देश के सबसे महत्वाकांक्षी Ganga Expressway में से एक, गंगा एक्सप्रेसवे का विस्तार कार्य अब अपने अंतिम चरण में है। छह लेन का यह विशाल एक्सप्रेसवे जल्द ही आठ लेन का हो जाएगा, जिससे उत्तर प्रदेश में कनेक्टिविटी और गतिशीलता में अभूतपूर्व सुधार आएगा। अधिकारियों ने पुष्टि की है कि मुख्य मार्ग का काम पूरा हो चुका है, और नवंबर 2025 तक सर्विस रोड और टोल प्लाजा भी पूरी तरह से तैयार हो जाएंगे। यह Expressway expansion राज्य के लिए एक गेम चेंजर साबित होगा।
मुख्य मार्ग तैयार, सर्विस रोड और टोल प्लाजा पर काम जारी
नवीनतम जानकारी के अनुसार, गंगा एक्सप्रेसवे के मुख्य मार्ग का निर्माण कार्य सफलतापूर्वक संपन्न हो गया है। अब पूरा ध्यान सर्विस रोड और विभिन्न टोल प्लाजा के निर्माण पर केंद्रित है, जिसे तीव्र गति से पूरा किया जा रहा है। अधिकारियों का लक्ष्य है कि नवंबर 2025 तक ये सभी आवश्यक सुविधाएं जनता के लिए तैयार हो जाएं। वर्षा के कारण कुछ समय के लिए सर्विस रोड के काम में थोड़ी धीमी गति आई थी, लेकिन अब प्रोजेक्ट मैनेजर और उनकी टीमें इसे तेजी से पूरा करने में जुटी हैं।
प्रयागराज में डीएम ने किया निरीक्षण, सुरक्षा पर विशेष जोर
शनिवार को Prayagraj जिले के ग्राम पंचायत जुड़ापुर दांदू स्थित गंगा एक्सप्रेसवे के प्रारंभिक बिंदु पर जिलाधिकारी ने निर्माण कार्यों का गहन निरीक्षण किया। उन्होंने प्रोजेक्ट की प्रगति का जायजा लिया और गुणवत्तापूर्ण कार्य सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। यह पूरा एक्सप्रेसवे चार प्रमुख हिस्सों में विभाजित किया गया है, जिसमें प्रयागराज वाला हिस्सा ‘ग्रुप-चार’ के अंतर्गत आता है। इस हिस्से की कुल लंबाई 156 किलोमीटर है, जिसमें से लगभग 15.200 किलोमीटर का महत्वपूर्ण हिस्सा प्रयागराज जिले की सीमा में पड़ता है।
आधुनिक सुविधाएं और सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम
यह Uttar Pradesh infrastructure का प्रतीक, गंगा एक्सप्रेसवे न केवल अपनी विशालता के लिए जाना जाएगा, बल्कि आधुनिक सुविधाओं और सुरक्षा के पुख्ता इंतजामों के लिए भी महत्वपूर्ण है। एक्सप्रेसवे पर हर किलोमीटर पर एक हाई-डेफिनिशन सीसीटीवी कैमरा लगाया गया है, ताकि सुरक्षा पर लगातार निगरानी रखी जा सके। इसके अतिरिक्त, यात्रियों की सुविधा और अनुभव को बेहतर बनाने के लिए पौधरोपण, डिस्प्ले बोर्ड और सड़क रोशनी की व्यवस्था भी की गई है। मुख्य संरचना को आठ लेन के हिसाब से डिज़ाइन किया गया है, हालांकि सामान्य उपयोग के लिए यह छह लेन का होगा, जो भविष्य की जरूरतों को पूरा करने की दूरदर्शिता दर्शाता है। यह एक दूरगामी development project है।
प्रशासन का पूरा सहयोग और भविष्य की संभावनाएँ
जिलाधिकारी ने प्रोजेक्ट मैनेजर और उपस्थित अधिकारियों को आश्वासन दिया कि जिला प्रशासन परियोजना को समय पर और गुणवत्ता के साथ पूरा करने के लिए हर संभव सहयोग प्रदान करेगा। इस मौके पर कार्यदायी संस्था के प्रशासनिक अधिकारी अनिल पुनिया, यूपीडा (UPEDA) के सहायक प्रबंधक नरेंद्र शुक्ला और अडानी ग्रुप (Adani Group) से प्रदीप कुमार सिंह जैसे प्रमुख अधिकारी भी मौजूद रहे। गंगा एक्सप्रेसवे का यह विस्तार न केवल यात्रा को सुगम बनाएगा बल्कि आर्थिक गतिविधियों को भी बढ़ावा देगा, जिससे राज्य के विकास को नई गति मिलेगी।



