उत्तराखंड, वह देवभूमि जहां सरकारी नौकरी का सपना लाखों युवाओं की आंखों में पल रहा है, एक बार फिर शर्मसार हुई है। हाल ही में हुई UKSSSC Patwari Exam के दौरान Paper Leak Uttarakhand की खबर ने पूरे राज्य में हड़कंप मचा दिया है। यह घटना उन युवाओं के लिए किसी सदमे से कम नहीं है जो दिन-रात एक प्रतिष्ठित Government Jobs India हासिल करने के लिए कड़ी मेहनत कर रहे थे। इस कथित पेपर लीक ने न केवल भर्ती प्रक्रिया बल्कि समूची परीक्षा प्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
क्या है UKSSSC पटवारी पेपर लीक का मामला?
उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UKSSSC) द्वारा आयोजित स्नातक स्तरीय पटवारी भर्ती परीक्षा के दौरान पेपर लीक का मामला सामने आया है। सूत्रों के मुताबिक, परीक्षा केंद्र से ही प्रश्न पत्र की तस्वीरें बाहर भेज दी गईं, जिसने लाखों युवाओं को सकते में डाल दिया। यह खबर फैलते ही राज्य में आक्रोश फैल गया और विभिन्न राजनीतिक दलों व बेरोजगार संघ ने इस पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की है।
UKSSSC अध्यक्ष का बयान और जांच का घेरा
इस मामले पर UKSSSC के चेयरमैन गणेश शंकर मर्तोलिया ने अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने बताया कि प्रश्न पत्र से जुड़े तीन पन्ने बाहर आए हैं। हालांकि, शुरुआती जांच में ये पन्ने पढ़ने योग्य नहीं पाए गए हैं। मर्तोलिया ने यह भी बताया कि परीक्षा केंद्रों पर जैमर लगाए गए थे। ऐसे में यह बड़ा सवाल है कि जैमर लगे होने के बावजूद आखिर ये पन्ने बाहर कैसे आए? आयोग इस पूरे मामले पर उच्च स्तरीय बैठक कर रहा है, जिसमें विभिन्न पहलुओं की गहनता से समीक्षा की जा रही है। इस तरह की घटनाएं Uttarakhand Recruitment प्रक्रिया की पारदर्शिता पर सवालिया निशान लगाती हैं।
बेरोजगार संघ का सनसनीखेज दावा
इस मामले में बेरोजगार संघ ने एक बेहद गंभीर दावा किया है। उनका कहना है कि उन्हें परीक्षा शुरू होने से पहले ही पेपर का एक पूरा सेट मिल चुका था। संघ ने एग्जाम समाप्त होने के बाद मूल प्रश्न पत्र से तुलना कर इस बात की पुष्टि भी की है कि पेपर पहले ही बाहर पहुंच गया था। बेरोजगार संघ का यह भी दावा है कि परीक्षा 11 बजे शुरू हुई और उन्हें सुबह 11:30 बजे तक बाहर पेपर की फोटो मिल गई थी। यह दावा यदि सच साबित होता है, तो यह Paper Leak Uttarakhand के इतिहास में एक और बड़ा दाग होगा।
राजनीतिक दलों की कड़ी प्रतिक्रिया और विरोध प्रदर्शन
इस घटना पर राजनीतिक प्रतिक्रियाएं भी तेज हो गई हैं। बीजेपी के मुख्य प्रवक्ता सुरेश जोशी ने इसे एक सुनियोजित षड्यंत्र बताया है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का आश्वासन दिया है। वहीं, कांग्रेस ने सरकार से इस मामले में जवाब मांगा है। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष सूर्यकांत धस्माना ने इसे युवाओं के साथ धोखा करार दिया है। नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य ने तो राज्य सरकार पर पेपर लीक करने वालों को संरक्षण देने का आरोप तक लगाया है। उन्होंने कहा कि जब से बीजेपी सरकार बनी है, नकल माफियाओं द्वारा पेपर लीक किए जा रहे हैं और युवाओं के साथ छलावा हो रहा है। कांग्रेस ने इस मुद्दे पर सोमवार को सभी जिला मुख्यालयों पर विरोध प्रदर्शन करने का भी ऐलान किया है, जिसमें अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UKSSSC) का पुतला फूंका जाएगा।
बॉबी पंवार हिरासत में: आंदोलन की तेज होती धार
Paper Leak Uttarakhand मामले में मुखर रहे उत्तराखंड बेरोजगार संघ से जुड़े Bobby Panwar को पुलिस ने हिरासत में लिया है। सूत्रों के अनुसार, Bobby Panwar ज्वालापुर में एक कार्यक्रम में शामिल होने पहुंचे थे, जिसके बाद एसओजी ने उन्हें पूछताछ के लिए हिरासत में ले लिया। बेरोजगार संघ लगातार इस मामले पर आवाज उठा रहा है और उनकी गिरफ्तारी से आंदोलन और तेज होने की संभावना है।
उत्तराखंड में बार-बार लीक होते पेपर: एक गंभीर चुनौती
यह उत्तराखंड में पेपर लीक का कोई पहला मामला नहीं है। आए दिन किसी न किसी परीक्षा में इस तरह की धांधली सामने आती रहती है, जिससे युवाओं का सरकारी नौकरी पर से विश्वास उठने लगा है। अगर यह UKSSSC Patwari Exam पेपर लीक का मामला सच साबित होता है, तो आयोग और सरकार पर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने का भारी दबाव होगा। युवाओं का भविष्य दांव पर है और उन्हें न्याय की उम्मीद है। यह देखना दिलचस्प होगा कि इस बार आयोग और प्रशासन क्या कदम उठाते हैं ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके और Uttarakhand Recruitment प्रणाली की शुचिता बनी रहे।



