, और लोग पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठा रहे हैं।
पुलिस का स्पष्टीकरण
इस मामले में पुलिस का कहना है कि विवाहिता की आत्महत्या की सूचना मिलते ही वे तत्काल मौके पर पहुंचे थे और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। पुलिस के अनुसार, चोरी की तहरीर पर बाद में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है और आगे की कार्रवाई की जा रही है।
अंतिम संस्कार और न्याय की मांग
सोमवार शाम पोस्टमार्टम के बाद परिजनों ने आरती का अंतिम संस्कार हंडिया के लाक्षागृह घाट पर कर दिया। इस हृदय विदारक घटना के बाद पूरे इलाके में न्याय की मांग और पुलिस प्रशासन के खिलाफ रोष की लहर दौड़ गई है। लोग निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
