इस बार इंदौर का द्वारकापुरी इलाका एक खास वजह से चर्चा में है। यहाँ आयोजित हो रहे गरबा पंडाल ने अपनी रौनक के साथ-साथ एक गंभीर सामाजिक संदेश को भी उजागर किया है। यह पंडाल दुर्गा पूजा के दौरान ‘Love Jihad’ के खिलाफ जागरूकता फैलाने का एक अनूठा माध्यम बन गया है। आयोजकों का उद्देश्य हिंदू लड़कियों को इस संवेदनशील मुद्दे के खतरों से अवगत कराना है।
जागरूकता की अनूठी पहल: आनंद कंधारी की मुहिम
पंडाल के आयोजक आनंद कंधारी ने बताया कि इस पहल का मुख्य लक्ष्य ‘Hindu Girls Safety’ सुनिश्चित करना और उन्हें ‘Love Jihad’ जैसे षडयंत्रों से बचाना है। यह ‘Durga Puja Awareness’ अभियान सिर्फ गरबा उत्सव तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका उद्देश्य व्यापक स्तर पर समाज को शिक्षित करना है।
‘श्रद्धा वालकर’ हत्याकांड की प्रतीकात्मक प्रस्तुति
इस पंडाल की सबसे चौंकाने वाली और प्रभावशाली झांकी ‘Shraddha Walkar’ हत्याकांड की प्रतीकात्मक प्रस्तुति है। इसमें फ्रिज और सूटकेस का इस्तेमाल कर उस भयावह घटना को दर्शाया गया है, जिसमें श्रद्धा के शरीर को टुकड़ों में काटकर फ्रिज में रखा गया था। कंधारी का आरोप है कि मुस्लिम लड़के अक्सर हिंदू नाम अपनाकर लड़कियों को अपने जाल में फंसाते हैं। उनका कहना है कि एक बार फंसाने के बाद उनका यौन शोषण किया जाता है और कई बार तो उनकी बेरहमी से हत्या तक कर दी जाती है।
इंदौर में सामने आए लव जिहाद के मामले
आनंद कंधारी ने इंदौर में सामने आई कुछ घटनाओं का भी जिक्र किया। उन्होंने बताया कि किस तरह मोहसिन खान नाम के एक व्यक्ति ने, जो शूटिंग एकेडमी चलाता था, कई हिंदू लड़कियों को अपने जाल में फंसाया। उन्होंने पार्षद अनवर कादरी और एक छंगूर बाबा पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि ये लोग मुस्लिम लड़कों को हिंदू लड़कियों से शादी करने के लिए पैसे देते हैं। यह गंभीर आरोप स्थानीय स्तर पर चिंता का विषय बना हुआ है।
जनमानस पर प्रभाव और भविष्य की योजना
इस प्रदर्शनी को देखने के लिए आने वाली लड़कियां न केवल खुद सतर्क हो रही हैं, बल्कि अपनी सहेलियों और परिचितों को भी ‘Love Jihad’ के खतरों के प्रति आगाह कर रही हैं। यह पहल समाज में एक सकारात्मक बदलाव लाने का प्रयास कर रही है। आयोजकों ने स्पष्ट किया है कि यह अभियान दुर्गा पूजा के बाद भी जारी रहेगा। वे शहर में होने वाले अन्य बड़े आयोजनों में भी छोटे डोम लगाकर इस प्रदर्शनी को दिखाने की योजना बना रहे हैं ताकि अधिक से अधिक लोगों तक यह जागरूकता का संदेश पहुंच सके। ‘Indore Garba’ पंडाल से शुरू हुई यह मुहिम समाज में एक नई बहस और जागरूकता की शुरुआत कर रही है।



