बिहार में अब ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन करना वाहन चालकों और मालिकों दोनों के लिए बेहद महंगा साबित होगा। सड़क दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाने और यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाने के लिए राज्य सरकार ने सख्त कदम उठाने का फैसला किया है। अब ओवरलोड और अनफिट वाहनों के कारण होने वाली दुर्घटनाओं में वाहन मालिक और ड्राइवर, दोनों पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 105 के तहत केस दर्ज किया जाएगा, जिसमें 10 साल तक के कारावास का प्रावधान है।
ओवरलोडिंग पर कड़ा प्रहार: मालिक और ड्राइवर दोनों पर होगी कार्रवाई
पुलिस मुख्यालय में आयोजित एक प्रेस वार्ता में एडीजी (ट्रैफिक) सुधांशु कुमार ने स्पष्ट किया कि खासकर ऑटो जैसे छोटे वाहनों में ओवरलोडिंग के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। यदि किसी ऑटो, बस या अन्य वाहन से ओवरलोडिंग के कारण दुर्घटना होती है, तो वाहन मालिक के साथ-साथ चालक और इसमें शामिल अन्य व्यक्तियों के खिलाफ भी बीएनएस की धारा 105 समेत अन्य सुसंगत धाराओं में मामला दर्ज किया जाएगा। इस धारा के तहत न्यूनतम 10 वर्ष के कारावास का प्रावधान है, जो दुर्घटना की गंभीरता के आधार पर और बढ़ सकता है।
घातक दुर्घटनाओं पर अंकुश: एडीजी ने गिनाईं हाल की त्रासदियाँ
एडीजी कुमार ने हाल के महीनों में हुई कई बड़ी सड़क दुर्घटनाओं का जिक्र करते हुए इस फैसले की गंभीरता पर जोर दिया। उन्होंने बताया कि 23 फरवरी को मसौढ़ी में हुए ऑटो हादसे में 7 लोगों की मौत हुई थी। इसी तरह, 29 मई को डुमरिया में 4, 31 जुलाई को आदर्श नगर में 3 और 23 अगस्त को दनियावां से आगे शाहजहांपुर के पास हुए ऑटो हादसे में 9 महिलाओं की जान चली गई थी। ये सभी हादसे ओवरलोडिंग का परिणाम थे। इन सभी मामलों में बीएनएस की धारा 105 के तहत जांच कर सख्त कार्रवाई की जाएगी। इसके अलावा, जहानाबाद में स्कूल बस में छेद से गिरकर बच्चे की मौत के मामले में भी सख्त धाराओं के तहत कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। इन सभी मामलों में दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
जाम से मुक्ति और सुरक्षा: अन्य अहम निर्देश
शहरों, विशेषकर पटना में ऑटो के कारण होने वाली जाम की समस्या को लेकर भी एडीजी ने सख्त निर्देश दिए हैं। सभी चौक-चौराहों के 50 मीटर आगे या पीछे ही ऑटो खड़ा करने की अनुमति होगी। इसके अलावा, यदि ऑटो, टुकटुक या अन्य कोई वाहन चलाते हुए नाबालिग पकड़ा जाता है, तो उसके खिलाफ भी बीएनएस की सख्त धाराओं के अंतर्गत कार्रवाई की जाएगी। मालवाहक ऑटो या अन्य वाहनों पर व्यक्तियों को ढोने पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगा दिया गया है, और ई-रिक्शा पर स्कूली बच्चों के परिवहन को पहले ही प्रतिबंधित किया जा चुका है। इन सभी नियमों का उल्लंघन करने वालों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
जनता से अपील और जागरूकता की पहल
एडीजी ने बताया कि अभी ऑटो चालकों को नियमों के बारे में समझाया जा रहा है, लेकिन इसके बाद भी यदि वे नहीं मानते हैं, तो सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने आम लोगों से भी अपील करते हुए कहा कि वे ओवरलोडेड वाहनों पर बैठने से परहेज करें और गलत तरीके से वाहन चलाने वालों के खिलाफ आवाज उठाएं, ताकि समाज में ऐसी गलत परिपाटियों को बढ़ावा न मिले। साथ ही, स्कूलों में भी ट्रैफिक नियमों की जानकारी देने पर जोर दिया गया, ताकि बचपन से ही बच्चों को यातायात सुरक्षा के प्रति जागरूक किया जा सके।



