26 सितंबर 2025 को भारतीय शेयर बाजार में निवेशकों के लिए एक ‘काला शुक्रवार’ साबित हुआ। बाजार में भारी तबाही देखने को मिली, जहां एक ही दिन में निवेशकों के करीब 7 लाख करोड़ रुपये स्वाहा हो गए। Sensex और Nifty दोनों में तगड़ी गिरावट दर्ज की गई, जिससे हर तरफ निराशा का माहौल छा गया। आइए जानते हैं, इस बड़ी गिरावट के पीछे कौन से प्रमुख कारण रहे।
शेयर बाजार का भयावह हाल: Sensex और Nifty धड़ाम
गुरुवार, 26 सितंबर 2025 को शेयर बाजार में भारी गिरावट दर्ज की गई। BSE Sensex 733.22 अंक लुढ़ककर 80,426.46 पर बंद हुआ, जबकि Nifty 236.15 अंक गिरकर 24,654.70 के स्तर पर पहुंच गया। बैंक निफ्टी भी 586.85 पॉइंट टूटकर 54,389.35 पर क्लोज हुआ। इस भारी गिरावट के कारण, निवेशकों को करीब 7 लाख करोड़ रुपये का नुकसान उठाना पड़ा। बाजार का कुल मार्केट कैपिटलाइजेशन कल के 457.35 लाख करोड़ रुपये से गिरकर 450.55 लाख करोड़ रुपये पर आ गया। इस अप्रत्याशित Sensex Nifty Fall ने निवेशकों को चौंका दिया।
गिरावट के मुख्य कारण: क्या रहे बाजार की तबाही के पीछे?
इस अचानक आए Stock Market Crash के पीछे कई बड़े कारण रहे, जिन्होंने बाजार में बिकवाली का दबाव बढ़ा दिया:
फार्मा सेक्टर पर भारी टैरिफ का ऐलान:
डोनाल्ड ट्रंप ने ब्रांडेड और पेटेंट दवाओं के आयात पर 100% शुल्क लगाने का ऐलान किया है, जो 1 अक्टूबर से लागू होंगे। इस घोषणा का सीधा असर फार्मा शेयरों पर पड़ा और Nifty Pharma इंडेक्स 2.55 फीसदी तक गिर गया। इस ‘Pharma Tariff’ के ऐलान से निवेशकों में घबराहट फैल गई। इसके अलावा, किचन कैबिनेट्स, बाथरूम वैनिटीज, गद्देदार फर्नीचर और भारी ट्रकों पर भी भारी शुल्क लगाने की योजना है, जिससे वैश्विक व्यापार संबंधों पर असर पड़ने की आशंका है।
आईटी शेयरों पर H-1B वीजा का असर:
भारतीय आईटी सेक्टर भी H-1B वीजा फीस में बढ़ोतरी और एक्सेंचर (Accenture) के कमजोर तिमाही नतीजों से प्रभावित हुआ। इस ‘H1B Visa Impact’ के कारण निफ्टी आईटी इंडेक्स में 1.3% तक की गिरावट आई, जिससे आईटी कंपनियों के शेयरों में भारी बिकवाली देखने को मिली।
विदेशी निवेशकों की बिकवाली:
भारतीय शेयर बाजार से विदेशी निवेशकों (FIIs) की लगातार बिकवाली भी गिरावट का एक बड़ा कारण रही। 25 सितंबर को विदेशी निवेशकों ने 4,995 करोड़ रुपये के शेयर बेचे, और इस महीने अब तक कुल 24,454 करोड़ रुपये निकाले जा चुके हैं। इस ‘FII Sell-off’ ने बाजार के सेंटीमेंट को और कमजोर कर दिया।
किन शेयरों को हुआ सबसे ज्यादा नुकसान?
आज की गिरावट में बैंकिंग, फार्मा और आईटी शेयरों में सबसे ज्यादा दबाव देखा गया। BSE के टॉप 30 शेयरों में से 26 शेयर लाल निशान पर बंद हुए। महिंद्रा एंड महिंद्रा के शेयर सबसे ज्यादा 3.70 फीसदी टूटे, इसके बाद बजाज फाइनेंस, सनफार्मा और ज़ोमैटो के शेयरों में भी 3 फीसदी से ज्यादा की गिरावट दर्ज की गई। इंट्राडे ट्रेडिंग में सनफार्मा 3.8%, ग्लैंड फार्मा 3.7%, Natco 3.5% और डिविज लैब के शेयरों में 3% की गिरावट आई। Biocon और IPCA लैब, Zydus life के शेयरों में भी 2 फीसदी से ज्यादा की गिरावट देखने को मिली।
निष्कर्ष
आज की बाजार की गिरावट ने निवेशकों को बड़ा झटका दिया है। मौजूदा वैश्विक और घरेलू परिस्थितियों को देखते हुए, निवेशकों को सावधानी से निवेश करने की सलाह दी जाती है। शेयर बाजार में निवेश जोखिमों के अधीन है, इसलिए कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से परामर्श अवश्य लें।



