सोने और चांदी की कीमतें इन दिनों नए रिकॉर्ड स्थापित कर रही हैं, जिससे निवेशकों के चेहरे पर खुशी साफ देखी जा सकती है। सप्ताह के पहले कारोबारी दिन, 06 अक्टूबर 2025 को, दोनों ही बहुमूल्य धातुओं ने मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर ऐतिहासिक ऊंचाई हासिल की। इस तूफानी तेजी के पीछे कई बड़े कारण हैं, जिनमें सबसे प्रमुख कनेक्शन अमेरिका से जुड़ा हुआ है।
MCX पर गोल्ड और सिल्वर की रिकॉर्ड तोड़ उड़ान
सोमवार को MCX पर दिसंबर डिलीवरी वाले सोने की वायदा कीमत शुरुआती कारोबार में 1,447 रुपये (1.22%) की बढ़त के साथ 1,19,560 रुपये प्रति 10 ग्राम के नए रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई थी। दिन के कारोबार के दौरान इसने 1,20,075 रुपये का नया लाइफ टाइम हाई स्तर छू लिया। पिछले सप्ताह भी Gold Price में जोरदार तेजी देखने को मिली थी, जब यह 3,222 रुपये प्रति 10 ग्राम (2.8%) उछला था।
सोने की राह पर चलते हुए चांदी ने भी रिकॉर्ड तेजी दर्ज की। 5 दिसंबर डिलीवरी वाली चांदी शुरुआती वायदा कारोबार में 1,956 रुपये (1.34%) बढ़कर 1,47,700 रुपये प्रति किलोग्राम पर पहुंची और जल्द ही 1,47,977 रुपये प्रति किलो का नया शिखर छू लिया। पिछले हफ्ते Silver Price में 3,855 रुपये प्रति किलोग्राम (2.72%) की तेजी आई थी। घरेलू बाजार में भी इंडियन बुलियन एंड ज्वैलर्स एसोसिएशन (IBJA) के मुताबिक, सोमवार को सोना 1,17,332 रुपये प्रति 10 ग्राम के मुकाबले उछलकर 1,19,059 रुपये पर खुला, जबकि चांदी 1,45,610 रुपये प्रति किलो के मुकाबले 1,48,550 पर खुली थी।
तेजी का अमेरिकी कनेक्शन: US शटडाउन और सुरक्षित निवेश
इस रिकॉर्ड तोड़ तेजी के पीछे तीन बड़े कारण प्रमुखता से उभरे हैं:
- अमेरिकी शटडाउन: अमेरिका में बजट गतिरोध के चलते प्रमुख संघीय कार्यक्रमों पर रोक लगी हुई है और महत्वपूर्ण आर्थिक आंकड़ों को जारी करने में देरी हुई है। इस US Shutdown के कारण वैश्विक अर्थव्यवस्था में अनिश्चितता बढ़ी है।
- फेडरल रिजर्व की नीति: फेडरल रिजर्व द्वारा पॉलिसी रेट्स में कटौती की संभावना बढ़ गई है, जिससे डॉलर कमजोर हो सकता है और बहुमूल्य धातुओं में निवेश आकर्षक हो जाता है।
- सुरक्षित निवेश की मांग: अनिश्चित वैश्विक आर्थिक परिदृश्य और भू-राजनीतिक तनाव के कारण निवेशक Safe Haven Investment के तौर पर सोना और चांदी खरीद रहे हैं।
मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज में प्रीशियस मेटल रिसर्च के विश्लेषक मानव मोदी के अनुसार, अमेरिका में मौजूदा स्थिति ने ‘जोखिम से बचने की प्रवृत्ति’ को बढ़ावा दिया है, जिससे निवेशक कीमती धातुओं की ओर रुख कर रहे हैं। इंडिया बुलियन एंड ज्वैलर्स एसोसिएशन के उपाध्यक्ष अक्ष कंबोज ने भी इस बात पर जोर दिया कि US Shutdown के बीच मजबूत मांग के कारण सोने की कीमतें रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंची हैं। रिलायंस सिक्योरिटीज के सीनियर रिसर्च एनालिस्ट जिगर त्रिवेदी का भी मानना है कि अमेरिकी शटडाउन और फेड की ब्याज दरों में कटौती की उम्मीदें सुरक्षित निवेश वाली संपत्तियों की मांग को बढ़ा रही हैं।
सोना या चांदी: कहां करें बेहतर निवेश?
निवेश के लिहाज से सोना और चांदी हमेशा से ही प्रतिद्वंद्वी रहे हैं। सोना पारंपरिक रूप से आर्थिक सुरक्षा और महंगाई से बचाव का प्रतीक माना जाता है, जबकि चांदी को ‘गरीबों का सोना’ कहा जाता है। हालांकि, 2025 में चांदी ने Gold Price को कड़ी टक्कर दी है और कई निवेशकों को उससे बेहतर रिटर्न दिया है।
चांदी की चमक बढ़ने के पीछे तेज औद्योगिक मांग और सीमित उपलब्धता है। सोलर पैनल, इलेक्ट्रॉनिक्स और इलेक्ट्रिक व्हीकल्स सहित कई सेक्टर्स में चांदी की मांग तेजी से बढ़ रही है। चांदी में छोटी मात्रा में भी Investment करना आसान होता है, जिससे यह आम निवेशकों के लिए एक आकर्षक विकल्प बन जाता है।
हालांकि, विशेषज्ञों की राय है कि निवेश का निर्णय आपके नजरिए पर निर्भर करता है। यदि आप कंपनियों की मांग और टेक बूम जारी रहने की उम्मीद करते हैं, तो चांदी के पास चमकदार मौका है। वहीं, आर्थिक सुरक्षा और महंगाई से बचाव के लिए सोना अभी भी सबसे भरोसेमंद Safe Haven Investment बना हुआ है। मौजूदा वैश्विक अनिश्चितता के दौर में दोनों ही धातुएं आपके पोर्टफोलियो में स्थिरता ला सकती हैं।
