हॉस्पिटैलिटी सेक्टर की जानी-मानी कंपनी ओयो (Oyo) एक बार फिर प्रारंभिक सार्वजनिक पेशकश (IPO) लाने की तैयारी में जुट गई है। कंपनी ने अपने बोर्ड से इस महत्वपूर्ण कदम के लिए मंजूरी भी हासिल कर ली है। यह जानकारी एक रिपोर्ट में सामने आई है, हालांकि ओयो ने अभी तक अपनी आईपीओ योजनाओं पर कोई आधिकारिक टिप्पणी नहीं की है।
ओयो का तीसरा प्रयास: पिछली असफलताएं और नई उम्मीद
आपको बता दें कि यह ओयो का आईपीओ लाने का तीसरा प्रयास होगा। इससे पहले कंपनी ने पहली बार 2021 में भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) के पास अपना ड्राफ्ट प्रॉस्पेक्टस दाखिल किया था, लेकिन 2022 में इसे वापस ले लिया गया। उस समय ओयो 8,430 करोड़ रुपये का आईपीओ लाने का लक्ष्य लेकर चल रही थी। इसके बाद, साल 2023 में सेबी के गोपनीय फाइलिंग रूट के जरिए दूसरा प्रयास भी 2024 में रद्द कर दिया गया था। इन दो असफल कोशिशों के बाद, अब सभी की निगाहें कंपनी के इस तीसरे प्रयास पर टिकी हैं।
वर्तमान तैयारी और बड़े निवेश बैंकों से संपर्क
हाल ही में आई एक रिपोर्ट के अनुसार, ओयो ने आईपीओ के लिए प्रक्रिया शुरू कर दी है। इसके तहत, कंपनी ने अपने प्रमुख शेयरधारक सॉफ्टबैंक के साथ बैठक के लिए पांच बड़े निवेश बैंकों से संपर्क किया है। इन बैंकों में एक्सिस कैपिटल, गोल्डमैन सैक्स, सिटी और जेफरीज जैसे नाम शामिल हैं, जो इस बार की तैयारी की गंभीरता को दर्शाते हैं।
नई ब्रांड पहचान और प्रीमियम सेगमेंट पर फोकस
ओयो सिर्फ आईपीओ की तैयारी में ही नहीं, बल्कि अपने व्यापार में भी कई महत्वपूर्ण बदलाव कर रहा है। कंपनी एक नई मूल ब्रांड पहचान (Parent Brand Identity) शुरू करने पर काम कर रही है, जो उसके बढ़ते सेगमेंट को एक साथ लाएगी। इस साल की शुरुआत में, ओयो के संस्थापक और सीईओ रितेश अग्रवाल ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के माध्यम से अपनी मूल इकाई ‘ओरावेल स्टेज लिमिटेड’ के लिए नाम के सुझाव मांगे थे। इस प्रक्रिया से चुना गया नाम समूह का नया नाम हो सकता है।
इसके साथ ही, ओयो अपने प्रीमियम होटल और मध्यम-बाजार से लेकर प्रीमियम कंपनी-सेवा वाले होटलों के लिए एक अलग ऐप पेश करने पर भी सक्रिय रूप से विचार कर रहा है। कंपनी का मानना है कि इस सेगमेंट ने भारत के साथ-साथ वैश्विक बाजारों में भी तेजी से वृद्धि देखी है, और एक समर्पित ऐप से इसे और बढ़ावा मिलेगा।
क्या इस बार पूरा होगा ओयो का आईपीओ का सपना?
ओयो के ये रणनीतिक कदम और तीसरा आईपीओ प्रयास हॉस्पिटैलिटी सेक्टर में कंपनी की महत्वाकांक्षाओं को दर्शाते हैं। इन सभी प्रयासों के बीच, निवेशक और बाजार विश्लेषक यह देखने के लिए उत्सुक हैं कि क्या इस बार ओयो अपने आईपीओ के सपने को हकीकत में बदल पाता है।



