इंदौर, मध्य प्रदेश: भक्ति और साधना का अद्वितीय संगम इस बार `Indore` शहर में देखने को मिलेगा, जहाँ पहली बार 10 दिनों की सामान्य नवरात्र के बजाय 11 दिवसीय शक्ति उपासना का भव्य आयोजन होने जा रहा है। 22 सितंबर से 2 अक्टूबर तक वीआईपी परस्पर नगर में आयोजित होने वाला यह अति विशाल `Navratri` महोत्सव देश-विदेश के श्रद्धालुओं को आकर्षित कर रहा है।
अंतर्राष्ट्रीय सहभागिता और विशाल आयोजन स्थल
यह अद्भुत `Spiritual Festival` सिर्फ भारत के 20 राज्यों से ही नहीं, बल्कि अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया सहित सात अन्य देशों के श्रद्धालुओं की मेजबानी करेगा। 25 एकड़ के विशाल क्षेत्र में फैले इस आयोजन स्थल पर लाखों भक्तों के लिए सभी सुविधाओं का विशेष ध्यान रखा गया है।
समृद्धि की देवी महालक्ष्मी की विशेष पूजा
इस महोत्सव का मुख्य आकर्षण 11 हजार स्वर्णलेपित कलशों की स्थापना है, जिनके माध्यम से समृद्धि की देवी `Maha Lakshmi` की `Puja` की जाएगी। इन कलशों को सिद्ध करने के लिए 1 करोड़ मंत्रों का जाप, 1 करोड़ कुमकुम अर्चना और 10 लाख आहुतियां दी जाएंगी। प्रतिदिन सुबह 10.30 बजे से दोपहर 2 बजे तक माता को आकर्षित करने की भावना से 351 प्रकार की सामग्रियां अर्पित की जाएंगी। यह `Kalash Sthapana` अनुष्ठान भक्तों के लिए विशेष महत्व रखता है।
दिव्य देवी भागवत कथा और सहस्रपाठ
प्रतिदिन शाम 7 बजे से रात 10 बजे तक दिव्य देवी भागवत कथा का आयोजन होगा। इसमें भगवती के विभिन्न रूपों, लीलाओं और महिमा का वर्णन मंत्रोच्चार के साथ किया जाएगा। जगदंबा का सहस्रपाठ भी भक्तिमय वातावरण को और भी पावन बनाएगा। यह कथा श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक शांति और ज्ञान प्रदान करेगी।
दुःख निवारण महायज्ञ का अलौकिक महत्व
भक्तों के दुःख निवारण की भावना से एक अलौकिक `Dukh Nivaran Mahayagya` भी संपन्न होगा। इस महायज्ञ में मां पद्मावती के साथ गणपति, भैरव, भगवान शंकर, मां पार्वती, नवग्रह और हनुमान जी की विशेष आराधना की जाएगी। सुख, शांति और समृद्धि की कामना के लिए विशेष मंत्रोच्चार किया जाएगा, जिससे भक्तों को मानसिक और आत्मिक बल मिलेगा।
दर्शन और अनुभव: 12 ज्योतिर्लिंग और 23 देवी स्वरूप
आयोजन स्थल पर 12 ज्योतिर्लिंगों और माता के 23 स्वरूपों की आकर्षक प्रतिकृतियां स्थापित की जाएंगी, जिनके दर्शन कर श्रद्धालु पुण्य लाभ प्राप्त कर सकेंगे। प्रवेश द्वार पर मां लक्ष्मी के वाहन उल्लू के चित्र बनाए गए हैं, जो आकर्षण का केंद्र रहेंगे। पंडाल के भीतर बादलों से पानी की बूंदें गिरने का अहसास भी श्रद्धालुओं को एक अनूठा अनुभव प्रदान करेगा।
महाराज वसंत विजयानंद गिरि का संदेश
वसन्त विजयानंद गिरि महाराज ने इस महोत्सव को नवरात्र में भक्ति और साधना का एक दुर्लभ संयोग बताया है। उनके अनुसार, यहाँ लाखों श्रद्धालु एकसाथ माता की आराधना करेंगे और उनके दिव्य अवतारों के साक्षी बनेंगे। कथा में शामिल होने वाले शोक-संताप से मुक्त होंगे, जिससे यह आयोजन मोक्ष और आत्मशुद्धि का मार्ग प्रशस्त करेगा।
घटस्थापना के शुभ मुहूर्त
जो श्रद्धालु अपने घरों में घटस्थापना करना चाहते हैं, उनके लिए हस्त नक्षत्र और शुक्ल योग में शुभ मुहूर्त रहेंगे। विभिन्न चौघड़िया अनुसार भी विशिष्ट मुहूर्त उपलब्ध होंगे, जिनमें शुभ कार्य किए जा सकते हैं।



