हाल के महीनों में अमेरिकी शेयर बाजार में एक अभूतपूर्व तेजी देखने को मिली है। इस तेजी के पीछे विदेशी निवेशकों का भारी foreign investment एक मुख्य कारण है, जिसने US stock market को नई ऊंचाइयों पर पहुँचा दिया है। यह न केवल बाजार के विश्वास को दर्शाता है, बल्कि वैश्विक अर्थव्यवस्था में अमेरिका की मजबूत स्थिति को भी उजागर करता है।
विदेशी निवेश का नया कीर्तिमान
अमेरिका की इक्विटीज में foreign holdings रिकॉर्ड 20 ट्रिलियन डॉलर तक पहुँच चुकी है। पिछले कुछ महीनों में इसमें 2.5 ट्रिलियन डॉलर का बड़ा इजाफा हुआ है। यह आंकड़ा इतिहास में सबसे अधिक है, क्योंकि अमेरिका का कुल equity market लगभग 60 ट्रिलियन डॉलर का है, जिसमें विदेशी निवेशकों का हिस्सा अब 30% हो गया है। इस डेटा का रिकॉर्ड 1945 से रखा जा रहा है, और यह पहली बार है जब विदेशी हिस्सेदारी इस स्तर पर पहुँची है।
बाजार की मौजूदा स्थिति और तेजी के कारण
हाल ही में, government shutdown के बावजूद, शेयर बाजार में शुक्रवार को तेजी आई, और यह कारोबार के दौरान रिकॉर्ड हाई पर पहुँच गया। डाउ जोंस (Dow Jones) 239 अंक की तेजी के साथ बंद हुआ, हालांकि कारोबार के दौरान यह 530 अंक तक ऊपर गया था। वहीं, S&P 500 लगभग फ्लैट बंद हुआ, जबकि Nasdaq Composite में 0.28% की हल्की गिरावट दर्ज की गई।
इस तेजी के पीछे कई प्रमुख कारक जिम्मेदार हैं, जिनमें कंपनियों की मजबूत कमाई, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) को लेकर बढ़ता उत्साह और Federal Reserve द्वारा ब्याज दरों में कटौती की संभावना शामिल है। इन सभी कारकों ने मिलकर निवेशकों के बीच एक सकारात्मक माहौल बनाया है, जिससे बाजार को नई गति मिली है।
सरकारी शटडाउन का क्या होगा असर?
ऐतिहासिक आंकड़ों से पता चलता है कि government shutdown से अमेरिकी बाजार पर आमतौर पर कोई बड़ा फर्क नहीं पड़ता। हालांकि, यदि यह शटडाउन लंबे समय तक जारी रहता है और महत्वपूर्ण सरकारी आंकड़े (जैसे लेबर मार्केट और महंगाई से जुड़े डेटा) सामने नहीं आते हैं, तो निवेशकों की धारणा प्रभावित हो सकती है।
विशेष रूप से, नौकरी का मासिक डेटा Federal Reserve के लिए नीतिगत फैसले लेने में काफी अहम होता है। जानकारों का कहना है कि आंकड़ों की कमी के कारण फेड को ‘आँख बंद करके’ फैसले लेने पड़ सकते हैं, जिससे भविष्य में अनिश्चितता बढ़ सकती है। ऐसे में यह देखना दिलचस्प होगा कि विदेशी निवेश की यह बहार कितनी देर तक जारी रहती है और क्या अमेरिका का शेयर बाजार अपनी इस रफ्तार को कायम रख पाता है।



