मध्य प्रदेश की राजनीति में इन दिनों बयानों का सिलसिला लगातार सुर्खियां बटोर रहा है। इसी कड़ी में, प्रदेश के नगरीय विकास एवं आवास मंत्री Kailash Vijayvargiya ने एक बार फिर एक ऐसा controversial statement दिया है, जिसने राजनीतिक गलियारों में हलचल मचा दी है। शाजापुर में एक कार्यक्रम के दौरान उन्होंने विपक्ष के नेता पर बिना नाम लिए तीखा हमला बोला, जिसे कांग्रेस ने ‘पवित्र रिश्ते’ का अपमान बताया है।
कैलाश विजयवर्गीय का विवादास्पद बयान
शाजापुर में आयोजित एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए Kailash Vijayvargiya ने अपनी टिप्पणी से सभी को चौंका दिया। उन्होंने कहा, “हम पुरानी संस्कृति के लोग हैं, पुराने जमाने में लोग अपनी बहनों के गांव का पानी तक नहीं पीते थे, लेकिन आज के हमारे प्रतिपक्ष के नेता ऐसे हैं कि अपनी बहन को चौराहे पर चुंबन कर लेते हैं।” हालांकि Kailash Vijayvargiya ने किसी का नाम नहीं लिया, लेकिन ‘प्रतिपक्ष के नेता’ के जिक्र को लोकसभा में विपक्ष के नेता Rahul Gandhi से जोड़कर देखा जा रहा है।
विजयवर्गीय ने आगे इसे भारतीय संस्कृति और संस्कारों से जोड़ते हुए कहा कि आज जो आचरण देखने को मिल रहा है, वह विदेशी संस्कृति का असर है। उन्होंने जोर देकर कहा कि भारत की पहचान हमारे संस्कारों और परंपराओं से है, और देश इन्हीं मूल्यों से आगे बढ़ेगा, न कि विदेशी तौर-तरीकों से। इस दौरान मंच पर मध्य प्रदेश के उच्च शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार और विधायक अरुण भीमावाद भी मौजूद थे। यह बयान Madhya Pradesh politics में एक नया मोड़ लाया है।
कांग्रेस का पलटवार: ‘भाई-बहन के पवित्र रिश्ते का अपमान’
Kailash Vijayvargiya के इस बयान पर कांग्रेस ने कड़ी आपत्ति जताई है। कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने पलटवार करते हुए कहा कि, “मां दुर्गा, मां शक्ति की उपासना के दिन चल रहे हैं। बहन-भाई का पवित्र रिश्ता क्या होता है, उस एहसास को पूरा देश जीता है। लेकिन Kailash Vijayvargiya की सोच, उनकी भाषा और भावना ऐसी है जिसे आज के समाज में व्यक्त नहीं कर सकते।”
पटवारी ने विजयवर्गीय के पिछले बयानों का जिक्र करते हुए कहा कि, “कपड़े, शिक्षा और भाषा को लेकर वह महिलाओं और बेटियों का 100 बार अपमान कर चुके हैं। अब भाई-बहन के पवित्र रिश्ते को लेकर उनकी ये सोच है, इसका जवाब देने में भी हमें शर्म आती है।” कांग्रेस ने इस बयान को भारतीय संस्कृति और रिश्तों के प्रति आपत्तिजनक बताया है, जिससे राजनीतिक तापमान और बढ़ गया है। यह controversial statement प्रदेश में एक बड़ी बहस का विषय बन गया है।
संस्कृति और राजनीति पर बहस
Kailash Vijayvargiya का यह बयान एक बार फिर ‘भारतीय संस्कृति’ बनाम ‘विदेशी संस्कृति’ और व्यक्तिगत आचरण की सार्वजनिक राजनीति में जगह पर बहस छेड़ गया है। जहां एक ओर बीजेपी इसे भारतीय मूल्यों की रक्षा के रूप में प्रस्तुत कर सकती है, वहीं कांग्रेस इसे रिश्तों और मर्यादा पर अनावश्यक टिप्पणी बताकर घेरने का प्रयास कर रही है। आने वाले समय में यह मुद्दा Madhya Pradesh politics में और गरमा सकता है।



