एशिया कप 2025 से ठीक पहले श्रीलंका क्रिकेट टीम को जिम्बाब्वे के खिलाफ दूसरे टी20 मैच में एक शर्मनाक हार का सामना करना पड़ा है। हरारे में खेले गए इस मुकाबले में श्रीलंकाई टीम महज 17.4 ओवर में सिर्फ 80 रन बनाकर ऑल आउट हो गई, जिससे उसके एशिया कप अभियान से पहले चिंताएं बढ़ गई हैं।
जिम्बाब्वे ने दर्ज की शानदार जीत
तीन टी20 मैचों की सीरीज के दूसरे मुकाबले में श्रीलंका ने पहले बल्लेबाजी करते हुए बेहद निराशाजनक प्रदर्शन किया। पूरी टीम निर्धारित 20 ओवर भी नहीं खेल पाई और 80 रन पर ही सिमट गई। जवाब में, जिम्बाब्वे ने शानदार और सधी हुई बल्लेबाजी का प्रदर्शन करते हुए 14.2 ओवर में 5 विकेट खोकर 84 रन बनाकर आसानी से मैच जीत लिया। सीरीज के पहले मैच में श्रीलंका ने 4 विकेट से जीत हासिल की थी, लेकिन दूसरे मुकाबले में जिम्बाब्वे ने जबरदस्त वापसी की।
जिम्बाब्वे की ओर से ताशिंगा मुसेकिवा ने सर्वाधिक 21 रन बनाए, जबकि रयान बर्ल 20 गेंदों पर 22 रन बनाकर नाबाद रहे। ब्रायन बेनेट ने 19 और तदिवानाशे मारुमानी ने 17 रन का योगदान दिया, जिससे जिम्बाब्वे ने सीरीज में वापसी की।
श्रीलंकाई बल्लेबाजी का शर्मनाक प्रदर्शन
श्रीलंका की बल्लेबाजी इस मैच में पूरी तरह से फ्लॉप रही। टीम के केवल तीन बल्लेबाज ही दोहरे अंक तक पहुंच पाए। कामिल मिशारा ने 20 रनों की पारी खेली, जबकि कप्तान चरिथ असलंका ने 23 गेंदों पर 18 और दासुन शनाका ने 21 गेंदों पर 15 रन बनाकर टीम को किसी तरह 80 रन के आंकड़े तक पहुंचाया। बाकी के बल्लेबाज जिम्बाब्वे की अनुशासित गेंदबाजी के सामने घुटने टेकते नजर आए, जो आगामी एशिया कप के लिए शुभ संकेत नहीं है।
जिम्बाब्वे की शानदार गेंदबाजी
जिम्बाब्वे की जीत में उसके गेंदबाजों का अहम योगदान रहा। ब्रैड इवांस और अनुभवी ऑलराउंडर सिकंदर रजा ने शानदार प्रदर्शन करते हुए तीन-तीन विकेट झटके। ब्लेसिंग मुजरबानी ने भी दो विकेट अपने नाम किए, जबकि सीन विलियम्स को एक सफलता मिली। जिम्बाब्वे के गेंदबाजों ने शुरू से ही श्रीलंकाई बल्लेबाजों पर दबाव बनाए रखा और उन्हें बड़ा स्कोर बनाने का कोई मौका नहीं दिया, जिसके परिणामस्वरूप श्रीलंकाई टीम केवल 80 रन पर ढेर हो गई।
एशिया कप से पहले चिंता का विषय
यह हार श्रीलंका के लिए एशिया कप 2025 से पहले एक बड़ा चिंता का विषय है। टीम को अपनी बल्लेबाजी और समग्र प्रदर्शन पर गंभीरता से विचार करने की जरूरत है, ताकि वे आगामी बड़े टूर्नामेंट में बेहतर प्रदर्शन कर सकें। जिम्बाब्वे के खिलाफ मिली यह हार निश्चित रूप से उनके आत्मविश्वास को प्रभावित करेगी और उन्हें अपनी रणनीति पर पुनर्विचार करने के लिए मजबूर करेगी।



