प्रयागराज के अंजनी मिश्र इस वक्त सुर्खियों में हैं। कारण हैं लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष Rahul Gandhi और ‘वोट चोरी’ के उनके आरोप। Anjani Mishra ने Rahul Gandhi पर गंभीर आरोप लगाते हुए FIR दर्ज कराने की बात कही है। यह पूरा मामला निजता के उल्लंघन और एक आम नागरिक पर राजनीतिक बयानबाजी के अनचाहे प्रभाव से जुड़ा है।
क्या है पूरा मामला?
हाल ही में Rahul Gandhi ने दिल्ली में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस कर भाजपा पर ‘वोट चोरी’ के गंभीर Vote Theft Allegations लगाए थे। इस दौरान उन्होंने कुछ मोबाइल नंबर भी सार्वजनिक किए, दावा किया कि वे उन लोगों के हैं जो कथित ‘वोट चोरी’ में शामिल हैं। इन्हीं नंबरों में से एक निकला प्रयागराज निवासी Anjani Mishra का। Rahul Gandhi ने महाराष्ट्र के मुंबई से जुड़े एक ब्योरे में यह नंबर सार्वजनिक किया था।
जब बजने लगा अंजनी का फोन…
नंबर सार्वजनिक होते ही Anjani Mishra का फोन लगातार बजने लगा। अनजान नंबरों से कॉल आनी शुरू हो गईं और लोग उनसे पूछने लगे कि क्या उन्होंने वाकई वोट चोरी की है? Anjani Mishra बताते हैं, "मैं इन कॉल्स का जवाब देते-देते थक गया हूं। Rahul Gandhi और कांग्रेस पार्टी ने बिना मुझसे संपर्क किए मेरा मोबाइल नंबर सार्वजनिक कर दिया, जो कि बिल्कुल अनुचित है। यह बेहद कष्टकारी है कि मेरा नंबर ‘वोट चोरी’ के आरोप में जारी किया गया।"
"मैं वोट चोर नहीं, मुंबई से मेरा कोई वास्ता नहीं"
Anjani Mishra ने साफ शब्दों में कहा, "मैं कोई वोट चोर नहीं हूं। मेरा मुंबई से कोई संबंध नहीं है, जैसा कि Rahul Gandhi ने अपने बयान में उल्लेख किया। मैं प्रयागराज में एक साइबर कैफे चलाकर अपना जीवनयापन करता हूं। मैं अपना नंबर किसी को नहीं देता ताकि कोई उसका गलत इस्तेमाल न कर सके। फिर मेरा नंबर Vote Theft Allegations में कैसे दिया गया? वोटर आईडी कार्ड को लेकर भी फर्जी बातें की गई हैं, जबकि महाराष्ट्र से मेरा कोई वास्ता नहीं है। मैं केवल एक बार मुंबई घूमने गया हूं और वहां मेरा कोई रिश्तेदार भी नहीं है। मेरे खिलाफ लगे सभी आरोप गलत हैं।"
कानूनी कार्रवाई की तैयारी (FIR)
इस पूरे प्रकरण से आहत Anjani Mishra ने Rahul Gandhi के खिलाफ FIR दर्ज कराने का मन बना लिया है। उन्होंने कहा, "मैं इस मामले में कानूनी लड़ाई लड़ूंगा। यह सुनिश्चित होना चाहिए कि भविष्य में कोई भी निजी स्वार्थ के लिए किसी आम नागरिक को मोहरा न बनाए।" Anjani Mishra चाहते हैं कि कानूनी रूप से उचित कार्रवाई हो ताकि ऐसे मामलों की पुनरावृत्ति न हो।
राजनीतिक बयानबाजी का आम आदमी पर असर
Anjani Mishra का यह मामला दर्शाता है कि कैसे राजनीतिक बयानबाजी अनजाने में एक आम व्यक्ति के जीवन पर गहरा असर डाल सकती है। निजता के अधिकार का उल्लंघन और बेबुनियाद आरोपों का सामना करना किसी भी नागरिक के लिए कष्टकारी हो सकता है। Anjani Mishra का यह कदम भविष्य में सार्वजनिक मंचों पर डेटा और व्यक्तिगत जानकारी साझा करने की नैतिक और कानूनी सीमाओं पर बहस छेड़ सकता है, विशेषकर जब बात किसी गंभीर Vote Theft Allegations जैसे मुद्दे की हो।



