भारतीय ऑटोमोबाइल बाजार में सब-4 मीटर SUV सेगमेंट में मुकाबला लगातार बढ़ता जा रहा है। इसी कड़ी में, हाल ही में लॉन्च हुई रेनॉल्ट काइगर फेसलिफ्ट और पहले से ही लोकप्रिय निसान मैग्नाइट अपनी किफायती कीमतों और शानदार फीचर्स के साथ खरीदारों का ध्यान खींच रही हैं। दिलचस्प बात यह है कि ये दोनों ही गाड़ियां एक ही प्लेटफॉर्म पर आधारित हैं और कई मायनों में एक जैसी लगती हैं, लेकिन कुछ अहम अंतर इन्हें एक-दूसरे से अलग बनाते हैं। अगर आप इन दोनों में से किसी एक को खरीदने का मन बना रहे हैं, तो यह विस्तृत तुलनात्मक विश्लेषण आपको सही चुनाव करने में मदद करेगा।
डिजाइन और डायमेंशंस: कौन है बड़ा और कौन है ऊंचा?
जब बात आती है बाहरी लुक और आकार की, तो मैग्नाइट और काइगर में कुछ बारीक अंतर देखने को मिलते हैं।
- लंबाई और चौड़ाई: निसान मैग्नाइट रेनॉल्ट काइगर से थोड़ी लंबी (3,994 मिमी बनाम 3,990 मिमी) और चौड़ी (1,758 मिमी बनाम 1,750 मिमी) है।
- ऊंचाई: हालांकि, काइगर मैग्नाइट से थोड़ी ऊंची (1,605 मिमी बनाम 1,572 मिमी) है।
- व्हीलबेस और ग्राउंड क्लीयरेंस: एक ही प्लेटफॉर्म पर आधारित होने के कारण, दोनों गाड़ियों का व्हीलबेस (2,500 मिमी) और ग्राउंड क्लीयरेंस (205 मिमी) बिल्कुल समान है, जो खराब सड़कों पर भी अच्छी राइड क्वालिटी सुनिश्चित करता है।
- बूट स्पेस: यहां काइगर एक स्पष्ट बढ़त बनाती है। रेनॉल्ट काइगर का बूट स्पेस 405 लीटर है, जो निसान मैग्नाइट के 336 लीटर बूट स्पेस की तुलना में काफी अधिक है। यदि आप ज्यादा सामान रखने की क्षमता चाहते हैं, तो काइगर आपके लिए बेहतर हो सकती है।
फीचर्स: सुविधाएं जो बनाती हैं ड्राइविंग आसान
फीचर्स के मामले में, दोनों ही गाड़ियां अपने सेगमेंट में बेहतरीन ऑफरिंग देती हैं। इनमें कई सुविधाएं समान हैं, लेकिन काइगर कुछ अतिरिक्त फायदे भी प्रदान करती है।
- समान फीचर्स: दोनों SUVs में 8.0-इंच टचस्क्रीन इंफोटेनमेंट सिस्टम, वायरलेस एप्पल कारप्ले और एंड्रॉइड ऑटो, 6-स्पीकर Arkamys-ट्यून साउंड सिस्टम, Bi-प्रोजेक्टर ऑटो LED हेडलैंप्स, 360-डिग्री कैमरा, वायरलेस चार्जर, डिजिटल इंस्ट्रूमेंट क्लस्टर और ऑटो क्लाइमेट कंट्रोल जैसे आधुनिक फीचर्स मिलते हैं।
- काइगर के अतिरिक्त फायदे: रेनॉल्ट काइगर में वेंटिलेटेड फ्रंट सीट्स और रेन-सेंसिंग वाइपर्स जैसे कुछ प्रीमियम फीचर्स अतिरिक्त रूप से मिलते हैं, जो ड्राइविंग अनुभव को और बेहतर बनाते हैं।
इंजन और परफॉर्मेंस: ताकत का पैमाना
इंजन के मामले में, दोनों ही गाड़ियां लगभग समान स्पेसिफिकेशंस साझा करती हैं:
