दिल्ली की तर्ज पर अब हरियाणा का पानीपत शहर भी ट्रैफिक जाम की गंभीर समस्या से जूझ रहा है। सड़कों पर वाहनों की बढ़ती संख्या ने न केवल आवाजाही को मुश्किल बना दिया है, बल्कि दुर्घटनाओं का खतरा भी बढ़ा दिया है। इस चुनौती से निपटने और शहरवासियों को सुगम यातायात प्रदान करने के लिए, पानीपत पुलिस प्रशासन ने एक महत्वपूर्ण और साहसिक कदम उठाया है: ‘ऑड-ईवन स्कीम’ की शुरुआत। यह योजना शहर की ट्रैफिक व्यवस्था को नया स्वरूप देने का प्रयास है, लेकिन पहले ही दिन इसे विरोध का सामना करना पड़ा।
पानीपत में ‘ऑड-ईवन’ योजना क्या है?
पुलिस प्रशासन द्वारा शुरू की गई यह ‘ऑड-ईवन’ योजना मुख्य रूप से ऑटो-रिक्शा और ई-रिक्शा पर लागू की गई है। इस योजना के तहत, विषम (Odd) संख्या वाले वाहन एक दिन चलेंगे, जबकि सम (Even) संख्या वाले वाहन दूसरे दिन चलेंगे। यह प्रक्रिया इसी तरह लगातार चलती रहेगी। इसका उद्देश्य सड़कों पर वाहनों की संख्या को नियंत्रित कर ट्रैफिक को सुचारू बनाना है।
क्यों पड़ी इस योजना की ज़रूरत?
पानीपत शहर में ऑटो और ई-रिक्शा की संख्या में बेतहाशा वृद्धि हुई है। इन वाहनों की बड़ी संख्या अक्सर सड़कों पर जाम का कारण बनती है, जिससे यात्रियों और अन्य वाहन चालकों को भारी असुविधा होती है। डीसीपी ट्रैफिक सुरेश सैनी के अनुसार, डिस्ट्रिक्ट रोड सेफ्टी कमेटी की मासिक बैठक में इस गंभीर समस्या पर विचार किया गया और सर्वसम्मति से ऑटो-ई-रिक्शा के लिए ऑड-ईवन योजना लागू करने का निर्णय लिया गया। इस पहल का मुख्य लक्ष्य शहर को जाम मुक्त बनाना, सड़क दुर्घटनाओं पर नियंत्रण पाना और आम जनता को सहज एवं सुरक्षित यातायात सुविधा उपलब्ध कराना है।
एक हफ्ते का ट्रायल और नियम
पुलिस प्रशासन ने इस योजना को तुरंत स्थायी रूप से लागू करने के बजाय, एक हफ्ते के ट्रायल के तौर पर शुरू किया है। अधिकारियों का मानना है कि यदि इस प्रयोग से अच्छे परिणाम सामने आते हैं और जनता का अपेक्षित सहयोग मिलता है, तो इसे स्थायी रूप से लागू करने पर विचार किया जाएगा। इसके साथ ही, प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया है कि जिन वाहनों पर नंबर प्लेट नहीं हैं या जिन्होंने नगर निगम द्वारा दिए गए यूनिक नंबर स्टिकर नहीं लगाए हैं, उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी और चालान काटे जाएंगे। हालांकि, शुरुआती दिनों में लोगों को नियम के बारे में समझाया जा रहा है, लेकिन सख्ती भी बरती जा रही है।
पहले दिन विरोध और चुनौतियाँ
ऑड-ईवन योजना के पहले ही दिन पुलिस ने ई-रिक्शा और ऑटो चालकों के धड़ाधड़ चालान काटे। इस कार्रवाई से नाराज ऑटो और ई-रिक्शा चालक सड़क पर उतर आए और उन्होंने इस योजना का विरोध प्रदर्शन किया। चालकों ने स्थानीय विधायक से मिलकर भी अपनी आपत्तियां दर्ज कराईं। यह दर्शाता है कि किसी भी नई व्यवस्था को लागू करने में शुरुआती चुनौतियाँ और जन-विरोध स्वाभाविक है। डीसीपी सैनी को उम्मीद है कि इस योजना से ट्रैफिक जाम की समस्या से मुक्ति मिलेगी, लेकिन इसके लिए जनता और चालकों का सहयोग बेहद ज़रूरी होगा।
पानीपत के लिए आगे क्या?
यह ऑड-ईवन योजना पानीपत शहर की यातायात व्यवस्था में एक बड़ा बदलाव ला सकती है। यदि यह ट्रायल सफल होता है और शहरवासी इसे अपनाते हैं, तो आने वाले समय में पानीपत की सड़कें अधिक व्यवस्थित और सुरक्षित हो सकती हैं। अब देखना यह होगा कि प्रशासन जनता के विरोध और चालकों की चिंताओं के बीच कैसे संतुलन स्थापित करता है, और क्या यह पहल पानीपत को वाकई जाम से मुक्ति दिला पाती है या नहीं। यह योजना केवल यातायात प्रबंधन ही नहीं, बल्कि एक व्यवस्थित और सुरक्षित शहरी जीवन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।



