बॉलीवुड और भारतीय सिनेमा के लिए एक गौरवपूर्ण क्षण! ईशान खट्टर, विशाल जेठवा और जाह्नवी कपूर अभिनीत फिल्म ‘होमबाउंड’ (Homebound) को 98वें अकैडमी अवॉर्ड्स, यानी Oscars 2026 में बेस्ट इंटरनेशनल फीचर फिल्म कैटेगरी के लिए भारत की आधिकारिक एंट्री के रूप में चुना गया है। यह फिल्म भारतीय सिनेमाघरों में रिलीज होने से पहले ही अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर धूम मचा चुकी है, जो इसकी गुणवत्ता और वैश्विक अपील का प्रमाण है।
ऑस्कर 2026 की दौड़ में ‘होमबाउंड’ की एंट्री: करण जौहर और नीरज घेवान उत्साहित
फिल्ममेकर करण जौहर और उनकी टीम के लिए यह खबर किसी बड़े जश्न से कम नहीं है। ‘होमबाउंड’ को भारत की तरफ से Oscars 2026 में ऑफिशियल एंट्री के लिए चुना जाना, टीम के लिए एक ऐतिहासिक उपलब्धि है। यह फिल्म पहले ही कई प्रतिष्ठित फिल्म फेस्टिवल्स में अपनी पहचान बना चुकी है। कान फिल्म फेस्टिवल में इसे 9 मिनट का स्टैंडिंग ओवेशन मिला था, जिसने अंतरराष्ट्रीय दर्शकों और आलोचकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।
इस बड़ी खबर पर फिल्म के प्रोड्यूसर करण जौहर ने अपनी खुशी व्यक्त करते हुए इंस्टाग्राम पर लिखा, “एक ऐसा पल जिसे मैं कभी नहीं भूल पाऊंगा। बेहद सम्मानित, विनम्र और उत्साहित हूं कि हमारी फिल्म Homebound को 98वें अकैडमी अवॉर्ड्स में बेस्ट इंटरनेशनल फीचर के लिए भारत की ऑफिशियल एंट्री के रूप में चुना गया है। फिल्म फेडरेशन ऑफ इंडिया का तहे दिल से शुक्रिया कि उन्होंने हमारी कहानी, हम पर और हम Indian Cinema को ग्लोबल प्लेटफॉर्म पर क्या दिखा सकते हैं, इस पर विश्वास किया। पूरी टीम को हार्दिक बधाई।”
फिल्म के डायरेक्टर नीरज घेवान ने भी अपनी भावनाओं को साझा करते हुए लिखा, “मुझे बहुत गर्व है कि Homebound को ऑस्कर्स में इंडिया की ऑफिशियल एंट्री के लिए चुना गया है। हमारी धरती और हमारे लोगों के प्रति प्रेम से जुड़ी, ये उस घर का सार दिखाती है जिसे हम सभी साझा करते हैं। अपनी कहानियों को दुनिया तक पहुंचाना और सिनेमा के सबसे बड़े इंटरनेशनल स्टेज में से एक पर भारत का प्रतिनिधित्व करना, विनम्र होने के साथ-साथ गर्व की बात भी है और इसके लिए मैं तहे दिल से आभारी हूं।”
‘होमबाउंड’ ने पछाड़ी कई बड़ी फिल्में, रिलीज से पहले ही जीता दिल
Oscars 2026 के लिए भारत की एंट्री हेतु ‘होमबाउंड’ के अलावा कई और फिल्में भी दावेदार थीं। बॉलीवुड से ‘केसरी चैप्टर 2’, ‘पुष्पा 2’, ‘तनवी द ग्रेट’, ‘द बंगाल फाइल्स’, ‘आई वॉन्ट टू टॉक’ और ‘सुपरबॉयज ऑफ मालेगांव’ जैसी फिल्मों को फेडरेशन के पास भेजा गया था। साउथ सिनेमा से भी ‘पुष्पा 2’ और ‘कन्नप्पा’ जैसी फिल्मों ने अपनी दावेदारी पेश की। वहीं, मराठी सिनेमा से ‘पानी’, ‘दशावतार’ और ‘वनवास’ जैसी समीक्षकों द्वारा सराही गई फिल्में भी रेस में थीं। इन सभी को पीछे छोड़कर Homebound ने बाजी मारी, जो इसकी सशक्त कहानी और शानदार निर्देशन का प्रमाण है। हालांकि, यह फिल्म अभी ऑस्कर की अंतिम रेस में है या नहीं, इसका फैसला अकैडमी अवॉर्ड्स की जूरी करेगी।
यह फिल्म भारत में रिलीज होने से पहले ही दुनियाभर में कमाल कर चुकी है। 78वें कान फिल्म फेस्टिवल में इसने 9 मिनट का स्टैंडिंग ओवेशन प्राप्त किया था। इसके अलावा, मेलबर्न इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल में भी इसे खूब तारीफें मिलीं और हाल ही में टोरंटो फिल्म फेस्टिवल में भी Homebound की खूब चर्चा हुई। फिल्म में Ishaan Khatter, विशाल जेठवा और Janhvi Kapoor जैसे प्रतिभाशाली कलाकार हैं, जिनकी अदाकारी ने दर्शकों का दिल जीता है।
क्या है ‘होमबाउंड’ की कहानी और कब होगी भारत में रिलीज?
डायरेक्टर नीरज घेवान की यह फिल्म दो दोस्तों की मार्मिक कहानी है, जो अपनी पहचान बनाने और अपने परिवार के लिए कुछ करने के लिए पुलिस में भर्ती होना चाहते हैं। चंदन कुमार और शोएब नाम के ये दोस्त, जहाँ एक पक्का घर बनाना चाहता है, वहीं दूसरा इज्जत कमाना चाहता है। उनकी दोस्ती और सपनों की राह में कई चुनौतियाँ आती हैं, यहाँ तक कि उनके बीच झगड़ा भी हो जाता है। क्या ये दोनों दोस्त अपनी मंजिल तक पहुँच पाएंगे? यही इस फिल्म का सार है।
भारत में फिल्म ‘होमबाउंड’ 26 सितंबर को रिलीज होगी। फिल्म में Ishaan Khatter, विशाल जेठवा, Janhvi Kapoor के अलावा ‘सेक्रेड गेम्स’ फेम एक्ट्रेस शालिनी वत्स भी महत्वपूर्ण भूमिका में हैं। फिल्म के लिए दर्शकों का उत्साह चरम पर है, खासकर Oscars 2026 में इसकी एंट्री की घोषणा के बाद।
‘होमबाउंड’ के निर्देशक नीरज घेवान: एक प्रतिभाशाली दूरदर्शी
‘होमबाउंड’ की सफलता का श्रेय इसके निर्देशक नीरज घेवान को भी जाता है। नीरज बॉलीवुड के ऐसे निर्देशकों में से हैं, जिन्होंने अपनी फिल्मों से दर्शकों और समीक्षकों दोनों को प्रभावित किया है। उनकी पिछली फिल्में जैसे ‘मसान’, ‘अजीब दास्तान’ और ‘जूस’ को खूब पसंद किया गया है। अब Homebound भी फिल्म फेस्टिवल्स में तारीफें बटोर रही है। देखना होगा कि भारतीय सिनेमाघरों में यह फिल्म वैसा ही प्यार हासिल कर पाती है या नहीं, जैसी उम्मीद की जा रही है। यह Indian Cinema के लिए एक गर्व का क्षण है।



