राजधानी दिल्ली में एक बार फिर खाकी वर्दी पर दाग लगा है। देश की सेवा और कानून व्यवस्था बनाए रखने की शपथ लेने वाले एक Delhi Police Sub-Inspector को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया गया है। यह घटना Corruption के खिलाफ जारी जंग में एक महत्वपूर्ण कदम है और पुलिस विभाग में जवाबदेही की आवश्यकता को रेखांकित करती है।
रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार
मामला दिल्ली के Wazirabad थाने का है, जहाँ सब-इंस्पेक्टर (एसआई) ललित को विजिलेंस यूनिट ने ₹15,000 की Bribery लेते हुए दबोचा। यह कार्रवाई 22 वर्षीय तान्या सचदेवा की शिकायत के आधार पर की गई, जिसने पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। तान्या ने आरोप लगाया था कि उसका पति हरजीत सिंह कई स्नैचिंग मामलों में आरोपी है और एसआई ललित इन मामलों को कमजोर करने के एवज में रिश्वत की मांग कर रहा था।
50,000 से 15,000 रुपये तक तय हुई थी रिश्वत
न्यूज़ एजेंसी की रिपोर्ट के मुताबिक, तान्या ने बताया कि Wazirabad थाने के जांच अधिकारी एसआई ललित ने पहले ₹50,000 की रिश्वत मांगी थी। लंबी बातचीत और मोलभाव के बाद, यह रकम घटाकर ₹15,000 तय हुई। तान्या ने इस पूरी बातचीत की ऑडियो रिकॉर्डिंग तैयार कर सतर्कता इकाई को सौंप दी, जो इस मामले में एक अहम सबूत बनी।
विजिलेंस टीम ने ऐसे बिछाया जाल
सूचना मिलने के बाद, विजिलेंस टीम ने एक सुनियोजित जाल बिछाया। रविवार शाम को तान्या अपने भाई के साथ थाने की तीसरी मंजिल पर पहुंची और तय रकम की पहली किस्त एसआई ललित को सौंपी। जैसे ही Sub-Inspector ललित ने नकदी अपने हाथ में ली, सतर्कता टीम ने मौके पर दबिश देकर उसे रंगे हाथों पकड़ लिया। अधिकारियों के अनुसार, गिरफ्तारी के समय एसआई ललित ने रिश्वत की रकम छुपाने की कोशिश की, लेकिन विजिलेंस टीम की मुस्तैदी के आगे उसकी एक न चली।
कानूनी कार्रवाई और विभागीय जांच जारी
एसआई ललित के खिलाफ विजिलेंस थाने में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। वरिष्ठ अधिकारियों ने बताया कि पूरे मामले की गहन जांच जारी है और एसआई ललित के खिलाफ विभागीय कार्रवाई भी की जाएगी। Delhi Police की छवि को साफ रखने और आम जनता का विश्वास बनाए रखने के लिए ऐसे भ्रष्ट अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई बेहद ज़रूरी है। यह घटना पुलिस बल में व्याप्त Corruption को उजागर करती है और पारदर्शिता व जवाबदेही की आवश्यकता पर बल देती है।



