जयपुर (राजस्थान): 21 सितंबर, 2025 को सामने आई जयपुर सेंट्रल जेल (Jaipur Central Jail) से दो बंदियों के फरार होने की सनसनीखेज घटना ने राज्य भर में हड़कंप मचा दिया है। इस गंभीर सुरक्षा चूक के बाद, राज्य सरकार ने तत्काल कार्रवाई करते हुए रविवार को जेल अधीक्षक प्रमोद सिंह को एपीओ (Awaiting Posting Order) कर दिया है। अब इस अहम जिम्मेदारी को डीआईजी जेल, सुमन मालीवाल संभालेंगी। गृह विभाग ने इस संबंध में आदेश जारी कर दिए हैं, जिसकी पुष्टि जेल महानिदेशक गोविंद गुप्ता ने भी की है।
कैसे हुआ जयपुर जेल का ये सनसनीखेज Jailbreak?
यह घटना शुक्रवार देर रात की है, जब जयपुर जेल के वार्ड नंबर 13 की बैरक नंबर 3 में बंद अनस उर्फ आदिल और नवल किशोर ने जेल की सुरक्षा व्यवस्था को धता बताते हुए भागने की योजना बनाई। दोनों बंदियों ने बाथरूम के रोशनदान में लगे लोहे की एंगल को तोड़कर बाहर निकलने का रास्ता बनाया। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, वे रात करीब 2 बजकर 10 मिनट पर रोशनदान से बाहर निकले और लगभग डेढ़ घंटे तक जेल परिसर में ही घूमते रहे, बाहर निकलने के मौके की तलाश में।
करीब 3 बजकर 40 मिनट पर, दोनों मुलाकात कक्ष की छत तक पहुंचे और मुख्य प्रवेश द्वार के पास बनी ऊंची दीवार फांदकर जेल से फरार होने में सफल हो गए। इस पूरे घटनाक्रम के दौरान जेल की सुरक्षा व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त होती नजर आई, और गार्डों व कर्मचारियों को उनकी गतिविधियों की भनक तक नहीं लगी।
सरकार की त्वरित कार्रवाई: Jail Superintendent Suspension
इस बड़ी चूक के बाद पुलिस और प्रशासन में हड़कंप मच गया। हालांकि, कार्रवाई तेजी से हुई। शनिवार को पुलिस ने एक बंदी को पकड़ लिया, जबकि दूसरे को रविवार को गिरफ्तार कर लिया गया। दोनों बंदियों को दोबारा जेल में भेज दिया गया है। लेकिन, इस मामले ने जेल प्रशासन की कार्यप्रणाली और Prison Security पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। इतनी सख्त निगरानी और सीसीटीवी कैमरों की मौजूदगी के बावजूद बंदियों का करीब डेढ़ घंटे तक जेल में घूमना और फिर दीवार फांदकर भाग जाना, सुरक्षा प्रोटोकॉल की पोल खोलता है।
भविष्य की सुरक्षा और जांच
जेल प्रशासन के उच्च अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि पूरी घटना की गहन जांच कराई जा रही है। जिन कर्मचारियों की लापरवाही सामने आएगी, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। वहीं, राज्य सरकार ने भी सख्त संदेश दिया है कि जेलों की सुरक्षा व्यवस्था से किसी भी तरह का समझौता नहीं किया जाएगा। इस घटना ने Rajasthan News में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर नई बहस छेड़ दी है, और उम्मीद है कि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए ठोस कदम उठाए जाएंगे।
