आईपीएल इतिहास के पन्नों में कुछ विवाद ऐसे दर्ज हैं, जिन्हें चाहकर भी भुलाया नहीं जा सकता। ऐसा ही एक किस्सा है आईपीएल 2008 का, जब हरभजन सिंह और एस. श्रीसंत के बीच मैदान पर एक ऐसी घटना घटी जिसने पूरे क्रिकेट जगत को हिला दिया था। करीब 17 साल बाद, इस बहुचर्चित ‘थप्पड़ विवाद’ को लेकर पूर्व आईपीएल कमिश्नर ललित मोदी ने चौंकाने वाला खुलासा किया है और एक अनदेखा वीडियो जारी कर दिया है।
क्या था 2008 का वो विवाद?
आईपीएल के पहले ही सीज़न में, मुंबई इंडियंस और पंजाब किंग्स (तत्कालीन किंग्स इलेवन पंजाब) के बीच एक मैच के बाद यह घटना हुई थी। खिलाड़ियों के हाथ मिलाने के दौरान, हरभजन सिंह ने तेज गेंदबाज श्रीसंत को जोरदार चांटा जड़ दिया था। उस वक्त इस घटना को सार्वजनिक नहीं किया गया था और टीवी कैमरों पर भी इसे नहीं दिखाया गया। श्रीसंत को रोते हुए देखकर कई साथी खिलाड़ी हैरान रह गए थे और उन्हें शांत कराने में जुट गए थे।
ललित मोदी ने खोले राज
ललित मोदी ने हाल ही में एक पॉडकास्ट में इस घटना का पूरा ब्यौरा दिया। उन्होंने बताया कि उस वक्त टीवी कैमरे बंद थे, लेकिन उनके निजी सुरक्षा कैमरे में यह पूरा वाकया कैद हो गया था। मोदी के अनुसार, “मैच खत्म होने के बाद जब खिलाड़ी एक-दूसरे से हाथ मिला रहे थे, तब हरभजन ने श्रीसंत को बुलाया और उन्हें एक बैकहैंडर (थप्पड़) जड़ दिया।” इस घटना के बाद, ललित मोदी ने हरभजन सिंह पर कठोर कार्रवाई करते हुए 11 मैचों का प्रतिबंध लगाया था, ताकि मैदान पर अनुशासनहीनता का एक मजबूत उदाहरण पेश किया जा सके।
सुलह और पछतावा
इस घटना ने उस समय काफी सुर्खियां बटोरी थीं। वीडियो में श्रीसंत को रोते हुए देखा जा सकता है, जिन्हें महेला जयवर्धने और इरफान पठान जैसे खिलाड़ी शांत करा रहे थे। हालांकि, समय के साथ हरभजन सिंह ने कई बार अपने इस कृत्य के लिए सार्वजनिक रूप से माफी मांगी। 2019 में उन्होंने इसे अपने जीवन के सबसे बड़े अफसोसों में से एक बताया। वहीं, श्रीसंत ने भी 2023 में इस विवाद को छोटा बताते हुए कहा था कि हरभजन पा (भाई) ने हमेशा उनका साथ दिया है और यह बस एक गलतफहमी थी जिसे मीडिया ने बड़ा बना दिया था। उन्होंने यह भी बताया कि भज्जी ने उन्हें कमेंट्री के लिए भी टिप्स दिए हैं, जो उनकी दोस्ती का प्रमाण है।
आईपीएल के इतिहास में यह घटना हमेशा एक यादगार और विवादास्पद पल के रूप में दर्ज रहेगी। ललित मोदी के इस खुलासे से 17 साल पुराने इस रहस्य पर से पर्दा उठ गया है, जो दिखाता है कि मैदान पर भले ही गरमा-गरमी हो, लेकिन खिलाड़ी आपसी सम्मान और दोस्ती के रिश्ते को कभी नहीं तोड़ते।



