राजधानी दिल्ली में एक बार फिर दिल्ली पुलिस ने बड़े स्तर पर चल रहे एक नकली फुटवियर रैकेट का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए एक व्यक्ति को मौके से गिरफ्तार किया है, जो जाने-माने ब्रांडों के नाम पर नकली जूते और चप्पल बना रहा था। यह कार्रवाई उपभोक्ता और वास्तविक ब्रांड दोनों के लिए एक बड़ी राहत है, क्योंकि यह सीधे तौर पर brand fraud से जुड़ा मामला है।
कैसे हुआ पर्दाफाश?
यह मामला तब सामने आया जब 17 सितंबर को एक प्रमुख जूता कंपनी के एजेंट ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। शिकायत में कहा गया था कि कुछ लोग उनके ब्रांड के नाम और लोगो का इस्तेमाल कर बड़े पैमाने पर नकली फुटवियर का निर्माण कर रहे हैं और उन्हें खुलेआम बाजार में बेच रहे हैं, जिससे ग्राहकों को गुमराह किया जा रहा है और ब्रांड की प्रतिष्ठा को भी नुकसान पहुंच रहा है।
सुल्तानपुर माजरा में दिल्ली पुलिस का छापा
शिकायत की गंभीरता को देखते हुए दिल्ली पुलिस ने बिना देरी किए सुल्तानपुर माजरा (आउटर दिल्ली) में एक संदिग्ध ठिकाने पर छापेमारी की। छापेमारी के दौरान पुलिस ने चौंकाने वाली मात्रा में फर्जी फुटवियर सामग्री, तैयार जूते और मशीनें जब्त कीं। यह एक सुनियोजित fake footwear racket था जो लंबे समय से सक्रिय था और बाजार में नकली उत्पादों की भरमार कर रहा था।
आरोपी गिरफ्तार और बरामदगी
पुलिस ने मौके से 48 वर्षीय मोहम्मद कल्लू को गिरफ्तार किया है, जो पीरागढ़ी का निवासी है। अधिकारियों ने इस criminal arrest को एक बड़ी सफलता बताया है, क्योंकि उसके पास से बरामद सामग्री में जूतों के लेबल, ऊपरी सामग्री, सोल और फुटवियर बनाने वाली अन्य सामग्रियां शामिल थीं। पुलिस का कहना है कि यह रैकेट लंबे समय से सक्रिय था और बड़ी संख्या में नकली उत्पाद बाजार में बेचे जा रहे थे। यह एक महत्वपूर्ण product seizure है जो अवैध कारोबार पर लगाम लगाएगा।
आगे की जांच जारी
दिल्ली पुलिस ने आरोपी मोहम्मद कल्लू के खिलाफ भारतीय दंड संहिता (IPC) की उचित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है और आगे की जांच जारी है। पुलिस अब इस बात की तह तक जा रही है कि इस रैकेट ने कुल कितने नकली उत्पादों का निर्माण किया और उनका वितरण नेटवर्क क्या था। इसके साथ ही, इस आपराधिक गतिविधि में और कौन-कौन से लोग शामिल हैं, इसका भी पता लगाया जा रहा है। दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा (Crime Branch) और संबंधित अधिकारी इस मामले पर पैनी नजर बनाए हुए हैं ताकि पूरे नेक्सस का पर्दाफाश किया जा सके। इस तरह की Delhi Police action नकली उत्पादों के खिलाफ एक मजबूत संदेश देती है और उपभोक्ताओं को ऐसे धोखेबाजों से बचाने में मदद करती है।
