मेरठ शहर में अतिक्रमण हटाओ अभियान ज़ोरों पर है। बुधवार को भी यातायात पुलिस और नगर निगम की टीमों ने बुलडोजर की मदद से सड़क और नालियों पर हुए अवैध निर्माण को ढहाया। इस अभियान से एक ओर जहां शहर की सड़कों को खुला रखने की कवायद की जा रही है, वहीं दूसरी ओर व्यापारियों में इसे लेकर खासी नाराज़गी देखने को मिल रही है। इस दौरान, पुलिस ने सड़कों पर खड़े वाहनों को भी हटवाया और नियमों का उल्लंघन करने वाले रोडवेज चालकों को भी सख्त चेतावनी दी गई है।
अभियान का दूसरा दिन: बुलडोजर ने तोड़े अवैध निर्माण
शहर को अतिक्रमण मुक्त करने की यह मुहिम बुधवार दोपहर 12 बजे से 1.30 बजे तक जारी रही। यातायात पुलिस और नगर निगम की टीम, बुलडोजर के साथ मिलकर घंटाघर से छतरी वाले पीर, अहमद रोड और बच्चा पार्क तक पहुंची। इस दौरान, नालियों से आगे तक किए गए अवैध निर्माण को बुलडोजर ने ढहा दिया। सड़कों पर बेतरतीब ढंग से खड़े वाहनों को भी हटवाया गया, जिससे यातायात सुगम हो सके। लगा तार चल रहे अभियान पर व्यापारियों ने एक बार फिर नाराजगी जताई। बिना नोटिस तोड़फोड़ करने व अतिक्रमण अभियान चलाने पर उन्होंने विरोध दर्ज कराया। हालांकि, पुलिस की सख्ती के आगे उनकी आवाज़ कुछ देर शांत रही।
दुकानदारों और ग्राहकों के लिए नए नियम
अतिक्रमण हटाओ अभियान के दौरान टीम ने दुकानदारों को सख्त हिदायत दी कि वे अपनी दुकानों के बाहर खड़े वाहनों को तुरंत हटाकर घंटाघर पार्किंग में खड़ा कराएं। यातायात निरीक्षक विनय कुमार शाही के नेतृत्व में चली इस कार्रवाई में कई वाहन ऐसे पाए गए जिन्हें स्थायी रूप से दुकानों के बाहर खड़ा कर दिया गया था, जिससे ग्राहकों के वाहनों और पैदल चलने वालों के लिए रास्ता तंग हो गया था। टीम ने दुकानदारों को ऐसे वाहन हटाने को कहा और चेतावनी दी कि यदि आदेश का पालन नहीं किया गया, तो वाहनों का चालान किया जाएगा। एसपी यातायात ने भी दुकानदारों से अपील की कि वे अपने ग्राहकों को वाहनों को पार्किंग में खड़ा करने के लिए प्रेरित करें। उन्होंने स्पष्ट किया कि दुकानों के बाहर केवल ग्राहकों के ही वाहन खड़े हों और यदि अन्य वाहन पाए गए, तो उनका चालान या सीज करने की कड़ी कार्रवाई की जाएगी। इस दौरान दुकानों के बाहर रखा सामान और बोर्ड भी हटाए गए, साथ ही घंटाघर के पास नाले के ऊपर लगाए गए जाल भी हटाए गए।
रोडवेज चालकों की मनमानी पर लगाम, मिली कड़ी चेतावनी
अतिक्रमण हटाओ अभियान के साथ-साथ, एसपी यातायात ने उत्तर प्रदेश राज्य परिवहन निगम के क्षेत्रीय प्रबंधक को एक पत्र लिखकर रोडवेज बसों की मनमानी पर भी गंभीर नाराज़गी जताई है। पत्र में कहा गया है कि भैंसाली बस अड्डे के बाहर और बेगमपुल पर बसों को खड़ा न करने पर पहले ही बैठक में सहमति बन चुकी है। इसके अलावा, दिल्ली रोड पर भी रोडवेज बसों को स्टॉप के अलावा बीच में कहीं भी रोकने की मनाही है। बावजूद इसके, चालक धड़ल्ले से बसों को बस स्टैंड के बाहर खड़ा कर रहे हैं और सवारी बैठाने व उतारने का काम दिल्ली रोड पर भी जारी है। एसपी यातायात ने तत्काल चालकों की इस मनमानी पर रोक लगाने की मांग की है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि चालकों ने नियमों का पालन नहीं किया, तो बसों का चालान और सीज करने जैसी कड़ी कार्रवाई की जाएगी। यह कदम शहर में यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।



