बिहार विधानसभा चुनाव 2025 (Bihar Elections) की तारीखों का ऐलान हो चुका है, लेकिन इसके साथ ही राजनीतिक गलियारों में हलचल भी तेज हो गई है। कांग्रेस प्रवक्ता पवन खेड़ा (Pawan Khera) ने चुनाव की तारीखों (Bihar Election Dates) पर असंतुष्टि जाहिर करते हुए भारतीय जनता पार्टी (BJP) और चुनाव आयोग (Election Commission) पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा है कि वे इन तारीखों से संतुष्ट नहीं हैं और चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर भी प्रश्नचिन्ह लगाए हैं।
चुनाव आयोग की विश्वसनीयता पर उठे सवाल
पवन खेड़ा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, “चुनाव की तारीखें (Bihar Election Dates) तो एक छोटी सी बात हैं, लेकिन हम चुनाव आयोग से संतुष्ट नहीं हैं, क्योंकि वह हमारे सवालों का जवाब नहीं दे रहा है।” उन्होंने चुनाव आयोग की प्रतिष्ठा पर सवाल उठाते हुए कहा कि “चुनाव आयोग की प्रतिष्ठा पर दिन प्रतिदिन प्रश्न चिन्ह लग रहा है।” खेड़ा ने एक पुरानी टिप्पणी का हवाला देते हुए पूछा कि कुछ समय पहले ‘घुसपैठियों’ को निकालने का माहौल बनाया गया था, लेकिन अब इस पर कोई जवाब क्यों नहीं दिया जा रहा है कि वे घुसपैठिए कहां हैं?
BJP और चुनाव आयोग पर मिलीभगत के आरोप
कांग्रेस प्रवक्ता पवन खेड़ा ने बीजेपी और चुनाव आयोग के बीच मिलीभगत का भी आरोप लगाया। उन्होंने कहा, “5 अक्टूबर को भी चुनाव आयोग ने प्रेस कॉन्फ्रेंस करने की बात कही थी, और उस दिन रविवार था। ऐसे में प्रधानमंत्री जी खाते में पैसे नहीं डाल पा रहे थे। इसीलिए आज (सोमवार, 6 अक्टूबर) शाम 4 बजे प्रेस कॉन्फ्रेंस की गई ताकि पैसे डाल दिए जाएं।” उन्होंने आगे कहा, “पैसे डाल दिए गए और उसके बाद चुनाव की तारीखों की घोषणा हो गई। क्या यह बीजेपी की चुनाव आयोग के साथ मिलीभगत नहीं है तो और क्या है?” Congress नेता खेड़ा ने इन आरोपों के साथ चुनाव प्रक्रिया की निष्पक्षता पर सवाल उठाए।
बिहार के असली मुद्दे क्या हैं?
जब पवन खेड़ा से बिहार चुनाव के मुद्दों के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने पिछले 20 सालों में राज्य में हुई घटनाओं को मुद्दा बताया। उन्होंने कहा, “पिछले 20 साल में आपने जो किया वह मुद्दे हैं। आपने बिहार के लोगों की नौकरियां चुराईं, लोगों के पेंशन चुराए हैं, बिहार में पुल गिरते चले जा रहे हैं, यही सब Bihar Elections के असली मुद्दे हैं।”
बिहार विधानसभा चुनाव प्रक्रिया की महत्वपूर्ण तारीखें
बिहार विधानसभा चुनाव दो चरणों में होंगे।
पहले चरण:
- नामांकन प्रक्रिया शुरू: 10 अक्टूबर
- नामांकन की आखिरी तारीख: 17 अक्टूबर
- नामांकन पत्रों की जांच: 18 अक्टूबर
- नामांकन वापस लेने की आखिरी तारीख: 20 अक्टूबर
- वोटिंग: 6 नवंबर
- नतीजे: 14 नवंबर
दूसरे चरण:
- नामांकन प्रक्रिया शुरू: 13 अक्टूबर
- नामांकन की आखिरी तारीख: 20 अक्टूबर
- नामांकन पत्रों की जांच: 21 अक्टूबर
- नामांकन वापस लेने की आखिरी तारीख: 23 अक्टूबर
- वोटिंग: 11 नवंबर
- नतीजे: 14 नवंबर
इन तारीखों के ऐलान के साथ ही बिहार का चुनावी रण अब और गरमा गया है। देखना होगा कि पवन खेड़ा के इन बयानों का चुनाव पर क्या असर पड़ता है और Election Commission इन आरोपों पर क्या प्रतिक्रिया देता है।
