लखनऊ: उत्तर प्रदेश के शहरी विकास के लिए एक बड़ी खबर सामने आई है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट की बैठक में एक महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए नगरीय निकायों में 3601 नए पदों पर भर्ती का रास्ता साफ कर दिया गया है। ‘उत्तर प्रदेश पालिका (केंद्रीयित) सेवा (29वां संशोधन) नियमावली 2025’ को मिली मंजूरी के बाद अब शहरों में कर्मचारियों की कमी दूर हो सकेगी और नागरिकों को पहले से कहीं अधिक गुणवत्तापूर्ण सेवाएं मिलेंगी।
नगरीय निकायों में स्टाफ की कमी होगी दूर, मिलेंगी बेहतर सेवाएं
इस फैसले से Uttar Pradesh Urban Local Bodies में लंबे समय से चली आ रही कर्मचारियों की कमी की समस्या का समाधान होगा। नए पदों के सृजन से नगर निकायों में विभिन्न पदों पर भर्ती के लिए सेवा शर्तें स्पष्ट हो गई हैं, जिससे कर्मचारियों की भूमिका और दायित्व तय होंगे, साथ ही उनकी जवाबदेही भी बढ़ेगी। यह UP Nagar Nikay Recruitment राज्य के शहरी प्रशासन को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम है। इससे नागरिकों को मिलने वाली सुविधाओं में सुधार होगा और शहरी विकास कार्यों को भी गति मिलेगी।
कैसे बढ़ी पदों की संख्या? विस्तार में जानें
दरअसल, शहरों में सुविधाएं बढ़ाने के उद्देश्य से सितंबर 2024 में उप्र पालिका (केंद्रीयित) सेवा के विभिन्न संवर्गों के पुनरीक्षण और पुनर्गठन को मंजूरी दी गई थी। इस पुनरीक्षण के बाद निकायों में 3601 Posts बढ़ाने का प्रस्ताव तैयार हुआ था। वर्तमान में नगरीय निकायों में 3,085 पद हैं, जो नए पदों के जुड़ने के बाद कुल 6,686 हो जाएंगे। यह संख्या Government Jobs UP की तलाश कर रहे युवाओं के लिए एक सुनहरा अवसर प्रदान करेगी।
नगर विकास विभाग के अनुसार, वर्ष 2017 में नगर निगम, नगर पालिका परिषद व नगर पंचायत में केंद्रीयित कर्मियों को रखने के लिए पदों का निर्धारण हुआ था। तब प्रदेश में निकायों की संख्या 632 थी, जो अब बढ़कर 762 हो गई है। वर्ष 2017 के बाद प्रदेश में तीन नगर निगम सहित 117 नए निकायों का गठन हुआ है। इसके अलावा 124 नगर निकायों का सीमा विस्तार भी हुआ है। इससे नगरीय निकायों का क्षेत्रफल जो कि वर्ष 2016 में 6,264 वर्ग किलोमीटर था, अब बढ़कर वर्तमान में लगभग 11,257 वर्ग किलोमीटर हो गया है। वर्तमान में प्रदेश में 17 नगर निगम, 200 नगर पालिका परिषद और 545 नगर पंचायतें हैं। अधिकारियों के अनुसार, कर्मचारियों की संख्या में कमी के कारण शहरों में अच्छी सुविधाएं देने में दिक्कत आ रही थी, लेकिन अब पद बढ़ने से निकायों में सुविधाओं के साथ ही आय भी बढ़ेगी।
प्रशासनिक दक्षता बढ़ेगी, समस्याओं का होगा त्वरित समाधान
इस Yogi Adityanath Cabinet Decision से अधिशासी अधिकारी के अधीन राजस्व, लेखा, इंजीनियरिंग और स्वच्छता संवर्गों को शामिल कर प्रशासनिक क्षमता को मजबूत किया जाएगा। इसके अलावा, 17 नगर निगमों में जोनल स्तर पर प्रशासनिक व्यवस्था को मजबूत बनाया जाएगा, जिससे बड़े शहरों में स्थानीय स्तर पर समस्याओं का जल्द से जल्द समाधान हो सके। स्वच्छता, बागवानी, राजस्व और पर्यावरण प्रबंधन जैसे महत्वपूर्ण संवर्गों में आउटसोर्सिंग के माध्यम से विशेषज्ञों की सेवाएं भी उपलब्ध कराई जाएंगी। साथ ही, वित्तीय संसाधनों के बेहतर प्रबंधन से विकास परियोजनाओं में गति आएगी और शहरों का समग्र विकास सुनिश्चित होगा।