- इंजन विकल्प: दोनों में 1-लीटर NA पेट्रोल और 1-लीटर टर्बो पेट्रोल इंजन के विकल्प उपलब्ध हैं।
- पावर और टॉर्क: NA पेट्रोल इंजन 71 bhp की पावर और 96 Nm का टॉर्क जनरेट करता है, जबकि टर्बो पेट्रोल इंजन 99 bhp की पावर और 160 Nm (मैनुअल) या 152 Nm (CVT) का टॉर्क देता है।
- ट्रांसमिशन: दोनों SUVs में 5-स्पीड मैनुअल, 5-स्पीड AMT (NA पेट्रोल के साथ) और CVT (टर्बो पेट्रोल के साथ) ट्रांसमिशन विकल्प मिलते हैं।
यहां दोनों गाड़ियां प्रदर्शन के मामले में लगभग बराबर हैं, और आपकी पसंद आपके ड्राइविंग स्टाइल और ट्रांसमिशन की आवश्यकता पर निर्भर करेगी।
सेफ्टी फीचर्स: आपकी सुरक्षा सबसे पहले
सुरक्षा के मोर्चे पर, दोनों ही वाहन प्रभावशाली हैं और लगभग समान सुरक्षा फीचर्स प्रदान करते हैं।
- समान सेफ्टी फीचर्स: काइगर और मैग्नाइट दोनों में छह एयरबैग्स, इलेक्ट्रॉनिक स्टेबिलिटी प्रोग्राम (ESP), टायर प्रेशर मॉनिटरिंग सिस्टम (TPMS), ISOFIX चाइल्ड सीट माउंट्स, हिल स्टार्ट असिस्ट और अन्य सामान्य सुरक्षा फीचर्स शामिल हैं।
यह दिखाता है कि दोनों कंपनियां यात्रियों की सुरक्षा को लेकर गंभीर हैं।
कीमत: बजट पर भारी कौन?
कीमत किसी भी खरीद निर्णय में एक महत्वपूर्ण कारक होती है।
- रेनॉल्ट काइगर फेसलिफ्ट: इसकी शुरुआती कीमत 6.29 लाख रुपये से 11.29 लाख रुपये (एक्स-शोरूम) तक है।
- निसान मैग्नाइट: इसकी शुरुआती कीमत 6.14 लाख रुपये से 11.76 लाख रुपये (एक्स-शोरूम) तक है।
काइगर का बेस वेरिएंट मैग्नाइट के बेस वेरिएंट से थोड़ा महंगा है, जबकि मैग्नाइट का टॉप-स्पेक वेरिएंट काइगर के टॉप-स्पेक वेरिएंट से थोड़ा ज्यादा महंगा है। कुल मिलाकर, दोनों SUVs की कीमतें काफी करीब हैं, जिससे चुनाव और भी मुश्किल हो जाता है।
निष्कर्ष: आपके लिए क्या है बेहतर विकल्प?
रेनॉल्ट काइगर फेसलिफ्ट और निसान मैग्नाइट दोनों ही सब-4 मीटर SUV सेगमेंट में मजबूत दावेदार हैं। यदि आपको अधिक बूट स्पेस और वेंटिलेटेड फ्रंट सीट्स व रेन-सेंसिंग वाइपर्स जैसे अतिरिक्त फीचर्स चाहिए, तो रेनॉल्ट काइगर आपके लिए एक बेहतर विकल्प हो सकती है। वहीं, अगर आप थोड़ी लंबी और चौड़ी गाड़ी पसंद करते हैं और कीमत में मामूली बचत चाहते हैं, तो निसान मैग्नाइट एक अच्छा सौदा हो सकती है। दोनों ही गाड़ियां समान प्लेटफॉर्म, इंजन विकल्प और सुरक्षा फीचर्स साझा करती हैं, इसलिए आपका अंतिम निर्णय आपकी व्यक्तिगत प्राथमिकताओं और उपयोग के पैटर्न पर निर्भर करेगा। खरीदने से पहले दोनों गाड़ियों का टेस्ट ड्राइव करना हमेशा सबसे अच्छा होता है।



