भारतीय Share Market में उतार-चढ़ाव का सिलसिला जारी है। मंगलवार को साप्ताहिक डेरिवेटिव्स एक्सपायरी से ठीक पहले बाजार में बिकवाली का दबाव देखने को मिला, जिसके चलते प्रमुख सूचकांक Sensex और Nifty गिरावट के साथ बंद हुए। हालांकि, बैंकिंग सेक्टर में तेजी ने कुछ राहत दी। आइए जानते हैं 23 सितंबर 2025 को बाजार की क्या स्थिति रही और 24 सितंबर को बाजार की चाल कैसी रह सकती है, साथ ही एक्सपर्ट्स की क्या राय है।
बाजार का हाल: सेंसेक्स-निफ्टी में गिरावट, बैंक निफ्टी में उछाल
मंगलवार को बाजार में मिले-जुले संकेत देखने को मिले। जहां एक ओर Sensex 58 अंक गिरकर 82,102 पर बंद हुआ, वहीं Nifty 33 अंक की गिरावट के साथ 25,170 पर समाप्त हुआ। हालांकि, बैंकिंग शेयरों में खरीदारी का माहौल रहा, जिससे बैंक निफ्टी 225 अंक चढ़कर 55,510 के स्तर पर बंद हुआ।
सेक्टर के लिहाज से देखा जाए तो PSU बैंक, मेटल और ऑटो इंडेक्स बढ़त पर रहे, जबकि FMCG, रियल्टी और IT शेयरों में दबाव साफ नजर आया। मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में भी कमजोरी दिखी, जिससे मिडकैप इंडेक्स 203 अंक गिरकर 58,497 पर आ गया। सेंसेक्स के 30 में से 16 और निफ्टी के 50 में से 21 शेयरों में बिकवाली हावी रही। बैंक निफ्टी के 12 में से 9 शेयरों में खरीदारी देखने को मिली, जो बैंकिंग सेक्टर की मजबूती को दर्शाता है।
विदेशी निवेशकों (FII) का बदलता रुख
जियोजित के वीके विजयकुमार का कहना है कि विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) ने फिलहाल अपना रुख दूसरे बाजारों की ओर कर लिया है। भारतीय बाजार और अन्य बाजारों के बीच वैल्यूएशन के अंतर ने इन निवेशकों को भारत की जगह दूसरे बाजारों में पैसा लगाने का मौका दिया है। उनका मानना है कि जब भारत में कॉर्पोरेट आय में सुधार होने लगेगा, तो स्थितियां बदलेंगी और FII एक बार फिर भारतीय बाजार का रुख कर सकते हैं। त्योहारी सीजन के साथ कॉर्पोरेट आय में सुधार के संकेत मिलने की उम्मीद है, जिसकी पुष्टि ऑटोमोबाइल बुकिंग में तेज बढ़ोतरी की खबरों से भी होती है।
एक्सपर्ट्स की राय: 24 सितंबर के लिए बाजार की रणनीति
आनंद जेम्स (जियोजित फाइनेंशियल सर्विसेज): उनका मानना है कि Nifty के लिए 25,200-25,000 के दायरे में बने रहना महत्वपूर्ण होगा। बैंकिंग और ऑटो शेयरों में आई खरीदारी IT और FMCG सेक्टर पर दबाव को कम करने में मदद कर सकती है।
विनोद नायर (जियोजित इन्वेस्टमेंट्स): विनोद नायर को उम्मीद है कि GST में सुधार, सामान्य मानसून, ब्याज दरों में कटौती और टैक्स कटौती से खपत को बढ़ावा मिलेगा। इससे वैल्यूएशन और ग्रोथ की संभावनाओं के बीच का अंतर कम होगा। उनका कहना है कि वित्त वर्ष 2025 की दूसरी छमाही में अर्निंग में सुधार की उम्मीदों से विदेशी निवेशक धीरे-धीरे खरीदार बन सकते हैं, जिससे खपत से जुड़े शेयरों में तेजी आने की संभावना है।
वत्सल भुवा (एलकेपी सिक्योरिटीज): वत्सल भुवा के तकनीकी विश्लेषण के अनुसार, मंगलवार को Nifty ने अपने 20-डे EMA के पास सपोर्ट लिया और अपने 10-डे EMA के करीब बंद हुआ। उनका कहना है कि जब तक Nifty 50-डे EMA यानी 24,900 से ऊपर बना रहेगा, तब तक बाजार का रुझान पॉजिटिव रहेगा। हालांकि, 25,300-25,400 जोन में काफी कॉल राइटिंग हुई है, और लगातार खरीदारी के बाद यहां एक हैंगिंग मैन कैंडलस्टिक बना है, जो शॉर्ट टर्म कंसोलिडेशन का संकेत है। निकट भविष्य में, Nifty के 25,100-25,400 के दायरे में रहने की उम्मीद है। इंडेक्स के लिए 25,100 पर अहम सपोर्ट और 25,400 पर रेजिस्टेंस है। यह Stock Market Outlook दर्शाता है कि बाजार कुछ समय के लिए इस दायरे में रह सकता है।
आगे की राह: क्या कहते हैं संकेत?
साप्ताहिक डेरिवेटिव्स एक्सपायरी से पहले ट्रेडर्स अपनी पोजीशन एडजस्ट कर रहे हैं, जिससे Share Market में उतार-चढ़ाव बना रहेगा। हालांकि, कुछ सेक्टर्स में खरीदारी और मैक्रोइकॉनॉमिक डेटा में सुधार की उम्मीदें भारतीय शेयर बाजार के लिए सकारात्मक संकेत दे रही हैं। निवेशकों को सलाह दी जाती है कि वे सतर्कता के साथ निवेश करें और किसी भी निर्णय से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह जरूर लें। यह Stock Market Outlook केवल जानकारी के लिए है।



