बहुजन समाज पार्टी (BSP) में इन दिनों बड़े संगठनात्मक बदलावों का दौर चल रहा है। पार्टी सुप्रीमो मायावती ने अपने समधी अशोक सिद्धार्थ को दोबारा पार्टी में शामिल करने के बाद अब एक बड़ी जिम्मेदारी सौंप दी है। ये बदलाव न केवल पार्टी के आंतरिक ढांचे को मजबूत करने की दिशा में एक कदम हैं, बल्कि 2027 के UP Elections के लिए एक मजबूत नींव रखने की रणनीति का भी हिस्सा माने जा रहे हैं।
संगठन में बड़े बदलाव: अशोक सिद्धार्थ को चार राज्यों का प्रभार
मायावती ने हाल ही में पार्टी में वापसी करने वाले अशोक सिद्धार्थ को केंद्रीय कोऑर्डिनेटर बनाकर चार महत्वपूर्ण राज्यों का जिम्मा सौंपा है। उन्हें हिमाचल प्रदेश, छत्तीसगढ़, गुजरात और जम्मू-कश्मीर में पार्टी संगठन को मजबूत बनाने की जिम्मेदारी दी गई है। यह दर्शाता है कि Mayawati इन राज्यों में पार्टी की पकड़ मजबूत करने को लेकर गंभीर हैं। इससे पहले इस सेक्टर का काम रणधीर सिंह बेनीवाल देख रहे थे, जिन्हें अब सेक्टर-चार का केंद्रीय कोऑर्डिनेटर नियुक्त किया गया है।
इन Organizational Changes के तहत, अब तक सेक्टर चार का काम देख रहे डॉ. लालजी मेधांकर को सेक्टर पांच का जिम्मा सौंपा गया है। वहीं, पूर्व विधायक अतर सिंह राव को सेक्टर छह की जिम्मेदारी मिली है, जो पहले पूर्व विधायक धर्मवीर सिंह के पास थी। इन बदलावों के बावजूद, सेक्टर एक में पूर्व सांसद रामजी गौतम और सेक्टर दो में पूर्व सांसद राजाराम अपनी पूर्व जिम्मेदारियों पर बने रहेंगे, जो स्थिरता और अनुभव का संयोजन दर्शाता है।
छह सेक्टरों में बंटा देश: आकाश आनंद करेंगे समीक्षा
BSP सुप्रीमो मायावती ने संगठन की दृष्टि से पूरे देश को छह सेक्टरों में बांटा है। हर सेक्टर में तीन से चार राज्यों को शामिल किया गया है, जिसका उद्देश्य जमीनी स्तर पर पार्टी की पहुंच और प्रभाव को बढ़ाना है। इन सभी सेक्टरों के केंद्रीय कोऑर्डिनेटरों के कामों की समीक्षा का जिम्मा राष्ट्रीय संयोजक आकाश आनंद को सौंपा गया है। यह व्यवस्था पार्टी को एक केंद्रीकृत और कुशल दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी, खासकर भविष्य के चुनावों को देखते हुए।
कांशीराम पुण्यतिथि: 2027 के यूपी चुनाव की रणनीति
संगठनात्मक फेरबदल के साथ ही, बहुजन समाज पार्टी (BSP) इन दिनों पार्टी संस्थापक Kanshiram Punyatithi (9 अक्टूबर) पर एक बड़े कार्यक्रम की तैयारी में जुटी है। कार्यकर्ताओं से इस कार्यक्रम में ज्यादा से ज्यादा भीड़ जुटाने को कहा गया है, जिससे पार्टी अपनी ताकत का प्रदर्शन कर सके। बताया जा रहा है कि मायावती इस भव्य कार्यक्रम के जरिए 2027 में होने वाले यूपी विधानसभा चुनावों के लिए एक बड़ा संदेश देना चाहती हैं। यह कार्यक्रम पंचायत चुनाव के जरिए अपनी सियासी जमीन मजबूत करने की एक व्यापक रणनीति का हिस्सा भी है।
पिछले दिनों मायावती ने खुद पार्टी पदाधिकारियों की बैठक में तैयारियों का जायजा लिया था और इसे सफल बनाने के निर्देश दिए थे। BSP लखनऊ में प्रदेश स्तरीय कार्यक्रम आयोजित करने जा रही है, जहां सालों बाद अपनी ताकत दिखाएगी। इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम में मायावती के साथ आकाश आनंद भी मंच साझा करेंगे, जो पार्टी के भविष्य की दिशा और नेतृत्व के संयोजन का स्पष्ट संकेत है। यह कार्यक्रम न केवल कांशीराम को श्रद्धांजलि होगी, बल्कि आगामी चुनावों के लिए पार्टी के इरादों का भी एक बड़ा प्रदर्शन होगा।



