दिल्ली का बवाना औद्योगिक क्षेत्र, जो हजारों फैक्ट्रियों और लाखों कामगारों का घर है, कुछ समय पहले तक सड़क हादसों का गढ़ बन गया था। एक जनवरी से 30 जून के बीच, सिर्फ छह महीनों में 17 लोगों की सड़क दुर्घटनाओं में मौत हो गई, जिससे क्षेत्र में सड़क सुरक्षा (Road Safety India) एक बड़ी चुनौती बन गई थी। लेकिन अब, यातायात पुलिस की एक प्रभावी पहल ने इस तस्वीर को बदल दिया है।
सड़क हादसों का बढ़ता आंकड़ा: एक गंभीर समस्या
बवाना औद्योगिक क्षेत्र में 14 हजार से ज़्यादा फैक्ट्रियाँ हैं और लगभग 1.5 लाख से अधिक लोग यहाँ काम करते हैं। इन व्यस्त सड़कों पर तेज रफ्तार वाहन और पैदल चलने वालों का जमावड़ा जानलेवा साबित हो रहा था। पुलिस के अध्ययन में सामने आया कि अधिकतर जानलेवा हादसे रात के समय हुए, जिनमें पैदल सड़क पार करने वाले लोग सबसे ज्यादा शिकार हुए। सड़कें अच्छी होने के कारण वाहनों की गति पर नियंत्रण मुश्किल हो रहा था, खासकर चौराहों और तिराहों पर। 14 जून की रात को हुई एक दुखद घटना, जहाँ तेज रफ्तार टेंपो की टक्कर से दो बाइक सवार युवकों की मौत हो गई थी, ने इस समस्या की गंभीरता को और बढ़ा दिया था।
यातायात पुलिस की पहल: समाधान की दिशा में कदम
इस गंभीर स्थिति से निपटने के लिए उत्तरी रेंज की यातायात पुलिस उपायुक्त संध्या स्वामी ने अमन विहार यातायात इंस्पेक्टर ललन केशरी के साथ मिलकर क्षेत्र में होने वाले हादसों के कारणों का गहन अध्ययन किया। अध्ययन में पाया गया कि 150 से अधिक चौराहों और तिराहों पर तेज रफ्तार ही अधिकांश दुर्घटनाओं की जड़ थी। इसके बाद, DSIIIDC अधिकारियों के सहयोग से यातायात पुलिस ने 30 से अधिक प्रमुख चौराहों और तिराहों पर स्पीड ब्रेकर (Speed Breakers Delhi) लगाने का फैसला किया। यह पहल मुख्य रूप से वाहनों की गति को नियंत्रित करने और Accident Prevention को बढ़ावा देने के उद्देश्य से की गई थी।
सकारात्मक परिणाम: हादसों में 60% की कमी
इन स्पीड ब्रेकर के लगने के बाद, बवाना औद्योगिक क्षेत्र (Bawana Industrial Area) में सड़क सुरक्षा की स्थिति में उल्लेखनीय सुधार हुआ है। जहाँ पहले औसतन हर महीने तीन लोग सड़क हादसों में अपनी जान गंवा रहे थे, वहीं अब जुलाई और अगस्त के महीनों में यह संख्या घटकर केवल एक-एक रह गई है। ताजा आंकड़ों के अनुसार, इन उपायों से सड़क हादसों में 60% तक की कमी दर्ज की गई है। एक जुलाई से 31 अगस्त तक, इस क्षेत्र में सड़क हादसों में मरने वालों की संख्या सिर्फ दो रही, जो पहले के छह महीनों की तुलना में एक बड़ी उपलब्धि है।
भविष्य की योजनाएं और निरंतर प्रयास
यह सफलता सिर्फ एक शुरुआत है। पुलिस अधिकारी अन्य चौराहों पर भी अध्ययन जारी रखे हुए हैं और भविष्य में और स्पीड ब्रेकर लगाने की योजना बना रहे हैं। इसका लक्ष्य बवाना औद्योगिक क्षेत्र को पूरी तरह से सुरक्षित बनाना और Traffic Accidents को न्यूनतम स्तर पर लाना है। यातायात पुलिस इन आंकड़ों को और कम करने के लिए प्रतिबद्ध है, ताकि क्षेत्र में काम करने वाले लाखों लोग सुरक्षित महसूस कर सकें और हर दिन बिना किसी डर के अपने गंतव्य तक पहुँच सकें।



