दक्षिण दिल्ली की एक महत्वपूर्ण सड़क, `Press Enclave Road`, इन दिनों गंभीर `Delhi Traffic` जाम की चपेट में है। अरबिंदो मार्ग से लाल बहादुर शास्त्री मार्ग को जोड़ने वाली यह सड़क हज़ारों लोगों के लिए रोज़ाना की परेशानी का सबब बन गई है। अनुमान है कि 50,000 से भी ज़्यादा वाहन चालक प्रतिदिन इस सड़क पर जाम का सामना करते हैं, जिससे उनका सफर नरक बन जाता है। त्योहारों के दौरान तो स्थिति और भी भयावह हो जाती है।
जाम का मुख्य कारण: अनियंत्रित अतिक्रमण
इस भीषण जाम का मुख्य कारण सड़क के किनारे बढ़ता `Encroachment` है। खिड़की एक्सटेंशन और हौज रानी के सामने की स्थिति सबसे गंभीर है, जहाँ मकानों और दुकानों ने सरकारी ज़मीन पर सड़क तक अतिक्रमण कर रखा है। 100 से ज़्यादा संपत्तियाँ सरकारी ज़मीन पर अवैध रूप से फैली हुई हैं, जिससे सड़क की चौड़ाई आधी रह गई है। दुकानों पर खरीदारी करने वाले लोग भी अपनी गाड़ियाँ सड़क पर खड़ी कर देते हैं, जिससे समस्या और बढ़ जाती है।
अवैध पार्किंग: समस्या को और गंभीर बनाती
`Illegal Parking` इस `Delhi Traffic` समस्या को और भी जटिल बना देती है। लाल बहादुर शास्त्री मार्ग से अरबिंदो मार्ग जाने वाली सड़क पर स्थित साकेत कोर्ट के सामने सुबह से ही वाहनों की कतार लग जाती है। इसके अलावा, साकेत स्थित मैक्स सुपरस्पेशलिटी अस्पताल के सामने भी `Illegal Parking` एक बड़ी चुनौती है, जहाँ लगभग 80 प्रतिशत वाहन अस्पताल आने वाले मरीज़ों और उनके परिजनों के होते हैं। पास के तीन बड़े मॉल्स के सामने भी गाड़ियाँ अक्सर सड़क पर खड़ी रहती हैं, जिससे कभी-कभी एक किलोमीटर तक लंबा जाम लग जाता है।
अतीत के प्रयास और जनता की मांग
स्थानीय लोग इस समस्या से बेहद परेशान हैं। जानकारी के अनुसार, शीला दीक्षित सरकार के दौरान अतिक्रमण हटाने की कोशिश की गई थी, लेकिन विरोध के बाद दस्ते को लौटना पड़ा। उसके बाद, न तो कांग्रेस और न ही आम आदमी पार्टी की दस साल पुरानी सरकार ने इस दिशा में कोई ठोस कदम उठाया। खिड़की गाँव और आसपास के क्षेत्र के RWF फेडरेशन ने मुख्यमंत्री के समक्ष आउटर रिंग रोड पर मेट्रो एन्क्लेव से स्वामी नगर तक सड़क बनाने की मांग की है। `Road Widening` की मांग भी जोर पकड़ रही है।
विशेषज्ञों द्वारा सुझाए गए समाधान
विशेषज्ञों का मानना है कि इस समस्या से निजात पाने के लिए दोहरी रणनीति अपनानी होगी:
1. तात्कालिक उपाय: कठोर प्रवर्तन
`Traffic Police` को अस्थायी अतिक्रमण हटाने के नियमों का सख्ती से पालन करना चाहिए और सड़क पर वाहनों की पार्किंग पर पूरी तरह प्रतिबंध लगाना चाहिए। अदालतों, अस्पतालों, मॉल या दुकानों पर आने वाले वाहनों को सड़क पर पार्क करने की अनुमति नहीं देनी चाहिए और उल्लंघन करने वालों का चालान कर उन्हें टो किया जाना चाहिए।
2. स्थायी समाधान: अतिक्रमण का सफाया और सड़क चौड़ीकरण
स्थायी अतिक्रमणों को हटाना अत्यंत आवश्यक है। इसके तहत, सरकारी ज़मीन पर अवरोध पैदा करने वाली दुकानों या मकानों को ध्वस्त किया जाना चाहिए। जनता को विश्वास में लेकर यह कार्रवाई की जानी चाहिए। `Road Widening` से इस क्षेत्र के लोगों को बड़ी राहत मिलेगी।
विशेषज्ञों की राय
एस. वेलुमुरुगन, वरिष्ठ वैज्ञानिक, केंद्रीय सड़क अनुसंधान संस्थान (CRRI) का कहना है, “दिल्ली में सड़क `Encroachment` एक बड़ी समस्या है। मैं कई बार `Press Enclave Road` पर `traffic jam` में फँस चुका हूँ। इस जाम को कम करने के लिए हौज़ रानी के पास `Road Widening` ज़रूरी है। सरकार को इस संबंध में सख्त कदम उठाने होंगे।”
दिनेश कुमार, पूर्व मुख्य अभियंता, लोक निर्माण विभाग (PWD) के अनुसार, “`Press Enclave Road` एक महत्वपूर्ण सड़क है। पिछले कुछ वर्षों में इस सड़क पर यातायात में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। 15 साल पहले इस सड़क को चौड़ा करने की बात हुई थी और योजना भी बनी थी, लेकिन बाद में सब कुछ ठंडे बस्ते में चला गया।”
निष्कर्ष: दक्षिण दिल्ली की जीवनरेखा को गति देने की आवश्यकता
`Press Enclave Road` पर बढ़ता `Encroachment` और `Illegal Parking` न केवल `Delhi Traffic` को बाधित कर रहा है, बल्कि हज़ारों लोगों के जीवन को भी प्रभावित कर रहा है। `Road Widening` और कठोर प्रवर्तन जैसे कदम उठाकर ही इस महत्वपूर्ण सड़क को सुचारु बनाया जा सकता है। सरकार को इस दिशा में तुरंत और प्रभावी कदम उठाने की आवश्यकता है ताकि दक्षिण दिल्ली की यह लाइफलाइन फिर से गति पकड़ सके और क्षेत्र के निवासियों को जाम से मुक्ति मिल सके।
