रिलायंस पावर के शेयरों में भारी गिरावट: क्या है वजह और क्या है आगे का रास्ता?
अनिल अंबानी से जुड़ी कई कंपनियों के शेयरों ने निवेशकों को भारी नुकसान पहुंचाया है, जिनमें से ज़्यादातर 99% से ज़्यादा गिर चुके हैं। रिलायंस पावर भी ऐसी ही एक कंपनी है जिसके शेयरों ने उतार-चढ़ाव भरा सफ़र देखा है। एक समय में इसके शेयर 240 रुपये से ज़्यादा के थे, लेकिन बाद में ये 3 रुपये से भी नीचे आ गए थे। हालाँकि, पिछले साल से शेयरों में सुधार हुआ और जून 2025 में इसकी कीमत 76.49 रुपये तक पहुँच गई, जो 52 हफ़्ते का उच्चतम स्तर था।
शेयरों में फिर आई गिरावट
लेकिन इस ऊँचाई के बाद शेयरों में फिर से गिरावट का सिलसिला शुरू हो गया। मंगलवार को शेयरों में 4% से ज़्यादा की गिरावट देखी गई और कीमत 45 रुपये से कम हो गई। शेयर 3.74% गिरकर 44.75 रुपये पर बंद हुआ। पिछले तीन कारोबारी दिनों में शेयर में 10.64 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई है। इस शेयर को लेकर विशेषज्ञों की राय भी अलग-अलग है।
सीबीआई जांच का असर?
इस बीच, रिलायंस पावर ने रिलायंस कम्युनिकेशंस और अनिल अंबानी के खिलाफ केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) की कार्रवाई से जुड़ी मीडिया रिपोर्टों पर स्पष्टीकरण जारी किया है। कंपनी का कहना है कि इस घटनाक्रम का उसके व्यावसायिक संचालन, वित्तीय प्रदर्शन, शेयरधारकों, कर्मचारियों या अन्य हितधारकों पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा। कंपनी ने कहा कि सार्वजनिक रूप से उपलब्ध जानकारी के अनुसार, भारतीय स्टेट बैंक द्वारा दर्ज की गई शिकायत 10 साल से भी ज़्यादा पुराने मामलों से संबंधित है, उस समय अनिल अंबानी रिलायंस कम्युनिकेशंस के एक साधारण गैर-कार्यकारी निदेशक थे और उनका दैनिक प्रबंधन में कोई दखल नहीं था। उन्होंने 2019 में रिलायंस कम्युनिकेशंस के बोर्ड से इस्तीफा दे दिया था। रिलायंस पावर एक अलग और स्वतंत्र सूचीबद्ध इकाई है जिसका रिलायंस कम्युनिकेशंस से कोई व्यावसायिक या वित्तीय संबंध नहीं है और अनिल अंबानी साढ़े तीन साल से ज़्यादा समय से इसके बोर्ड में नहीं हैं।
विश्लेषकों की राय
रिलायंस पावर के शेयरों को लेकर विश्लेषकों की राय बंटी हुई है। वेल्थमिल्स सिक्योरिटीज में इक्विटी स्ट्रैटेजी निदेशक क्रांति बथिनी का मानना है कि हालिया अस्थिरता को देखते हुए यह शेयर उच्च जोखिम उठाने वाले निवेशकों के लिए उपयुक्त है। वहीं, सेबी रजिस्टर्ड विश्लेषक एआर रामचंद्रन ने 50.85 रुपये पर मजबूत प्रतिरोध और 42 रुपये के समर्थन स्तर से नीचे जाने पर शेयर के 37 रुपये तक गिरने की चेतावनी दी है।
निष्कर्ष
रिलायंस पावर के शेयरों का भविष्य अभी भी अनिश्चित है। निवेशकों को इस शेयर में निवेश करने से पहले सावधानी बरतनी चाहिए और जोखिमों का आकलन करना चाहिए।



