लखनऊ का कैंट क्षेत्र एक बार फिर तेंदुए के कथित sightings को लेकर सुर्खियों में है। पिछले चार दिनों में दूसरी बार, रुचि खंड के निवासियों द्वारा सड़क किनारे चहलकदमी करते एक तेंदुए की फोटो मोबाइल में कैद कर सोशल मीडिया पर वायरल किए जाने के बाद इलाके में हड़कंप मच गया है। इस वायरल photo ने स्थानीय लोगों में भय का माहौल बना दिया है, जिसके बाद वन विभाग की टीम और अधिक सक्रिय हो गई है।
वायरल तस्वीर पर वन विभाग का बयान: सच्चाई या भ्रम?
जहां एक ओर स्थानीय लोगों में इस तस्वीर को लेकर दहशत है, वहीं वन विभाग के डीएफओ सितांशु पांडेय ने इसे लेकर गंभीर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि जिस हाफ डाले के बगल तेंदुआ खड़ा होने की तस्वीर में दिखाया गया है, वह एडिटेड लगती है। गाड़ी का नंबर भी ठीक से नजर नहीं आ रहा है और न ही तेंदुए का चेहरा स्पष्ट है। डीएफओ ने viral photo को ‘निराधार’ बताते हुए इसकी सत्यता पर संदेह व्यक्त किया है।
वन विभाग की एक टीम ने तुरंत मौके पर पहुंचकर स्थानीय लोगों से बात की, लेकिन कहीं से भी इस नई तस्वीर से जुड़ी कोई पुख्ता जानकारी नहीं मिली। यहां तक कि स्थानीय पार्षद हिमांशु से भी इस संबंध में चर्चा की गई, लेकिन कोई ठोस सबूत हाथ नहीं लगा। वर्तमान में मौके पर टीम भेजकर search operation चलाया जा रहा है, लेकिन अभी तक तेंदुए की कोई ताजा सूचना नहीं मिली है।
वन विभाग की सक्रियता और सुरक्षा उपाय
इस स्थिति को देखते हुए, forest department की टीम ने माइक से अनाउंसमेंट कर लोगों से अंधेरे में घरों से बाहर न निकलने की अपील की है। तेंदुए को रेस्क्यू करने के लिए तीन टीमें गठित की गई हैं और कई trap cameras भी लगाए गए हैं। हालांकि, इन तमाम प्रयासों के बावजूद अभी तक वन विभाग की टीम तेंदुए को पकड़ने में कामयाब नहीं हो पाई है, जिससे Cantt area में दहशत का माहौल बरकरार है। यह एक महत्वपूर्ण wildlife sighting है, जिस पर अधिकारी लगातार नज़र बनाए हुए हैं।
पहले भी दिखी थी लखनऊ में तेंदुए की मौजूदगी
यह पहला मौका नहीं है जब लखनऊ में leopard की मौजूदगी की खबरें आई हैं। बीते रविवार को तड़के सड़क पार करते हुए एक तेंदुए का वीडियो सामने आया था। उस घटना के बाद भी टीम मौके पर पहुंची थी और जांच में तेंदुए के पगचिह्न नजर आए थे। आनन-फानन में तीन टीमें और छह कैमरे लगाकर कॉम्बिंग और निगरानी शुरू की गई थी। हालांकि, उस दौरान भी तेंदुआ नहीं मिला और न ही कोई नए पगचिह्न के निशान मिले थे।
इससे पहले, 21 सितंबर को भी Cantt area में एक तेंदुआ मिला था, जिसका वीडियो एक कार सवार ने बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल किया था। उस समय भी वन विभाग की टीम को गन्ना संस्थान के पास तेंदुए के पैरों के निशान मिले थे। तब से क्षेत्र में forest department की टीम 24 घंटे ड्यूटी पर है और लगातार trap cameras लगाए गए हैं, लेकिन अभी तक न तो किसी टीम ने और न ही किसी trap camera में तेंदुआ कैद हुआ है। गन्ना अनुसंधान संस्थान और आसपास की आधा दर्जन कॉलोनियों के लोगों में तेंदुए के भय से दहशत बरकरार है। इस Lucknow leopard की तलाश जारी है, और सुरक्षा को लेकर सतर्कता बरती जा रही है।



