भारतीय क्रिकेट में पिछले कुछ सालों में बड़े बदलाव और शानदार जीतें देखी गई हैं। इसी कड़ी में, भारतीय क्रिकेट टीम ने 2025 में चैंपियंस ट्रॉफी 2025 का खिताब अपने नाम किया था, जिसके बाद अब कप्तान रोहित शर्मा ने एक बड़ा और कुछ हद तक विवादास्पद बयान दिया है। उन्होंने इस जीत का श्रेय तत्कालीन हेड कोच गौतम गंभीर की बजाय पूर्व कोच राहुल द्रविड़ द्वारा शुरू की गई ‘प्रक्रियाओं’ को दिया है। इस बयान ने क्रिकेट जगत में नई बहस छेड़ दी है, खासकर यह देखते हुए कि फाइनल में न्यूजीलैंड को हराकर ट्रॉफी जीतने के समय गौतम गंभीर ही टीम के मुख्य कोच थे।
रोहित शर्मा का चौंकाने वाला बयान: द्रविड़ की प्रक्रियाओं को दिया जीत का श्रेय
हाल ही में एक पुरस्कार समारोह के दौरान रोहित शर्मा ने खुलकर बात की। उन्होंने कहा कि राहुल द्रविड़ के कार्यकाल में जो प्रक्रियाएं शुरू की गई थीं, उन्हीं का पालन करने की वजह से टीम को चैंपियंस ट्रॉफी 2025 जीतने में मदद मिली। रोहित ने यह भी याद दिलाया कि उनके और राहुल द्रविड़ के मार्गदर्शन में भारत ने 2023 वनडे विश्व कप फाइनल में मिली हार के बाद वापसी करते हुए 2024 टी20 विश्व कप जीता था। हालांकि, 2025 की चैंपियंस ट्रॉफी 2025 की जीत उस समय हुई, जब टीम के हेड कोच गौतम गंभीर थे, जिससे रोहित का यह बयान और भी दिलचस्प हो जाता है।
‘यह एक या दो साल का काम नहीं था, सालों से चल रहा था’
अपने बयान में रोहित शर्मा ने कहा, ‘मुझे वह टीम पसंद है और उसके साथ खेलना भी। हम सभी इस सफर में कई साल से थे। यह एक या दो साल का काम नहीं था। बहुत सालों से काम चल रहा था।’ उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि टीम कई बार ट्रॉफी जीतने के करीब पहुंची, लेकिन सफलता नहीं मिली। तभी सभी ने यह तय किया कि कुछ अलग करना होगा। रोहित के अनुसार, ‘यह एक या दो खिलाड़ियों से नहीं हो सकता। हमें चाहिए था कि सभी इस विचार को अपनाएं और यह सभी की ओर से अच्छा था।’ यह स्पष्ट रूप से टीम के भीतर एक सामूहिक बदलाव की आवश्यकता को दर्शाता है, जिसकी नींव राहुल द्रविड़ के कार्यकाल में रखी गई थी।
चैंपियंस ट्रॉफी में भी जारी रखीं वही प्रक्रियाएं
चैंपियंस ट्रॉफी 2025 जीतने के बाद एक स्मृति चिन्ह प्राप्त करने वाले रोहित शर्मा ने आगे कहा, ‘उस प्रतियोगिता (चैंपियंस ट्रॉफी) में भाग लेने वाले सभी खिलाड़ियों ने यह सोचा कि कैसे मैच जीते जाएं और कैसे खुद को चुनौती दी जाए, आत्मसंतुष्ट न हों और किसी भी चीज को हल्के में न लें।’ उन्होंने बताया कि ‘जब हम टी20 विश्व कप की तैयारी कर रहे थे तो मुझे और राहुल भाई को इस प्रक्रिया से काफी मदद मिली। हमने उसे चैंपियंस ट्रॉफी 2025 में भी बरकरार रखा।’ यह बयान इस बात पर प्रकाश डालता है कि टीम ने एक निश्चित कार्यप्रणाली का पालन किया, चाहे कोच कोई भी रहा हो। हालांकि, यहां यह बात फिर ध्यान देने योग्य है कि जब भारतीय क्रिकेट टीम ने यह प्रतिष्ठित ट्रॉफी जीती, तब गौतम गंभीर मुख्य कोच की भूमिका में थे, न कि राहुल द्रविड़।
ऑस्ट्रेलिया दौरे पर रोहित की भूमिका
आगामी ऑस्ट्रेलिया दौरे पर भारतीय क्रिकेट टीम की वनडे कमान रोहित शर्मा के बजाय शुभमन गिल संभालेंगे। इस पर रोहित ने कहा, ‘मुझे जब भी मौका मिला मैंने तीनों प्रारूपों में अच्छा खेलने की कोशिश की। मुझे ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ खेलना पसंद है। वहां क्रिकेट खेलना काफी चुनौतीपूर्ण होता है। वहां खेलने का काफी अनुभव है तो पता है कि कैसे खेलना है।’ रोहित शर्मा के इस बयान से साफ है कि वह हमेशा ही अपनी जिम्मेदारी निभाने के लिए तैयार रहते हैं, चाहे वह कप्तानी करें या न करें।



