लखनऊ के गोमती नगर में हाल ही में एक अनूठा और प्रेरणादायक आयोजन देखने को मिला, जहाँ नर्सिंग और पैरामेडिकल के छात्र-छात्राओं ने पीसीओएस (PCOS – पॉलीसिस्टिक ओवरी सिंड्रोम) के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए ‘रन फॉर हर’ (Run For Her) चैलेंज में हिस्सा लिया। इस पहल का उद्देश्य महिलाओं के स्वास्थ्य से जुड़ी इस आम समस्या पर प्रकाश डालना था। सैकड़ों युवाओं ने एकजुट होकर एक महत्वपूर्ण सामाजिक संदेश दिया, खासकर लखनऊ (Lucknow) जैसे महानगर में।
‘रन फॉर हर’ चैलेंज: एक सशक्त पहल
पीसीओएस डेस्टिग्माटाइज्ड फाउंडेशन की ओर से आयोजित यह दौड़ गोमती नगर सामाजिक परिवर्तन प्रतीक स्थल चौराहा से शुरू होकर जनेश्वर मिश्रा पार्क तक चली। इसमें पाँच किलोमीटर और दो किलोमीटर की श्रेणियों में युवा धावकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। इस कार्यक्रम का उद्घाटन विवेकानंद हॉस्पिटल और रामकृष्ण मठ के सचिव स्वामी मुक्तिनाथानंद ने किया, जो इसकी गंभीरता और सामाजिक महत्व को दर्शाता है। फाउंडेशन की प्रमुख और वरिष्ठ स्त्री रोग व आईवीएफ विशेषज्ञ डॉ. सीमा पांडेय (Dr. Seema Pandey) की अगुवाई में यह आयोजन सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। उन्होंने बताया कि इस ‘रन फॉर हर’ चैलेंज (Run For Her Challenge) का मुख्य लक्ष्य पीसीओएस (PCOS) के बारे में जन-जागरूकता फैलाना है। यह एक महत्वपूर्ण जागरूकता दौड़ (Awareness Run) थी।
पीसीओएस: एक बढ़ती हुई स्वास्थ्य चुनौती
डॉ. सीमा पांडेय के अनुसार, पीसीओएस (पॉलीसिस्टिक ओवरी सिंड्रोम) आज की युवा महिलाओं में सबसे आम स्वास्थ्य समस्याओं में से एक बन गया है। यह हार्मोनल असंतुलन से जुड़ी एक ऐसी स्थिति है जो अनियमित पीरियड्स, वजन बढ़ना, मुंहासे, और गर्भधारण में कठिनाई जैसी कई समस्याओं का कारण बन सकती है। इस स्थिति के बारे में सही जानकारी और समय पर निदान महिलाओं के स्वास्थ्य (Women’s Health) के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। ऐसी पहलें समाज में आवश्यक बदलाव लाने में सहायक होती हैं।
विजेताओं को नकद पुरस्कार से सम्मान
दौड़ में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागियों को नकद धनराशि देकर सम्मानित किया गया। पाँच किलोमीटर श्रेणी (पुरुष व महिला) में प्रथम विजेता को सात हजार रुपये, द्वितीय को पाँच हजार रुपये और तृतीय को तीन हजार रुपये का पुरस्कार दिया गया। इसी तरह, दो किलोमीटर श्रेणी (पुरुष और महिला) में प्रथम विजेता को पाँच हजार, द्वितीय को तीन हजार और तृतीय को भी तीन हजार रुपये का नकद पुरस्कार प्रदान किया गया। इसके अतिरिक्त, चौथे से दसवें स्थान तक के प्रतिभागियों को आकर्षक सांत्वना पुरस्कार भी दिए गए, जिससे सभी का उत्साहवर्धन हुआ और उन्होंने इस नेक पहल में अपना योगदान दिया।
जागरूकता से बदल सकती है जिंदगी
यह ‘रन फॉर हर’ चैलेंज (Run For Her Challenge) सिर्फ एक दौड़ नहीं थी, बल्कि यह पीसीओएस (PCOS) जैसी गंभीर स्वास्थ्य चुनौती के प्रति समाज को संवेदनशील बनाने का एक प्रयास था। डॉ. सीमा पांडेय (Dr. Seema Pandey) और उनकी टीम का यह कार्य युवा पीढ़ी को अपने स्वास्थ्य के प्रति सचेत रहने और सही जानकारी प्राप्त करने के लिए प्रेरित करता है। ऐसी पहलें महिलाओं के स्वास्थ्य (Women’s Health) को प्राथमिकता देने और उन्हें सशक्त बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं, जिससे एक स्वस्थ समाज का निर्माण हो सके।



