Snake Bite Indore: मध्य प्रदेश के इंदौर शहर से एक बेहद दुखद खबर सामने आई है, जिसने पूरे पुलिस विभाग और आम जनता को स्तब्ध कर दिया है। सांप पकड़ने के अनुभवी माने जाने वाले एक जांबाज़ कांस्टेबल संतोष की कोबरा के डसने से मौत हो गई। यह घटना एक बार फिर इस बात को रेखांकित करती है कि वन्यजीवों, विशेषकर खतरनाक सांपों से निपटना कितना जोखिम भरा हो सकता है, भले ही व्यक्ति कितना भी अनुभवी क्यों न हो। इस दर्दनाक घटना का वीडियो भी सामने आया है, जो बताता है कि कैसे एक छोटी सी चूक जानलेवा साबित हो सकती है।
इंदौर के ‘सर्पमित्र’ की जानलेवा चूक
मृतक कांस्टेबल संतोष मध्य प्रदेश पुलिस की फर्स्ट बटालियन में तैनात थे। उन्हें सांपों को पकड़ने का काफी अनुभव था और अक्सर वे शहर में सांप निकलने की सूचना पर उन्हें बचाने पहुंच जाते थे। शनिवार रात करीब 9 बजे, उन्हें पुलिस विभाग के अस्तबल में सांप होने की सूचना मिली। संतोष तुरंत वहां पहुंच गए, जैसा कि वे अक्सर करते थे। लेकिन इस बार, उन्होंने एक बड़ी लापरवाही कर दी – उन्होंने बिना दस्ताने और किसी भी सुरक्षा उपकरण के सीधे अपने हाथ से कोबरा को पकड़ने की कोशिश की।
बताया जाता है कि उस समय सांप एक खिड़की पर बैठा हुआ था। संतोष ने फुर्ती से उसके फन को दबोच लिया, लेकिन इसी दौरान सांप ने उन्हें डस लिया। यह एक घातक snake bite थी। साथियों ने बिना देर किए संतोष को अस्पताल पहुंचाया, लेकिन गंभीर हालत के कारण इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। इस cobra attack ने न केवल एक जीवन छीन लिया, बल्कि उन सभी लोगों के लिए एक चेतावनी भी छोड़ दी है जो बिना पर्याप्त प्रशिक्षण और उपकरणों के सांपों से निपटते हैं।
परिवार और पुलिस विभाग में शोक की लहर
इंदौर के निवासी संतोष अपने पीछे अपनी पत्नी, एक बेटा और एक बेटी छोड़ गए हैं। उनकी आकस्मिक और दुखद मौत ने पूरे परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया है। Indore police विभाग में भी शोक की लहर है, क्योंकि उन्होंने एक बहादुर और अनुभवी साथी को खो दिया है। संतोष को सांपों को बचाने के उनके निस्वार्थ प्रयासों के लिए जाना जाता था, लेकिन इस बार उनकी असावधानी उन पर भारी पड़ी।
सांप बचाव में सुरक्षा की अहमियत: एक सबक
यह घटना snake rescuer और आम जनता दोनों के लिए safety tips की अहमियत पर जोर देती है। सांपों को पकड़ना या उन्हें छेड़ना बेहद खतरनाक हो सकता है। वन्यजीव विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे मामलों में हमेशा प्रशिक्षित पेशेवरों की मदद लेनी चाहिए जो विशेष सुरक्षा उपकरणों जैसे सांप पकड़ने वाली चिमटी, दस्ताने और जूते का इस्तेमाल करते हैं। बिना सुरक्षा के सांपों के करीब जाना बेहद जोखिम भरा होता है, खासकर कोबरा जैसे विषैले सांपों के मामले में।
जब सर्पमित्रों पर भारी पड़ी नियति
यह कोई पहली घटना नहीं है जब सांपों को बचाने वाले किसी व्यक्ति ने अपनी जान गंवाई हो। हाल ही में, मैहर में प्रसिद्ध सर्पमित्र राकेश गिरी महाराज को भी सांप ने डस लिया था, जिससे उनकी मौत हो गई थी। इससे पहले, पिछले साल जुलाई में गुना में भी एक snake rescuer की कोबरा के डसने से जान चली गई थी। ये घटनाएं हमें याद दिलाती हैं कि सांपों से निपटते समय कितनी सावधानी और सम्मान की आवश्यकता होती है।
कांस्टेबल संतोष की शहादत हमें यह सिखाती है कि चाहे कितना भी अनुभव क्यों न हो, सुरक्षा नियमों का पालन करना अत्यंत आवश्यक है। यह घटना सभी के लिए एक गंभीर चेतावनी है कि प्रकृति के इन जीवों से छेड़छाड़ जानलेवा साबित हो सकती है।



