दिल्ली की नौकरशाही में इस समय सबसे गर्म विषय है राजधानी के मुख्य सचिव का पद। वर्तमान Delhi Chief Secretary, श्री धर्मेंद्र, इस महीने के अंत में अपनी सेवानिवृत्ति की ओर अग्रसर हैं, और इसी के साथ उनके संभावित उत्तराधिकारी को लेकर कयासों और चर्चाओं का बाजार गर्म हो गया है। क्या उन्हें सेवा विस्तार मिलेगा या दिल्ली को एक नया प्रशासनिक मुखिया मिलेगा? यह सवाल इन दिनों दिल्ली के राजनीतिक और प्रशासनिक गलियारों में छाया हुआ है।
उत्तराधिकार की दौड़ में कौन-कौन शामिल?
सूत्रों के अनुसार, यदि Dharmendra IAS को 30 सितंबर को सेवानिवृत्ति के बाद केंद्र सरकार द्वारा सेवा विस्तार नहीं दिया जाता है, तो दिल्ली सरकार के साथ काम करने का लंबा अनुभव रखने वाले एक वरिष्ठ अधिकारी को उनका उत्तराधिकारी नियुक्त किया जा सकता है। Chief Secretary Succession की इस महत्वपूर्ण प्रक्रिया में कई प्रमुख AGMUT Cadre के आईएएस अधिकारियों के नाम सामने आ रहे हैं, जिन पर गहन विचार-विमर्श चल रहा है।
चर्चा में शामिल नामों में 1991 बैच के अमित यादव, 1992 बैच की देबाश्री मुखर्जी, 1992 बैच के विजय कुमार और अश्विनी कुमार प्रमुख हैं। इन सभी अधिकारियों का दिल्ली सरकार और केंद्र दोनों में सेवा का लंबा और प्रतिष्ठित अनुभव है।
दावेदारों का अनुभव और वर्तमान स्थिति
- अमित यादव: 1991 बैच के आईएएस अधिकारी अमित यादव वर्तमान में केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय में कार्यरत हैं। इससे पहले वे नई दिल्ली नगर पालिका परिषद (NDMC) के अध्यक्ष के रूप में दिल्ली में अपनी सेवाएं दे चुके हैं, जहां उन्होंने कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं का सफलतापूर्वक संचालन किया था।
- देबाश्री मुखर्जी: 1992 बैच की देबाश्री मुखर्जी भी केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर हैं। दिल्ली सरकार में अपने कार्यकाल के दौरान, उन्होंने दिल्ली परिवहन निगम (DTC), दिल्ली जल बोर्ड, समाज कल्याण और महिला एवं बाल विकास सहित विभिन्न विभागों में महत्वपूर्ण पदों पर कार्य किया है। उनके पास दिल्ली की जमीनी समस्याओं और प्रशासनिक चुनौतियों की गहरी समझ है।
- विजय कुमार: 1992 बैच के विजय कुमार के पास भी दिल्ली सरकार में काम करने का व्यापक अनुभव है। अपनी केंद्रीय प्रतिनियुक्ति से पहले, उन्होंने उपराज्यपाल के प्रधान सचिव, व्यापार एवं कर विभाग, दिल्ली जल बोर्ड, डीटीसी और डीएससीएससी जैसे महत्वपूर्ण विभागों में सेवाएं दी हैं। उनका अनुभव भी इस पद के लिए उन्हें एक मजबूत दावेदार बनाता है।
- अश्विनी कुमार: वर्तमान में नगर निगम (MCD) के आयुक्त के पद पर कार्यरत अश्विनी कुमार भी 1992 बैच के अधिकारी हैं। उन्होंने इससे पहले दिल्ली सरकार के राजस्व और गृह विभागों में प्रमुख सचिव के रूप में कार्य किया है, जिससे उन्हें दिल्ली के प्रशासन का सीधा अनुभव है। उनका नाम भी संभावित IAS transfer के रूप में देखा जा रहा है।
क्या धर्मेंद्र को मिलेगा सेवा विस्तार?
केवल नए उत्तराधिकारी की तलाश ही नहीं, बल्कि वर्तमान मुख्य सचिव धर्मेंद्र को सेवा विस्तार मिलने की संभावना पर भी गंभीर चर्चा चल रही है। अधिकारियों ने बताया कि उन्हें तीन महीने का सेवा विस्तार दिया जा सकता है। यह कोई नई बात नहीं होगी, क्योंकि उनके पूर्ववर्ती नरेश कुमार को भी 30 नवंबर, 2023 को सेवानिवृत्ति की आयु प्राप्त करने के बाद छह महीने और फिर तीन महीने, कुल मिलाकर नौ महीने का सेवा विस्तार दिया गया था।
निष्कर्ष
दिल्ली के मुख्य सचिव का पद राजधानी के प्रशासन के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। चाहे यह पद वर्तमान अधिकारी को सेवा विस्तार के माध्यम से मिलता रहे या एक नया Delhi Chief Secretary कार्यभार संभाले, यह देखना दिलचस्प होगा कि केंद्र सरकार और दिल्ली सरकार इस महत्वपूर्ण निर्णय पर कैसे आगे बढ़ती है। इस Chief Secretary Succession से जुड़ी हर खबर पर हमारी नज़र बनी हुई है।
