जदयू के राष्ट्रीय महासचिव और ग्रामीण कार्य मंत्री Ashok Choudhary ने हाल ही में जन सुराज द्वारा उन पर लगाए गए सभी आरोपों को निराधार बताया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनकी छवि को धूमिल करने और जनता को गुमराह करने के उद्देश्य से तथ्यों को तोड़-मरोड़ कर प्रस्तुत किया जा रहा है। उन्होंने इन आरोपों को अपनी राजनीतिक प्रतिष्ठा पर हमला और बदनाम करने की एक सोची-समझी साज़िश करार दिया है।
पत्नी की संपत्ति का विवरण: वर्षों से सार्वजनिक डोमेन में
Jan Suraj द्वारा उनकी धर्मपत्नी के नाम पर किए गए तथाकथित भ्रामक खुलासे पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए, अशोक चौधरी ने कहा कि उनकी पत्नी से संबंधित संपत्ति, निवेश अथवा ऋण का हर विवरण पहले से ही उनकी वार्षिक संपत्ति विवरणी में दर्ज है। यह विवरणी सार्वजनिक अभिलेख का हिस्सा है और बिहार के प्रत्येक नागरिक के लिए सहज रूप से उपलब्ध है। उन्होंने जोर देकर कहा कि जिस जानकारी को ‘खुलासा’ बताकर सनसनीखेज ढंग से पेश किया जा रहा है, वह दरअसल वर्षों से सार्वजनिक डोमेन में मौजूद है। ऐसे तथ्यों को इस तरह प्रस्तुत करना केवल जनता को गुमराह करने और भ्रामक प्रचार फैलाने का एक असफल प्रयास है। यह Property Disclosure बिहार में पूरी पारदर्शिता के साथ किया जाता है।
संस्थागत जुड़ाव और बेटी की संपत्ति पर सफाई
चौधरी ने उन दावों को भी खारिज किया जिसमें किसी संस्था से उनके जुड़ाव का प्रश्न उठाया जा रहा है। उन्होंने बताया कि आरोप लगाने वाले स्वयं यह स्वीकार कर रहे हैं कि इसके समर्थन में कोई ठोस साक्ष्य मौजूद नहीं है और केवल परिस्थितिजन्य बातों के आधार पर कयास लगाए जा रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि जिस संस्था से उनका न तो प्रत्यक्ष और न ही अप्रत्यक्ष कोई लेना-देना है, उस पर टिप्पणी करना सरासर हास्यास्पद और निरर्थक है। उनकी बेटी की संपत्ति पर भी सवाल उठाए जा रहे हैं, जबकि उस संबंध में सभी विवरण पूर्व में ही सार्वजनिक रूप से साझा किए जा चुके हैं। उन्होंने कहा कि इस विषय में अब जो बातें उठाई जा रही हैं, वे कोई नई जानकारी नहीं हैं, बल्कि पहले से उपलब्ध बातों की ही पुनरावृत्ति मात्र है। इस तरह के आरोप Bihar Politics में आम हैं, लेकिन तथ्य हमेशा सामने आते हैं।
जन सुराज के आरोपों को बताया निराधार
अशोक चौधरी ने दोहराया कि Jan Suraj ने उन पर जो आरोप लगाए हैं, वह सभी निराधार हैं और उनकी छवि को Defamation के इरादे से धूमिल करने के उद्देश्य से तथ्यों को तोड़-मरोड़ कर प्रस्तुत किया जा रहा है। उन्होंने चेतावनी दी कि जनता को गुमराह करने के ऐसे किसी भी प्रयास को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और सच्चाई न्यायालय एवं जनमानस के सामने स्वतः उजागर होगी।


