राजस्थान की राजधानी जयपुर स्थित हाई सिक्योरिटी सेंट्रल जेल से दो कैदियों के फरार होने की सनसनीखेज घटना ने पूरे प्रदेश में हड़कंप मचा दिया है। इस मामले में पुलिस ने फरार हुए एक कैदी को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है, वहीं जेल प्रशासन ने लापरवाही बरतने के आरोप में सात प्रहरियों को निलंबित कर दिया है। निलंबित किए गए प्रहरियों में दो महिला प्रहरी भी शामिल हैं। यह पूरा मामला Jaipur Jail escape के नाम से सुर्खियों में बना हुआ है।
कैसे हुआ फरार? पूरी योजना का खुलासा
घटना शनिवार सुबह की बताई जा रही है, जब चोरी के मामलों में सजा काट रहे नवल किशोर महावर और अनस उर्फ दानिश ने जेल की 27 फीट ऊंची दीवार को फांदकर भागने में सफलता हासिल की। पुलिस के अनुसार, कैदियों ने रबर पाइप की मदद से पहले दीवार पर चढ़ाई की और फिर करंट वाले तार को पार किया। चौंकाने वाली बात यह है कि रबर पाइप आमतौर पर सुरक्षित स्थान पर रखा जाता है, लेकिन दोनों कैदी इसे चुराने में सफल रहे।
जांच में सामने आया है कि कैदियों ने पूरी योजना पहले से ही बना रखी थी। उन्होंने जेल के अंदर तीन बैरिकेड्स और उन पर तैनात गार्डों को चकमा दिया। इसके बाद मुलाकात कक्ष के पास रखे पानी के पाइप को चुरा लिया। इसी पाइप का इस्तेमाल उन्होंने ऊंची दीवार और सुरक्षा तार को पार करने में किया। शुक्रवार देर रात 2.10 बजे बैरक में बाथरूम के रोशनदान का सरिया तोड़कर कैदी बाहर निकले, फिर 3.40 बजे जेल से बाहर भागने में सफल रहे। वे प्लास्टिक के पानी के पाइप के जरिए नीचे उतरे और पाइप व लकड़ी से थ्री फेस के तारों में निकलने के लिए जगह बनाई। रोल कॉल के दौरान सुबह 5.30 बजे जेल प्रशासन को उनके भागने का पता चला, जिसके बाद 6 बजे पुलिस को सूचना दी गई।
तत्काल कार्रवाई: एक कैदी गिरफ्तार, 7 प्रहरी निलंबित
घटना के तुरंत बाद जेल प्रशासन और Rajasthan Police में हड़कंप मच गया। पुलिस ने तेजी से सर्च ऑपरेशन शुरू किया और फरार कैदियों में से एक, अनस को पकड़ने में सफलता मिली। उसके सिर में चोट के निशान मिले हैं, अनस ने बताया कि दीवार फांदने के दौरान वह गिर गया था, जिससे उसके सिर पर चोट आई है। हालांकि, दूसरा कैदी नवल किशोर अभी भी फरार है और उसकी तलाश जारी है। इस गंभीर मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए जेल प्रशासन ने सात प्रहरियों को निलंबित कर दिया है, जिसमें दो महिला प्रहरी भी शामिल हैं। यह एक बड़ा prisoner escape का मामला है।
सुरक्षा व्यवस्था पर उठे गंभीर सवाल, जांच कमेटी गठित
इस घटना ने एक बार फिर जेल सुरक्षा व्यवस्था (Jail security) पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं कि इतने कड़े इंतजामों के बावजूद कैदी किस तरह फरार हो गए। एक High-security jail से इस तरह का पलायन सुरक्षा प्रोटोकॉल में बड़ी कमी उजागर करता है। मामले की गंभीरता को देखते हुए डीआईजी जेल स्तर पर एक जांच कमेटी का गठन किया गया है। यह कमेटी पूरी घटना की बारीकी से जांच करेगी और दोषियों के खिलाफ आगे की कार्रवाई तय करेगी। फिलहाल पुलिस आसपास के इलाकों में अलर्ट मोड पर है और दूसरे कैदी की तलाश में लगातार दबिश दी जा रही है। यह घटना भविष्य में जयपुर जेल (Jaipur Jail) में सुरक्षा उपायों को मजबूत करने की आवश्यकता को दर्शाती है।



