भारतीय प्रौद्योगिकी के दो प्रतिष्ठित संस्थान, भारतीय सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान (ट्रिपल आईटी) भागलपुर और भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) पटना, ने मिलकर देश में तकनीकी शिक्षा और शोध को नई ऊंचाइयों पर ले जाने का संकल्प लिया है। दोनों संस्थानों के बीच हाल ही में एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए हैं, जिसका उद्देश्य संयुक्त Research Collaboration और छात्र नवाचार को बढ़ावा देना है।
नवाचार और उभरती प्रौद्योगिकियों पर संयुक्त कार्य
इस साझेदारी के तहत, दोनों संस्थान कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI), Cyber Security, क्वांटम कंप्यूटिंग और अन्य उभरती प्रौद्योगिकियों जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में गहन शोध करेंगे। यह सहयोग न केवल ज्ञान के आदान-प्रदान को सुगम बनाएगा, बल्कि देश के लिए अत्याधुनिक तकनीकें विकसित करने में भी सहायक होगा। इस पहल से दोनों संस्थानों से देश के लिए बेहतर टेक्नोलॉजी मिल सकेगी।
कुशल मानव संसाधन तैयार करने पर जोर
एमओयू का प्राथमिक लक्ष्य ग्रीष्मकालीन इंटर्नशिप कार्यक्रमों, प्लेसमेंट अवसरों, फील्ड विजिट्स, कार्यशालाओं और सम्मेलनों के माध्यम से इन विशेषज्ञता वाले क्षेत्रों में कुशल मानव संसाधन तैयार करना है। इसका उद्देश्य राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर शिक्षाविदों और उद्योग पेशेवरों के लिए उन्नत प्रशिक्षण और प्रमाणन कार्यक्रम डिजाइन और प्रदान करना भी है।
सहयोगात्मक अनुसंधान और परामर्श
यह समझौता संबंधित क्षेत्रों और विशेषज्ञता के नए क्षेत्रों में सहयोगात्मक अनुसंधान/परामर्श प्रदान करने की परिकल्पना करता है, जिसमें दोनों संस्थानों की विशेषज्ञ टीमों की भागीदारी होगी। साथ ही, IIIT Bhagalpur के साइबर सुरक्षा और साइबर फोरेंसिक पाठ्यक्रमों का छात्रों के बीच विस्तार भी इसका एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। संस्थान के पीआरओ सह डीएसडब्ल्यू डॉ. धीरज कुमार सिन्हा ने बताया कि राष्ट्रीय/अंतरराष्ट्रीय स्तर पर समन्वय के साथ व्याख्यान, कार्यशाला, एफडीपी, संगोष्ठी, सम्मेलन व अन्य कार्यक्रमों की योजना बनाना और उनका संचालन करना भी इस समझौते में शामिल है।
एमओयू हस्ताक्षर समारोह
इस ऐतिहासिक एमओयू के आदान-प्रदान के अवसर पर, IIIT Bhagalpur के निदेशक प्रो. मधुसूदन सिंह और IIT Patna के निदेशक प्रो. टीएन सिंह उपस्थित थे। इस महत्वपूर्ण क्षण के साक्षी ट्रिपल आईटी बोर्ड ऑफ गवर्नर्स (बीओजी) के अध्यक्ष डॉ. अशोक खाड़े और कुलसचिव डॉ. गौरव कुमार भी रहे। प्रो. सिंह ने जोर देकर कहा कि यह एमओयू दोनों प्रतिष्ठित संस्थानों के बीच शैक्षिक, वैज्ञानिक और अनुसंधान सहयोग को और मजबूत करेगा, जिससे देश के तकनीकी विकास में महत्वपूर्ण योगदान मिलेगा।
