भारतीय शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव का दौर जारी है। हाल ही में एक कारोबारी सत्र में बाजार लाल निशान पर बंद हुआ, जहां निफ्टी में गिरावट दर्ज की गई। हालांकि, व्यापक तस्वीर देखें तो बीते तीन हफ़्तों से बाजार में लगातार बढ़त देखने को मिली है, जो निवेशकों के लिए एक सकारात्मक संकेत है। आइए जानते हैं क्या कहते हैं Share Market Outlook for 22 September के विशेषज्ञ और 22 सितंबर को कैसी रह सकती है बाजार की चाल।
हालिया सत्र का प्रदर्शन: गिरावट के साथ बंद हुआ बाजार
19 सितंबर, 2025 को भारतीय इक्विटी इंडेक्स नकारात्मक रुख के साथ बंद हुए। निफ्टी 25,350 के स्तर पर आ गया। कारोबारी सत्र के अंत में, Sensex 387.73 अंक या 0.47 प्रतिशत की गिरावट के साथ 82,626.23 पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 96.55 अंक या 0.38 प्रतिशत की गिरावट के साथ 25,327.05 पर समाप्त हुआ। बाजार में लगभग 1992 शेयरों में तेजी देखी गई, वहीं 1961 शेयरों में गिरावट आई और 163 शेयरों में कोई बदलाव नहीं हुआ। बीएसई मिडकैप और स्मॉलकैप इंडेक्स सपाट बंद हुए।
सेक्टोरल इंडेक्सों पर गौर करें तो, कंज्यूमर ड्युरेबल्स, मीडिया, ऑटो, एफएमसीजी और आईटी में 0.4-0.6 फीसदी की गिरावट आई, जबकि बिजली और पीएसयू बैंक सेक्टर में 1-1 फीसदी की बढ़त दर्ज की गई। निफ्टी के टॉप लूजर्स में एचसीएल टेक्नोलॉजीज, आईसीआईसीआई बैंक, नेस्ले, टाइटन कंपनी और ट्रेंट शामिल रहे। वहीं, अदानी एंटरप्राइजेज, अदानी पोर्ट्स, एसबीआई लाइफ इंश्योरेंस, श्रीराम फाइनेंस और एसबीआई निफ्टी के टॉप गेनर रहे।
लगातार तीसरे हफ्ते बढ़त: क्या है इस तेजी का राज?
साप्ताहिक आधार पर देखें तो, Indian Stock Market में लगातार तीसरे हफ़्ते बढ़त दर्ज की गई है। पांच महीनों में यह पहली बार है जब ऐसी स्थिति देखने को मिली है। सेंसेक्स और निफ्टी पिछले तीन हफ़्तों में लगभग 4 प्रतिशत तक बढ़े हैं। इस हफ़्ते सभी चार प्रमुख सूचकांकों में 1-1 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई। एफएमसीजी सेक्टर को छोड़कर, सभी प्रमुख सेक्टरों में वृद्धि देखने को मिली है, जिसमें पीएसयू और रियल्टी सेक्टर सबसे आगे रहे हैं। निफ्टी पीएसयू बैंक 5 प्रतिशत, रियल्टी 4 प्रतिशत, बीएसई पावर 3 प्रतिशत और निफ्टी तेल एवं गैस 2 प्रतिशत बढ़ा।
कोटक सिक्योरिटीज़ के इक्विटी रिसर्च हेड श्रीकांत चौहान का कहना है कि ग्लोबल बाजारों में मजबूती के बीच भारतीय शेयर बाजारों ने साप्ताहिक आधार पर सकारात्मक क्लोजिंग की है। अमेरिकी फेड की 25 बेसिस प्वाइंट ब्याज दर कटौती से ग्लोबल बाजारों को समर्थन मिला है। भारत में, निफ्टी और सेंसेक्स जैसे बड़े इंडेक्स इस सप्ताह लगभग 1 फीसदी ऊपर चढ़े। मिडकैप और स्मॉलकैप इंडेक्सों ने अपने बड़े प्रतिस्पर्धियों से बेहतर प्रदर्शन किया है। बीएसई मिडकैप और बीएसई स्मॉलकैप इंडेक्सों ने 1.5-2 फीसदी की साप्ताहिक बढ़त दर्ज की है।
महंगाई और GST का असर: आगे क्या?
भारत की खुदरा महंगाई (CPI) अगस्त में 2.1 फीसदी पर रही है, जबकि खाद्य कीमतों में 0.7 फीसदी की गिरावट आई। जीएसटी दरों में कटौती से अगली कुछ तिमाहियों में महंगाई नियंत्रण में रहने की उम्मीद है। जीएसटी दरों में कटौती अगले हफ़्ते से लागू हो रही है, जिससे खपत वाले और दूसरे ऐसे शेयरों पर फोकस रहेगा जिन्हें जीएसटी दर घटने का फ़ायदा मिलेगा। बाजार अमेरिकी टैरिफ़ की स्थिति और आर्थिक विकास पर इसके प्रभाव को लेकर सतर्क रहेगा।
22 सितंबर के लिए निफ्टी प्रेडिक्शन: जानें एक्सपर्ट्स की राय
एलकेपी सिक्योरिटीज के वरिष्ठ तकनीकी विश्लेषक रूपक डे का कहना है कि पिछले सत्र में हैंगिंग मैन पैटर्न बनने के बाद शुक्रवार को निफ्टी में गिरावट आई। हालांकि बाजार का शॉर्ट टर्म रुझान तेजी के पक्ष में बना हुआ है, लेकिन मौजूदा स्तर से हल्की गिरावट संभव दिख रही है। निचले स्तर पर 25,150 के आसपास Nifty prediction के अनुसार महत्वपूर्ण सपोर्ट है। इसके नीचे जाने पर गिरावट बढ़ सकती है।
हालांकि, अगर Nifty 25,150 से ऊपर बना रहता है तो यह 25,500 की ओर बढ़ सकता है। 25,500 से ऊपर जाने पर 26,000 तक पहुंचने का रास्ता खुल सकता है। यह Market Analysis निवेशकों के लिए महत्वपूर्ण है।
अस्वीकरण (Disclaimer)
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