देश की राजधानी Delhi के ऐतिहासिक और भीड़भाड़ वाले इलाके Chandni Chowk में अब व्यवस्था सुधारने का बिगुल बज चुका है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने चांदनी चौक संसदीय क्षेत्र का प्रभार संभालने के बाद पहली बार इस इलाके का दौरा किया। ‘स्वच्छता ही सेवा’ अभियान के तहत उन्होंने न सिर्फ झाड़ू लगाकर स्वच्छ Delhi का संदेश दिया, बल्कि चांदनी चौक की बदहाली देखकर अधिकारियों को कड़ी फटकार भी लगाई। उनका यह दौरा Urban Planning और स्थानीय प्रशासन की कार्यशैली पर कई सवाल खड़े कर गया।
मुख्य मुद्दे: बदहाल स्वच्छता और अव्यवस्था
मुख्यमंत्री के निरीक्षण के दौरान टूटे डस्टबिन, कूड़े के ढेर, फुटपाथ और सड़कों पर गहरे गड्ढे देखकर उन्होंने अधिकारियों के प्रति गहरी नाराजगी व्यक्त की। गौरतलब है कि मुख्यमंत्री के दौरे के मद्देनजर लोक निर्माण विभाग (PWD) और नगर निगम (MCD) के अधिकारी व कर्मचारी बुधवार रात से ही चांदनी चौक को स्वच्छ करने में जुटे हुए थे, और बृहस्पतिवार को कोई अतिक्रमण भी नजर नहीं आया था। इसके बावजूद मुख्यमंत्री ने कई खामियां पाईं, जो यह दर्शाता है कि स्थायी व्यवस्था में कमी है। Swachh Bharat Abhiyan के तहत चल रहे प्रयासों को जमीनी स्तर पर और मजबूत करने की आवश्यकता है।
स्थानीय निवासियों की शिकायतें: बैरियर और बोलार्ड का पेच
निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री दरीबा कलां की गली के बाहर पहुंचीं तो स्थानीय निवासियों ने बूम बैरियर और बोलार्ड (Bollards) से रास्ता बंद किए जाने का मुद्दा उठाया। उन्होंने बताया कि इन अवरोधों के कारण उन्हें पैदल आने-जाने में भारी दिक्कत होती है, खासकर महिलाओं और बच्चों को। मुख्यमंत्री ने भी अवरोधों की व्यवहारिकता पर सवाल उठाते हुए कहा, “यहां से महिलाएं कैसे झुककर निकलेंगी? बोलार्ड ऐसे स्थान पर लगाया हुआ है जिससे पैदल आना-जाना संभव नहीं। जबकि यहां हजारों लोगों की मौजूदगी रहती है। उसमें कोई हादसा हो गया तो फिर क्या होगा?” साथ में मौजूद स्थानीय सांसद प्रवीन खंडेलवाल और अन्य भाजपा नेताओं ने भी इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाया। मुख्यमंत्री ने तत्काल PWD अधिकारियों से इन्हें लगाने के कारणों पर रिपोर्ट सौंपने और एक व्यावहारिक हल निकालने को कहा, जिससे मुख्य मार्ग पर वाहन भी न आएं और लोगों को पैदल आने-जाने में परेशानी न हो। यह एक महत्वपूर्ण Urban Planning चुनौती है जिसका समाधान खोजना होगा।
अधिकारियों को कड़े निर्देश: सुधार की नई राह
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने अधिकारियों को कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए। उन्होंने लोक निर्माण विभाग और जल बोर्ड अधिकारियों को तुरंत सड़क किनारे की नालियों की सफाई, सड़क की रंगीन बनावट ठीक करवाने, सेंट्रल वर्ज पर सफाई व हरियाली बढ़ाने और सभी स्ट्रीट लाइटों को दशहरे तक ठीक कराने का निर्देश दिया। इसी तरह, MCD उपायुक्त और पुलिस अधिकारियों को रेहड़ी-पटरी वालों का अतिक्रमण हटाने, रिक्शों पर लगाम लगाने और दिन में कम से कम तीन बार सफाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। स्थानीय निवासियों की शिकायत पर मुख्यमंत्री ने नगर निगम के शहरी क्षेत्र उपायुक्त को रामलीला की शोभायात्रा के आगे सफाई सुनिश्चित करने और रिक्शों की संख्या कम करने के भी निर्देश दिए। ये सभी कदम Delhi की बेहतर व्यवस्था के लिए अत्यंत आवश्यक हैं।
पुनर्विकास और सांस्कृतिक पहचान की मांग
इस अवसर पर सांसद प्रवीन खंडेलवाल ने मुख्यमंत्री से शाहजहांबाद पुनर्विकास निगम (SRDC) का कार्यक्षेत्र बढ़ाने और उसका नाम ‘इंद्रप्रस्थ पुनर्विकास बोर्ड’ रखने की मांग की। वहीं, चांदनी चौक नागरिक मंच के पदाधिकारियों ने ‘चांदनी चौक महोत्सव’ के आयोजन का अनुरोध किया। ये मांगें इस Heritage Site की सांस्कृतिक पहचान को और मजबूत करने और इसके पुनर्विकास के दायरे को बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण हैं।
मुख्यमंत्री का संदेश: धरोहर की सुरक्षा, जागरूकता की अपील
मुख्यमंत्री ने अपने दौरे से पहले झाड़ू लगाई और जमा कूड़ा उठाया। बाद में उन्होंने कहा कि Chandni Chowk का यह इलाका हमारा धरोहर क्षेत्र है। लाखों लोग यहां आते हैं और व्यावसायिक संगठनों के लिए भी यह बहुत महत्वपूर्ण स्थान है। त्योहारों के दौरान यहां सफाई और भी जरूरी हो जाती है। उन्होंने जोर देकर कहा कि यहां सफाई को बेहतर बनाने की जरूरत है, क्योंकि जगह-जगह कूड़ेदान टूटे हुए हैं और ग्रिलें भी खराब हैं। उन्होंने अधिकारियों के साथ व्यवस्थाओं की समीक्षा की और सुधार के निर्देश दिए। साथ ही उन्होंने दुकानदारों को भी सजग रहने और स्वच्छता में अपनी भूमिका निभाने की आवश्यकता पर बल दिया। Delhi के इस महत्वपूर्ण ऐतिहासिक और व्यावसायिक केंद्र को स्वच्छ और सुव्यवस्थित रखना सबकी जिम्मेदारी है।
