ऑस्कर्स 2026 (Oscars 2026) में भारत की तरफ से एक नई उम्मीद जगी है। ईशान खट्टर (Ishaan Khatter), जाह्नवी कपूर (Janhvi Kapoor) और विशाल जेठवा अभिनीत फिल्म ‘होमबाउंड’ (Homebound) को बेस्ट इंटरनेशनल फीचर फिल्म कैटेगरी में भारत की ऑफिशियल एंट्री के तौर पर चुना गया है। यह पल भारतीय सिनेमा के लिए गर्व और उत्साह से भरा है, क्योंकि ‘होमबाउंड’ ने कुल 24 अन्य फिल्मों को पीछे छोड़कर यह प्रतिष्ठित स्थान हासिल किया है।
‘होमबाउंड’ की ऑस्कर दौड़ में एंट्री: एक बड़ा कदम
करण जौहर और अदर पूनावाला द्वारा निर्मित तथा नीरज घायवान निर्देशित ‘होमबाउंड’, भारतीय सिनेमा की विविधता और गहराई को प्रदर्शित करती है। यह फिल्म अपनी मजबूत कहानी और प्रभावशाली प्रदर्शन के कारण जूरी का दिल जीतने में सफल रही। इस India’s Oscar Entry से देशभर में उत्साह का माहौल है और सभी को उम्मीद है कि यह फिल्म इतिहास रचेगी।
मार्मिक कहानी जो छू जाती है दिल
‘द न्यूयॉर्क टाइम्स’ के लेख ‘टेकिंग अमृत होम’ से प्रेरित, ‘होमबाउंड’ (Homebound) भारत में जातिगत रूढ़ियों के चलते दो दोस्तों के संघर्ष की मार्मिक कहानी बताती है। यह फिल्म अपने सपनों को पूरा करने के लिए जातिगत भेदभाव के खिलाफ लड़ने वाले दो दोस्तों की गाथा है। यह कहानी कोविड-19 लॉकडाउन के दौरान हुए प्रवासी पलायन के दर्दनाक अनुभवों को भी छूती है, जिससे यह और भी प्रासंगिक बन जाती है। फिल्म सामाजिक न्याय और मानवीय लचीलेपन का एक शक्तिशाली चित्रण प्रस्तुत करती है।
भारतीय सिनेमा और ऑस्कर: एक लंबा सफर
ऑस्कर अवॉर्ड (Oscars) में भारतीय सिनेमा का इतिहास लंबा रहा है, लेकिन सफलता उतनी बड़ी नहीं। अब तक कुल 57 भारतीय फिल्में इस प्रतिष्ठित पुरस्कार के लिए जा चुकी हैं, लेकिन सिर्फ तीन ही टॉप 5 तक पहुंच पाई हैं – ‘मदर इंडिया’, ‘सलाम बॉम्बे’ और ‘लगान’। ‘मदर इंडिया’ पहली फिल्म थी जिसकी ऑस्कर में ऑफिशियल एंट्री हुई थी। ‘लगान’ आखिरी फिल्म थी जिसे टॉप 5 में जगह मिली थी। हर साल, भारत अपनी सबसे बेहतरीन फिल्मों को भेजता है, और इस बार की India’s Oscar Entry ‘होमबाउंड’ से काफी उम्मीदें हैं।
हालिया सफलताएं और मील के पत्थर
2023 का साल भारतीय सिनेमा के लिए यादगार रहा था, जब एस.एस. राजामौली की फिल्म ‘आरआरआर’ के ‘नाटू नाटू’ गाने ने 95वें एकेडमी अवार्ड्स में बेस्ट ओरिजिनल सॉन्ग कैटेगरी में ऑस्कर जीता था। यह पहली बार था जब किसी भारतीय फिल्म ने यह सम्मान हासिल किया था, जिसने वैश्विक मंच पर भारतीय संगीत की ताकत को साबित किया। 2024 में ‘लापता लेडीज’ ऑस्कर में भारत की ओर से ऑफिशियल एंट्री थी। ये उपलब्धियां दिखाती हैं कि भारतीय सिनेमा लगातार विश्व मंच पर अपनी पहचान बना रहा है।
अंतर्राष्ट्रीय मंच पर ‘होमबाउंड’ का जलवा
‘होमबाउंड’ (Homebound) को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी खूब सराहा गया है। इसका प्रीमियर कान्स फिल्म फेस्टिवल (Cannes Film Festival) 2025 में हुआ, जहां इसे 9 मिनट का स्टैंडिंग ओवेशन मिला। इसके बाद टोरंटो इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल (TIFF) 2025 में, इसे इंटरनेशनल पीपल्स चॉइस अवार्ड के लिए दूसरा रनर-अप घोषित किया गया और इसे एक बार फिर स्टैंडिंग ओवेशन मिला था। यह अंतरराष्ट्रीय सराहना फिल्म की ताकत और सार्वभौमिक अपील को दर्शाती है, जो ऑस्कर्स 2026 (Oscars 2026) में इसकी संभावनाओं को और बढ़ा देती है।
निष्कर्ष: एक नई उम्मीद और गर्व का क्षण
‘होमबाउंड’ ने न केवल देश में बल्कि अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भी अपनी छाप छोड़ी है। Ishaan Khatter और Janhvi Kapoor जैसे युवा कलाकार इस संवेदनशील कहानी को दर्शकों तक ले जा रहे हैं। ऑस्कर्स 2026 (Oscars 2026) में यह फिल्म कितनी दूर तक जाएगी, यह देखना रोमांचक होगा, लेकिन इसने भारत की उम्मीदों को जरूर बढ़ा दिया है। यह भारत की समृद्ध कहानी कहने की परंपरा का एक और प्रमाण है।
