कानपुर से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां एक वकील को फंसाने के लिए ‘झूठे रेप केस’ (fake rape case) की गहरी साजिश रची गई। पुलिस ने अपनी चार्जशीट में खुलासा किया है कि कैसे एक युवती की मजबूरियों का फायदा उठाकर, उससे सादे कागजों (blank papers) पर अंगूठे के निशान लगवाकर एक वकील के खिलाफ फर्जी एफआईआर (FIR) दर्ज कराई गई। यह पूरा प्रकरण पुरानी दुश्मनी का नतीजा बताया जा रहा है।
वकील संदीप शुक्ला को फंसाने की साजिश: ब्लैंक पेपर्स का खेल
मामले की शुरुआत अधिवक्ता संदीप शुक्ला के खिलाफ एक युवती द्वारा दुष्कर्म की फर्जी एफआईआर से हुई। पुलिस की Police Charge Sheet में बताया गया है कि युवती को अपनी बड़ी बहन की शादी के लिए पैसों की सख्त जरूरत थी। इसी मजबूरी का फायदा उठाकर आरोपियों ने उसे 10 हजार रुपये दिए और इसके बदले ब्याज के नाम पर चार-पांच सादे कागजों (blank papers) पर उसके अंगूठे के निशान ले लिए। इन्हीं कागजों का इस्तेमाल कर कोर्ट के माध्यम से संदीप शुक्ला के खिलाफ दुष्कर्म की रिपोर्ट दर्ज करा दी गई। युवती को इस एफआईआर की कोई जानकारी नहीं थी।
कैसे खुली परतें? 161 और 164 के बयान
कोतवाली इंस्पेक्टर जगदीश प्रसाद पांडेय के अनुसार, इस fake rape case की गुत्थी सुलझाने के दौरान कई परतें खुलीं। चकेरी निवासी एक महिला की जान पहचान विनेश यादव से थी, जिसने बाद में उसे पप्पू स्मार्ट (Pappu Smart) से मिलवाया। पुलिस ने पाया कि एक एफआईआर कल्याणपुर थाने में संदीप पांडेय के खिलाफ भी दर्ज कराई गई थी, जबकि दूसरी एफआईआर नौबस्ता थाने में लाल बंगले की एक युवती के नाम पर संदीप शुक्ला के खिलाफ हुई थी। यह दूसरी युवती, जिसे संदीप शुक्ला के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के लिए इस्तेमाल किया गया था, को हिरासत में लेकर जब पूछताछ की गई, तो उसने संदीप शुक्ला को पहचानने से साफ इनकार कर दिया। उसके 161 और 164 के बयान दर्ज किए गए, जिससे यह स्पष्ट हो गया कि उसे संदीप शुक्ला के खिलाफ फंसाया गया था।
गुड्डू गुप्ता और पप्पू स्मार्ट की भूमिका: पैसे का लालच
पुलिस जांच में सामने आया कि लाल बंगला निवासी युवती घरों में साफ-सफाई का काम करती थी। वह गुड्डू गुप्ता (Gooddu Gupta) की दुकान से साड़ी और अन्य सामान खरीदती थी। कुछ साल पहले जब उसकी बड़ी बहन की शादी के लिए उसे पैसों की जरूरत पड़ी, तो उसने गुड्डू गुप्ता (Gooddu Gupta) से ब्याज पर कुछ रुपये मांगे। गुड्डू ने उसकी मुलाकात पप्पू स्मार्ट (Pappu Smart) से कराई। इसके बाद पप्पू स्मार्ट उसे स्कूटी पर बिठाकर अखिलेश दुबे के पास ले गया, जहां उसे 10 हजार रुपये दिए गए। इन रुपयों की ‘गारंटी’ के नाम पर ही उससे चार-पांच कागजों पर अंगूठे के निशान लिए गए। युवती को कतई अंदाजा नहीं था कि उसके इन्हीं निशानों का इस्तेमाल एक fake rape case और एफआईआर (FIR) के लिए किया जाएगा।
पुरानी दुश्मनी का बदला: जमीन विवाद से ‘झूठा रेप केस’ तक
पुलिस के मुताबिक, इस पूरे मामले के पीछे एक पुराना जमीन विवाद और बदला लेने की भावना थी। संदीप शुक्ला ने पहले पप्पू स्मार्ट (Pappu Smart) और गुड्डू गुप्ता (Gooddu Gupta) के खिलाफ जमीन पर कब्जा करने को लेकर एक एफआईआर (FIR) दर्ज कराई थी। इसी का बदला लेने के लिए इन दोनों ने मिलकर संदीप शुक्ला को इस ‘झूठे रेप केस’ (fake rape case) में फंसाने की साजिश रची। उनका मकसद एफआईआर खत्म करने के बदले संदीप शुक्ला से मोटी रकम ऐंठना भी था। पुलिस की यह Police Charge Sheet इस सनसनीखेज साजिश की पूरी पोल खोलती है।



