नवरात्रि का पावन पर्व, जब देशभर के पंडालों में आस्था और उल्लास का माहौल होता है, वहीं इंदौर के गरबा पंडालों में इस साल एक अनूठी और महत्वपूर्ण मुहिम चल रही है। यहां ‘लव जिहाद’ के बढ़ते मामलों के प्रति युवतियों और महिलाओं को जागरूक करने के लिए विशेष प्रयास किए जा रहे हैं। ‘लव जिहाद का कातिल आशियाना’ थीम पर आधारित पोस्टरों, स्लोगनों और झांकियों के माध्यम से बच्चियों को उस जाल से बचाने की कोशिश की जा रही है, जिसमें वे अक्सर फंस जाती हैं।
गरबा पंडालों में ‘जागरूकता’ का नया स्वरूप
इंदौर शहर के कई गरबा पंडालों में इस वर्ष Navratri Awareness के तहत एक खास मुहिम चलाई जा रही है। इसका मुख्य उद्देश्य युवतियों को ‘लव जिहाद’ के संभावित खतरों से आगाह करना है। लाड़काना नगर में पंडालों, कॉलोनियों और मुख्य मार्गों पर लगभग 200 जागरूकता पोस्टर लगाए गए हैं। वहीं, द्वारकापुरी में एक अनोखा पंडाल बनाया गया है, जहां इसका सीधा संदेश दिया जा रहा है।
‘बेटी बचाओ जिहादियों से’: संदेश और झांकियां
इन पंडालों में ‘बेटी बचाओ जिहादियों से’ जैसे सशक्त संदेश वाले पोस्टर लगाए गए हैं, साथ ही गैर-हिंदुओं के प्रवेश पर निषेध भी लगाया गया है। संस्था ‘शिव दृष्टि’ के आयोजक पृथ्वी चंदन शिव बताते हैं कि हिंदुओं को सांख्यिक दृष्टि से कमजोर करने के षड्यंत्र के रूप में ‘लव जिहाद’ किया जा रहा है। इसी के विरुद्ध मातृशक्ति को जागृत करने के लिए यह अभियान शुरू किया गया है। रविवार को 251 कन्या पूजन के दौरान ‘लव जिहाद’ पर आधारित झांकी सजाई जाएगी। इन झांकियों में दर्शाया गया है कि किस तरह साजिश रचकर युवतियों को फंसाने की घटनाओं को अंजाम दिया जाता है।
‘कातिल आशियाना’ और श्रद्धा वालकर का दर्दनाक सच
द्वारकापुरी स्थित पंडाल के संयोजक आनंद कंधारी ने बताया कि उनका मुख्य उद्देश्य हिंदू लड़कियों को Love Jihad के बारे में जागरूक करना और उन्हें इस खतरे से बचाना है। उन्होंने बताया कि अक्सर गरबा पंडालों व सार्वजनिक स्थानों पर मुस्लिम लड़के हिंदू नाम (जैसे मोनू या अनु) बताकर लड़कियों को अपने जाल में फंसाते हैं और अपने असली नाम (जैसे मोहम्मद या अनवर) छिपाते हैं। जाल में फंसने के बाद युवतियों का यौन और मानसिक शोषण होता है, और कई बार उनकी हत्या भी कर दी जाती है।
इसी गंभीरता को दर्शाने के लिए पंडाल में ‘लव जिहाद का कातिल आशियाना’ नाम से एक प्रदर्शनी लगाई गई है। दिल्ली के बहुचर्चित Shraddha Walkar case में हुए भयावह हत्याकांड का एक मॉडल भी यहां प्रदर्शित किया गया है, जिसमें रेफ्रिजरेटर में श्रद्धा के 35 टुकड़े करके रखने का दृश्य दिखाया गया है। यह लड़कियों को संभावित खतरों के प्रति सचेत करता है।
इंदौर की घटनाओं का जिक्र और नए तरीके
प्रदर्शनी में इंदौर में हुई कुछ घटनाओं का भी जिक्र किया गया है। इसमें मोहसिन खान नामक व्यक्ति द्वारा चलाई जा रही एक शूटिंग एकेडमी का उल्लेख है, जिसके गिरोह में 40 हिंदू युवतियां ‘लव जिहाद’ के जाल में फंसी थीं। गौरतलब है कि इंदौर में पार्षद अनवर कादरी और एक छंगूर बाबा पर भी मुस्लिम लड़कों को हिंदू लड़कियों से शादी करने के लिए पैसे देने का आरोप लगा था। कंधारी के मुताबिक, अब जिम ट्रेनिंग और नौकरी का झांसा देकर भी लड़कियों को फंसाया जा रहा है, जिसे मॉडल और पोस्टरों के माध्यम से उजागर किया जा रहा है। यह Indore Garba पंडालों में एक महत्वपूर्ण पहल है।
बढ़ते मामले और ‘महिला सुरक्षा’ की चुनौती
मध्य प्रदेश विधानसभा में हाल ही में पेश की गई एक रिपोर्ट इस खतरे की गंभीरता को और बढ़ा देती है। रिपोर्ट के अनुसार, मालवा-निमाड़ अंचल में सर्वाधिक हिंदू लड़कियां ‘लव जिहाद’ का शिकार हुई हैं। यहां ‘लव जिहाद’ के 283 मामले दर्ज किए गए हैं, जिनमें से 73 नाबालिग हैं। ये आंकड़े Women Safety की चुनौतियों को रेखांकित करते हैं और इंदौर के इन गरबा पंडालों में चल रहे जागरूकता अभियान के महत्व को और भी बढ़ा देते हैं।



