नवरात्र के पावन पर्व के साथ ही सोमवार से देश भर में भगवान श्रीराम की लीलाओं के भव्य मंचन की शुरुआत हो गई है। शहर से लेकर गांवों तक दर्जनों स्थानों पर रामलीला का आयोजन किया जा रहा है, जो न केवल हमारी पारंपरिक संस्कृति का अभिन्न अंग है, बल्कि समाज में भक्ति, संस्कार और एकता का संदेश भी प्रवाहित करता है। यह एक अद्भुत cultural event है जो पीढ़ियों से चला आ रहा है और लोगों को मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम के जीवन से जोड़ता है।
रामलीला के पहले दिन की प्रमुख लीलाएं
रामलीला के मंचन के पहले दिन विभिन्न स्थानों पर श्रीराम जन्म, सीता जन्म, नारद मोह, और जय विजय को श्राप जैसी महत्वपूर्ण लीलाओं का मंचन किया जाएगा। दर्शक इन पौराणिक कथाओं को जीवंत होते देख सकेंगे और भगवान श्रीराम के जीवन के शुरुआती अध्यायों से जुड़ पाएंगे। यह devotional play हर साल भक्तों को आकर्षित करता है और उन्हें आध्यात्मिक शांति प्रदान करता है।
ऐशबाग रामलीला: विरासत का मंचन
शहर की सबसे पुरानी और प्रतिष्ठित रामलीला में से एक, श्री रामलीला समिति ऐशबाग की ओर से आयोजित रामलीला का शुभारंभ सोमवार सुबह गणेश पूजन के साथ हुआ। इसके बाद, रामलीला में अभिनय करने वाले कलाकारों का पूजन किया गया, जो भारतीय परंपरा में कला और कलाकार के सम्मान को दर्शाता है। दोपहर में सुंदरकांड का पाठ हुआ, जिससे वातावरण भक्तिमय हो गया। शाम को भव्य Ramlila का मंचन शुरू हुआ, जिसमें नारद जी द्वारा तपस्या करने से लेकर नारद जी का अहंकार भंग करने तक की लीला दर्शकों को दिखाई गई, जिसने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।
चिनहट और आलमबाग: भक्ति के रंग
श्री जीवन सुधार रामायणी सभा की ओर से आयोजित चिनहट की रामलीला में भी गणेश पूजन के साथ पर्दा उठा। यहां पहले दिन जय विजय को श्राप की कथा का मार्मिक मंचन किया गया। वहीं, आलमबाग में रेलवे रामलीला दशहरा कमेटी की रामलीला भी सोमवार से शुरू हो गई। इस आयोजन में रामावतार की भविष्यवाणी, रावण-वेदवती संवाद, और प्रभु रामजन्म व मां सीता के जन्म की मनमोहक लीलाएं प्रस्तुत की गईं। यह त्योहार Navratri के साथ मिलकर एक खास आध्यात्मिक अनुभव प्रदान करता है, जहां हर तरफ भक्ति का माहौल है।
अन्य प्रमुख आयोजन: हर ओर श्रीराम की गाथा
चौक के लोहिया पार्क में श्री पब्लिक बाल रामलीला समिति द्वारा आयोजित रामलीला में पहले दिन गणेश पूजन के साथ नारद मोह व मनु-शतरूपा तप तक की लीला का मंचन किया गया। रूपपुर खदरा की श्री जनता रामलीला में भी गणेश पूजन और रामलीला मंचन का उद्घाटन समारोह धूमधाम से आयोजित हुआ। डालीगंज में श्री मौसमगंज रामलीला एवं नाट्य समिति अपने 146वें वार्षिकोत्सव के प्रथम दिन शिव-पार्वती संवाद से लेकर श्रीराम जन्म व मां सीता के जन्म तक की लीला का भव्य मंचन कर रही है। ये सभी मंचन Shri Ram stories को जन-जन तक पहुंचाते हैं और हमारी सांस्कृतिक धरोहर को समृद्ध करते हैं।
यह नवरात्र का पावन समय हमें श्रीराम के आदर्शों और जीवन मूल्यों को स्मरण करने का अवसर देता है। इन रामलीला आयोजनों के माध्यम से समाज में धर्म, संस्कृति और नैतिकता का संचार होता है, जो आने वाली पीढ़ियों के लिए भी प्रेरणा का स्रोत बनते हैं। इन दिव्य लीलाओं को देखने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु उमड़ रहे हैं, जो हमारी समृद्ध परंपरा और अटूट आस्था का प्रतीक है।
