इंदौर शहर में जल्द ही ट्रकों की आवाजाही रुक सकती है, जिससे बाजारों और मंडियों में आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति पर गहरा संकट मंडरा रहा है। ट्रकों पर की जा रही लगातार कार्रवाई से नाराज ट्रांसपोर्टर्स औरtruck owners ने बुधवार को एक महत्वपूर्ण बैठक बुलाई है, जिसमें आपूर्ति रोकने जैसा बड़ा फैसला लिया जा सकता है। यदि ऐसा हुआ तो, आगामी त्योहारी मौसम में शहरवासियों को आवश्यक वस्तुओं की किल्लत का सामना करना पड़ सकता है।
आखिर क्या है पूरा मामला?
यह स्थिति हाल ही में बड़े गणपति पर हुए एक ट्रक हादसे के बाद उत्पन्न हुई है। इस घटना के बाद से ही पुलिस ने शहर में प्रवेश करने वाले ट्रकों पर सख्त कार्रवाई शुरू कर दी है। ट्रांसपोर्ट कारोबारियों का कहना है कि पुलिस मनमाने तरीके से शहर की मंडियों, Indore transport नगर और औद्योगिक क्षेत्रों में माल ले जा रहे ट्रकों को भी रोक रही है। हर एक ट्रक पर 5 हजार रुपये से लेकर 45 हजार रुपये तक का भारी दंड लगाया जा रहा है।
ऑल इंडिया ट्रांसपोर्ट कांग्रेस के सीएल मुकाती के अनुसार, इस मनमानी कार्रवाई से कारोबार ठप होने की कगार पर है। बीते दिनों पोलोग्राउंड औद्योगिक क्षेत्र के उद्योगपतियों ने भी पुलिस आयुक्त से शिकायत की थी, लेकिन उनकी सुनवाई नहीं हुई।
ट्रांसपोर्टर्स की मांग, पुलिस का जवाब
ट्रांसपोर्टर्स ने प्रशासन से मांग की है कि कम से कम मंडी, औद्योगिक क्षेत्र और ट्रांसपोर्ट नगर वाले रूट्स को नोटिफाई किया जाए, ताकि आवश्यक वस्तुओं का goods movement बिना किसी बाधा के हो सके। हालांकि, पुलिस अधिकारियों ने इस पर अपनी असमर्थता जताते हुए कहा है कि उन्हें ट्रकों की एंट्री पूरी तरह रोकने और कार्रवाई करने के ही स्पष्ट आदेश मिले हैं। एससीपी ट्रेफिक हिंदूसिंह मुवेल से ट्रांसपोर्ट कारोबारियों की मंगलवार को चर्चा हुई, जिसमें भी कोई समाधान नहीं निकल सका।
आगामी बैठक और संभावित निर्णय
बुधवार को बुलाई गई ट्रांसपोर्टरों की बैठक में इस गंभीर स्थिति पर विस्तार से चर्चा की जाएगी। ट्रांसपोर्ट संचालकों का कहना है कि माल से भरे ट्रकों को लगातार रोका जा रहा है, जिससे न केवल इंदौर के ऑपरेटर बल्कि बाहर से माल भेजने वाले भी शिकायत कर रहे हैं। इस माहौल में supply chain का सुचारु संचालन संभव नहीं है।
सभी की सहमति बनने पर ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन एक सर्कुलर जारी करने की तैयारी कर रहा है, जिसमें देशभर के ट्रांसपोर्टरों से इंदौर के लिए माल की बुकिंग नहीं करने का आग्रह किया जाएगा।
शहर पर क्या होगा असर?
यदि ट्रांसपोर्टर्स अपने फैसले पर कायम रहते हैं और ट्रकों की आवाजाही रुक जाती है, तो शहर के प्रमुख बाजारों में आवश्यक वस्तुओं जैसे अनाज, फल, सब्जियां और अन्य उपभोक्ता सामानों की आपूर्ति बाधित हो जाएगी। इसका सीधा असर आम जनता पर पड़ेगा, खासकर festive season के दौरान जब मांग अपने चरम पर होती है। इसके साथ ही, स्थानीय व्यापार और औद्योगिक गतिविधियों को भी भारी नुकसान होने की आशंका है।
