दिल्ली के प्रशासनिक गलियारों में एक महत्वपूर्ण फेरबदल हुआ है। केंद्र सरकार ने वरिष्ठ IAS officer राजीव वर्मा को राष्ट्रीय राजधानी का नया मुख्य सचिव नियुक्त किया है। यह new appointment निवर्तमान मुख्य सचिव धर्मेंद्र के 30 सितंबर को सेवानिवृत्त होने के बाद प्रभावी होगी। केंद्रीय गृह मंत्रालय द्वारा जारी एक आधिकारिक आदेश में यह घोषणा की गई है, जिसमें बताया गया है कि 1992 बैच के एजीएमयूटी कैडर के अधिकारी राजीव वर्मा को चंडीगढ़ से दिल्ली स्थानांतरित कर 1 अक्टूबर से राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली का मुख्य सचिव बनाया गया है।
कौन हैं राजीव वर्मा? एक नज़र उनके करियर पर
Rajiv Verma एक अनुभवी प्रशासक हैं जिनके पास 30 वर्षों का व्यापक अनुभव है। उन्होंने विभिन्न महत्वपूर्ण पदों पर कार्य किया है, जिससे उन्हें प्रशासन के हर पहलू की गहरी समझ है। आईआईटी से एमटेक की डिग्री हासिल करने वाले वर्मा अकादमिक रूप से भी बेहद कुशल हैं।
- चंडीगढ़ में महत्वपूर्ण भूमिका: 2022 से 2024 तक, उन्होंने केंद्र शासित प्रदेश चंडीगढ़ के राज्यपाल के सलाहकार और अतिरिक्त सचिव के रूप में अपनी सेवाएं दीं। इसके बाद, उन्हें चंडीगढ़ का मुख्य सचिव नियुक्त किया गया, जहां उन्होंने महत्वपूर्ण प्रशासनिक जिम्मेदारियां संभालीं।
- दिल्ली सरकार के साथ पुराना जुड़ाव: उत्तर प्रदेश के मूल निवासी Rajiv Verma का दिल्ली से पुराना नाता है। वह 2018 से 2022 तक दिल्ली सरकार में वित्त और राजस्व सचिव के रूप में कार्य कर चुके हैं। इसके अतिरिक्त, उन्होंने दिल्ली के परिवहन विभाग में भी महत्वपूर्ण पदों पर अपनी सेवाएं दी हैं। उन्होंने दिल्ली सरकार के अन्य विभागों में भी सचिव और अतिरिक्त सचिव स्तर के पदों पर कार्य किया है।
- केंद्र सरकार में अनुभव: अपने करियर के दौरान, वर्मा भारत सरकार के रक्षा मंत्रालय, ऊर्जा मंत्रालय और स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय जैसे प्रमुख मंत्रालयों में भी कार्यरत रह चुके हैं, जिससे उन्हें केंद्र स्तर पर भी व्यापक अनुभव प्राप्त है।
क्या है AGMUT कैडर?
जिस AGMUT Cadre से Delhi Chief Secretary Rajiv Verma आते हैं, वह भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) और भारतीय पुलिस सेवा (IPS) के अधिकारियों को सौंपा जाने वाला एक विशेष कैडर है। ‘एजीएमयूटी’ का मतलब अरुणाचल प्रदेश, गोवा, मिजोरम और केंद्र शासित प्रदेश (Arunachal Pradesh-Goa-Mizoram and Union Territories Cadre) है।
इसमें तीन राज्य (अरुणाचल प्रदेश, गोवा, मिजोरम) और भारत के सभी केंद्र शासित प्रदेश शामिल हैं, जैसे दिल्ली, अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, लक्षद्वीप, पुडुचेरी, चंडीगढ़, जम्मू और कश्मीर और लद्दाख। यह कैडर सीधे केंद्र सरकार के अधीन होता है और वही इन क्षेत्रों में IAS और IPS अधिकारियों की तैनाती और स्थानांतरण का कामकाज देखती है।
Rajiv Verma की यह नई नियुक्ति दिल्ली के प्रशासनिक ढांचे में एक महत्वपूर्ण बदलाव है, और उनके व्यापक अनुभव को देखते हुए उनसे राष्ट्रीय राजधानी के विकास में महत्वपूर्ण योगदान की उम्मीद की जा रही है।



