भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) में एक बड़े बदलाव की आहट सुनाई दे रही है। अटकलें तेज हैं कि दिल्ली के पूर्व दिग्गज खिलाड़ी मिथुन मन्हास अगले BCCI President बन सकते हैं। यदि ऐसा होता है, तो यह भारतीय क्रिकेट के इतिहास में एक महत्वपूर्ण पल होगा, क्योंकि मन्हास पहले ऐसे अनकैप्ड खिलाड़ी होंगे जो इस प्रतिष्ठित पद को संभालेंगे।
बीसीसीआई अध्यक्ष पद पर दिल्ली के पूर्व कप्तान
राजधानी दिल्ली में हाल ही में हुई एक लंबी और गहन बैठक के बाद इस फैसले पर मुहर लगने की संभावना है। हालांकि, भारतीय क्रिकेट बोर्ड (BCCI) की ओर से अभी आधिकारिक घोषणा का इंतजार है। यह निर्णय Indian cricket के भविष्य के लिए नई दिशा तय कर सकता है। मन्हास पहले ऐसे अनकैप्ड प्लेयर अध्यक्ष होंगे, जिन्होंने डोमेस्टिक सर्किट में तो खूब खेला लेकिन इंटरनेशनल क्रिकेट में उनकी एंट्री नहीं हो सकी। बता दें कि वह इससे पहले जेकेसीए (जम्मू एंड कश्मीर क्रिकेट एसोसिएशन) की ओर से बीसीसीआई की एनुअल जनरल मीटिंग (AGM) में शामिल हो चुके हैं।
मिथुन मन्हास: घरेलू क्रिकेट का एक बड़ा नाम
45 वर्षीय मिथुन मन्हास ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में भले ही भारत का प्रतिनिधित्व न किया हो, लेकिन domestic cricket सर्किट में उनका नाम किसी पहचान का मोहताज नहीं रहा है। वह अपनी खेल प्रतिभा और क्रिकेट की गहरी समझ के लिए जाने जाते हैं। उन्होंने इससे पहले जम्मू एंड कश्मीर क्रिकेट एसोसिएशन के लिए प्रशासक की भूमिका भी निभाई है। मन्हास भले ही इंटरनेशनल क्रिकेट न खेल पाए हों, लेकिन उन्होंने डॉमेस्टिक के साथ-साथ आईपीएल भी खेला है। बीसीसीआई के पिछले दो प्रेजिडेंट सौरव गांगुली और रोजर बिन्नी रह चुके हैं। रोजर बिन्नी के हटने के बाद ही बीसीसीआई के अध्यक्ष की पोस्ट खाली हुई है।
एक नज़र उनके आईपीएल करियर पर
मन्हास का IPL career भी काफी प्रभावी रहा है। उन्होंने 2008 में इंडियन प्रीमियर लीग में डेब्यू किया था और 2014 तक कुल 55 मुकाबले खेले। इस दौरान मन्हास ने 514 रन बनाए थे। वह दिल्ली कैपिटल्स, चेन्नई सुपर किंग्स और पुणे वॉरियर्स इंडिया जैसी प्रमुख टीमों का हिस्सा रह चुके हैं।
शानदार रहा घरेलू क्रिकेट का सफर
दिल्ली के लिए घरेलू क्रिकेट खेलने वाले मिथुन मन्हास एक बड़ा नाम थे। उनके नाम 157 प्रथम श्रेणी मैच, 130 लिस्ट ए मुकाबले और 91 टी20 मैच दर्ज हैं। फर्स्ट क्लास क्रिकेट में उन्होंने शानदार 9714 रन बनाए, लिस्ट ए में 4126 तो टी20 में 1170 रन जोड़े। बल्लेबाजी के साथ-साथ, वह एक उपयोगी गेंदबाज भी थे और domestic cricket में उनके नाम कुछ महत्वपूर्ण विकेट भी शामिल हैं। उनमें अपार प्रतिभा थी, लेकिन उन्हें कभी राष्ट्रीय टीम के लिए खेलने का अवसर नहीं मिल सका।
भारतीय क्रिकेट के लिए अहम नियुक्ति
सौरव गांगुली और रोजर बिन्नी जैसे दिग्गजों के बाद BCCI President का पद संभालने की दौड़ में मन्हास का नाम आना Indian cricket के लिए एक नया अध्याय खोल सकता है। उनकी नियुक्ति घरेलू क्रिकेट के महत्व को उजागर करेगी और उन खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगी जो अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नहीं खेल पाए, लेकिन खेल की गहरी समझ रखते हैं। उनकी प्रशासनिक और खेल विशेषज्ञता `BCCI` को नई ऊंचाइयों पर ले जा सकती है, जिससे भारतीय क्रिकेट के जमीनी स्तर पर और भी विकास देखने को मिल सकता है।
