देश की प्रमुख ऑटोमोबाइल निर्माता **टाटा मोटर्स** हाल के महीनों में विरोधाभासी परिस्थितियों से गुजर रही है। जहां एक ओर घरेलू बाजार में पैसेंजर वाहनों की बिक्री में कमी देखी गई, वहीं दूसरी ओर कंपनी के इलेक्ट्रिक वाहन और अंतरराष्ट्रीय बाजारों में उल्लेखनीय बढ़त दर्ज की गई है।
जुलाई 2025 के आंकड़ों के अनुसार, टाटा मोटर्स ने भारतीय बाजार में 39,521 पैसेंजर कारों की बिक्री की, जिसमें सभी प्रकार के पेट्रोल, डीजल और इलेक्ट्रिक वाहन शामिल हैं। यह आंकड़ा पिछले वर्ष इसी महीने की तुलना में 12% कम है, जब कंपनी ने 44,725 कारें बेची थीं। विशेषज्ञों के अनुसार, घरेलू बाजार में बिक्री गिरने के पीछे ऑटो इंडस्ट्री में मांग घटने, इकोनॉमिक चुनौतियों और लोगों की बदलती पसंद के कारण हैं।
हालांकि, कंपनी का इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) सेगमेंट मजबूत बना हुआ है। जुलाई 2025 में टाटा मोटर्स ने ईवी श्रेणी में 7,124 यूनिट की बिक्री की, जो पिछले वर्ष के मुकाबले 42% अधिक है। यह तेजी भारतीय ग्राहकों में इलेक्ट्रिक वाहनों के प्रति बढ़ती रुचि, सरकार की नीतियों, और पर्यावरण के प्रति जागरूकता के कारण संभव हुई है। टाटा मोटर्स के प्रवक्ता के अनुसार, “हम भारतीय बाजार में स्थायी गतिशीलता को बढ़ावा देने और इलेक्ट्रिक मोबिलिटी को मुख्यधारा में लाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।”
अंतरराष्ट्रीय बाजारों में टाटा मोटर्स की किस्मत ने और भी बेहतर मोड़ लिया है। जुलाई 2025 में कंपनी के एक्सपोर्ट में 186% की भारी वृद्धि हुई, जिसमें 654 यूनिट कारों की बिक्री दर्ज की गई, जबकि पिछले वर्ष यह आंकड़ा 229 यूनिट था। यह बढ़त टाटा ब्रांड की वैश्विक लोकप्रियता और गुणवत्ता पर आधारित है।
कंपनी के वरिष्ठ अधिकारियों का मानना है कि भविष्य में इलेक्ट्रिक वाहन पोर्टफोलियो विस्तार के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय बाजारों में निवेश बढ़ाना टाटा मोटर्स की 성장 नीति का महत्वपूर्ण हिस्सा रहेगा। इसके अलावा, कंपनी नवाचार, डिजिटलाइजेशन और ग्राहकों की बदलती प्राथमिकताओं को ध्यान में रखते हुए नए उत्पाद लाने की योजना बना रही है।
आगामी महीनों में टाटा मोटर्स की चुनौतियाँ और अवसर दोनों उजागर होंगे। यदि कंपनी इलेक्ट्रिक और विदेशों में अपनी पकड़ मजबूत रखने में सफल रहती है, तो यह भारतीय ऑटोमोबाइल उद्योग में अग्रणी भूमिका निभाने के लिए पूरी तरह तैयार है। विशेषज्ञ उम्मीद जता रहे हैं कि आगामी त्योहारी सीजन और सरकार की प्रोत्साहन योजनाओं के प्रभाव से कंपनी की बिक्री में फिर से सुधार देखने को मिल सकता है।



